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नेताजी जरा संभल कर! ये माला कहीं कर न दे बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 28 Mar 2014 02:06 PM IST
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चुनाव का मौसम चरम पर है। लिहाजा, नेताजी चुनाव प्रचार पर भी परवान पर है। रैलियां भी हो रही हैं। नेताजी के समर्थक हैं कि फूल माला लेकर स्वागत में लगे हैं। पैसे बचाने के चक्कर में समर्थक एक ही माला कई बार नेताजी को पहना देते हैं।
माला एक हाथ से दूसरे हाथ में जाने से कई प्रकार के संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। फूलों में भी कई प्रकार के संक्रमण होते हैं। वहीं, ऋतु परिवर्तन का भी समय है। ऐसी ऋतु में मनुष्य में रोक प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
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माला एक हाथ से दूसरे हाथ में जाने से कई प्रकार के संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। फूलों में भी कई प्रकार के संक्रमण होते हैं। वहीं, ऋतु परिवर्तन का भी समय है। ऐसी ऋतु में मनुष्य में रोक प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
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नेताजी का यह हाल ...
नेताजी पदयात्रा के लिए पहुंचते हैं तो उनके समर्थक पहले से ही फूल माला लेकर खड़े रहते हैं। नेताजी के स्वागत में समर्थक तुरंत माला पहना देते हैं। हाल यह होता है कि नेताजी का गला और चेहरा ढक जाता है।
नेताजी माला उतारकर साथ में चल रहे समर्थकों को पकड़ा देते हैं। आगे चलकर समर्थक फिर वही माला नेताजी के गले में पहना देते हैं। ... और यह सिलसिला बदस्तूर चलता रहता है।
नेताजी माला उतारकर साथ में चल रहे समर्थकों को पकड़ा देते हैं। आगे चलकर समर्थक फिर वही माला नेताजी के गले में पहना देते हैं। ... और यह सिलसिला बदस्तूर चलता रहता है।
क्या है खतरा...
एक हाथ से दूसरे हाथ में माला जाने से और हाथ मिलाने से इंफेक्शन होता है। वायरल वैक्टिरियल बीमारी, जिसमें खांसी जुकाम, गला खराब और चर्म रोग होने का खतरा होता है।
ऐसे करें बचाव...
शहद, नीम, तुलसी, गिलोय और अश्वगंधा का प्रयोग करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहती है। ऋतु परिवर्तन हो रही है। ऐसे में नेताओं को विशेष ध्यान देने की की आवश्यकता है।
डॉ एसडी पांडेय, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष काय चिकित्सा विभाग, धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज सेक्टर-46 चंडीगढ़
डॉ एसडी पांडेय, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष काय चिकित्सा विभाग, धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज सेक्टर-46 चंडीगढ़