फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   london big ban tower clock starts after 66 year at punjab

OMG: लंदन में बजने वाले घंटे की गूंज पंजाब में

Sat, 14 Mar 2015 09:28 AM IST
महेश कुमार/अमर उजाला, कपूरथला
महेश कुमार/अमर उजाला, कपूरथला Updated Sat, 14 Mar 2015 09:28 AM IST
विज्ञापन
london big ban tower clock starts after 66 year at punjab

लंदन के बिग बैन टावर पर लगे क्लाक का अलार्म पंजाब की हेरिटेज सिटी कपूरथला में गूंजने लगा है। वहां बजने वाली घंटियां यहां बराबर सुनाई दे रही है। यह पढ़कर शायद आप हैरान हो गए, लेकिन यह सच्चाई है।

विज्ञापन


बस, फर्क इतना है कि लंदन में स्थापित क्लाक टावर की तरह का टावर हेरिटेज सिटी कपूरथला के पंच मंदिर के सामने स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल(घंटा घर) में स्थापित है। बैनसन कंपनी ने केवल दो ही क्लाक बनाए थे, जिनमें से एक तो लंदन में स्थापित हो गया और दूसरा 1893 में कपूरथला रियासत के महाराजा जगजीत सिंह ने मंगवाकर 1901 में यहां स्थापित करवा दिया।
विज्ञापन


2007 से यह क्लाक खराब था, जिसे डीसी कपूरथला दलजीत सिंह मांगट ने ठीक करवाने का मन बनाया। करीब 10-15 दिन पहले डीसी ने कलकत्ता की आईटीसी कंपनी के अधिकारियों से बात करके इस क्लाब को दोबारा चालू करने की बात कही तो वह राजी हो गए। इस क्लाक पुरानी खूबसूरती और अलार्म को बरकरार रखने के लिए कंपनी ने मैकेनिक भेज दिए। अब यह क्लाक अपनी पुरानी सेवाएं देने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

2007 के बाद से यह क्लाक बंद था

london big ban tower clock starts after 66 year at punjab

डीसी ने बताया कि 2003 में तत्कालीन डीसी ने भी इसे मरम्मत करवाकर चालू करवाया था, लेकिन 2007 के बाद से यह क्लाक बंद था। उन्होंने बताया कि इस पुरानी शैली वाले क्लाक को रियासत के महाराजा जगजीत सिंह ने लंदन से मंगवाया था। पूरे विश्व में इस तरह के दो ही क्लाक हैं, जो एक यहां है और दूसरा लंदन के बिग बैन टावर में स्थापित है।

डीसी ने बताया कि इस क्लाक को पूरी तरह से चालू हालत में लाने के बाद इसकी सुरक्षा के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो इसे चालू रखने के लिए एक सप्ताह बाद बाकायदा इसकी चाबी भी भरेगा।

डा. अंबेडकर मिशन सोसायटी के गुरमुख सिंह ढोड ने बताया कि 1972 में शांतिपूर्ण माहौल होने के कारण इस क्लाक टावर की गूंज पूरे शहर में सुनाई देती थी। इसकी खासियत यह थी कि अगर दस बजे हैं तो दस बार इस क्लाक टावर की घंटियां गूंजेंगी। लेकिन आजकल के शोरगुल में दिन में तो इसकी गूंज सुनाई नहीं देगी। रात को भी अलार्म की गूंज बहुत कम ही सुनाई देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed