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गुरदासपुर में रहा है कांग्रेस का दबदबा
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 29 Mar 2014 04:33 PM IST
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पंजाब में खडूर साहिब, फरीदकोट व फिरोजपुर लोकसभा सीटों को अकाली दल का गढ़ कहा जा सकता है, वहीं लोकसभा क्षेत्र गुरदासपुर ने पिछले दस आम चुनावों के दौरान ज्यादातर मौकों पर कांग्रेस का साथ दिया है।
1980 से 1996 तक हुए पांच लोकसभा चुनावों में गुरदासपुर सीट पर कांग्रेस यानी सुखबंस कौर भिंडर का दबदबा रहा। 1998 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में विनोद खन्ना ने गुरदासपुर में भिंडर के वर्चस्व को तोड़ा। उसके बाद अगले तीन चुनावों के दौरान यहां विनोद खन्ना की तूती बोलती रही।
2009 में उनके विजय रथ को पंजाब कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने रोका। 1977 से अब तक हुए आम चुनावों में गुरदासपुर से कांग्रेस को 6, भाजपा को 3 और भारतीय लोक दल को एक बार जीत मिली।
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1980 से 1996 तक हुए पांच लोकसभा चुनावों में गुरदासपुर सीट पर कांग्रेस यानी सुखबंस कौर भिंडर का दबदबा रहा। 1998 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में विनोद खन्ना ने गुरदासपुर में भिंडर के वर्चस्व को तोड़ा। उसके बाद अगले तीन चुनावों के दौरान यहां विनोद खन्ना की तूती बोलती रही।
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2009 में उनके विजय रथ को पंजाब कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने रोका। 1977 से अब तक हुए आम चुनावों में गुरदासपुर से कांग्रेस को 6, भाजपा को 3 और भारतीय लोक दल को एक बार जीत मिली।
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ऐसा भी रहा गुरदासपुर में चुनावी समीकरण
1977 में भारतीय लोक दल के यज्ञ दत्त को मिली जीत के बाद 1996 तक यह सीट कांग्रेस के नाम हो गई। यहां से 1980, 1985, 1989, 1992 तथा 1996 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सुखबंस कौर भिंडर ने अपने प्रतिद्विदियों को बड़े अंतर से हराया।
इनमें भाजपा और शिरोमणि अकाली दल दोनों के ही प्रत्याशी थे। 1985 और 1996 में शिअद व भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़े थे वहीं, 1989 और 1992 में शिअद ने अपने प्रत्याशी ही मैदान में नहीं उतारे थे।
सुखबंस कौर भिंडर को विनोद खन्ना ने उन्हें 1998, 1999 और 2004 में हराया। 2009 के चुनाव में विनोद खन्ना कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा से 8342 मतों के अंतर से हार गए।
इनमें भाजपा और शिरोमणि अकाली दल दोनों के ही प्रत्याशी थे। 1985 और 1996 में शिअद व भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़े थे वहीं, 1989 और 1992 में शिअद ने अपने प्रत्याशी ही मैदान में नहीं उतारे थे।
सुखबंस कौर भिंडर को विनोद खन्ना ने उन्हें 1998, 1999 और 2004 में हराया। 2009 के चुनाव में विनोद खन्ना कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा से 8342 मतों के अंतर से हार गए।
पिछले दस लोकसभा चुनाव एक नजर में
वर्ष----------------लोकसभा सदस्य--------------पार्टी
1977--------------यज्ञ दत्त--------------भारतीय लोक दल
1980--------------सुखबंस कौर भिंडर-----------कांग्रेस
1985--------------सुखबंस कौर भिंडर-----------कांग्रेस
1989--------------सुखबंस कौर भिंडर------------कांग्रेस
1992--------------सुखबंस कौर भिंडर------------कांग्रेस
1996--------------सुखबंस कौर भिंडर------------कांग्रेस
1998--------------विनोद खन्ना------------------भाजपा
1999--------------विनोद खन्ना------------------भाजपा
2004--------------विनोद खन्ना------------------भाजपा
2009--------------प्रताप सिंह बाजवा--------------कांग्रेस
1977--------------यज्ञ दत्त--------------भारतीय लोक दल
1980--------------सुखबंस कौर भिंडर-----------कांग्रेस
1985--------------सुखबंस कौर भिंडर-----------कांग्रेस
1989--------------सुखबंस कौर भिंडर------------कांग्रेस
1992--------------सुखबंस कौर भिंडर------------कांग्रेस
1996--------------सुखबंस कौर भिंडर------------कांग्रेस
1998--------------विनोद खन्ना------------------भाजपा
1999--------------विनोद खन्ना------------------भाजपा
2004--------------विनोद खन्ना------------------भाजपा
2009--------------प्रताप सिंह बाजवा--------------कांग्रेस