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शिरोमणि अकाली दल में सब ठीक नहीं, पार्टी के 6 वरिष्ठ नेताओं ने दिखाए बागी तेवर, कहा...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर/जालंधर
Updated Mon, 01 Oct 2018 09:25 AM IST
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CM Parkash singh badal & Sukhbir singh badal
- फोटो : File Photo
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लोकसभा चुनाव 2019 सिर पर हैं और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में सब ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के छह वरिष्ठ नेताओं ने बागी तेवर दिखा दिए हैं। राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद रविवार को अकाली दल के प्रमुख अकाली टकसाली नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उनके तेवर बागी थे।
इस दौरान सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, सांसद डा.रतन सिंह अजनाला, और पूर्व मंत्री जत्थेदार सेवा सिंह सेखवां के अलावा तीन पूर्व विधायकों मनमोहन सिंह सठियाला, अमरपाल सिंह बोनी अजनाला और रवींद्र सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि अगर पार्टी में सब ठीक होता तो वे यहां क्यों इकट्ठा होते। शिअद के वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह ढींढसा के पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही पार्टी के इन छह प्रमुख नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस की।
इस मौके पर रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि वह प्रकाश सिंह बादल के बाद पार्टी में दूसरे नंबर के नेता हैं। उन्होंने पार्टी की मजबूती के लिए 60 साल संघर्ष किया है। अकाली दल उनके लिए मां के समान है और इसे छोड़ने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आज हमने तीन महत्वपूर्ण मुद्दों एसजीपीसी, श्री अकाल तख्त साहिब और शिअद के बारे विचार किया गया।
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पार्टी सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल से बातचीत कर इनमें मिली कमियों का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल से संबंधित एक सवाल के जवाब में ब्रह्मपुरा ने कहा कि पार्टी की मजबूती के लिए माझा के नेता ऐसी मीटिंग हर सप्ताह करेंगे।
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इस दौरान सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, सांसद डा.रतन सिंह अजनाला, और पूर्व मंत्री जत्थेदार सेवा सिंह सेखवां के अलावा तीन पूर्व विधायकों मनमोहन सिंह सठियाला, अमरपाल सिंह बोनी अजनाला और रवींद्र सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि अगर पार्टी में सब ठीक होता तो वे यहां क्यों इकट्ठा होते। शिअद के वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह ढींढसा के पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही पार्टी के इन छह प्रमुख नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस की।
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इस मौके पर रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि वह प्रकाश सिंह बादल के बाद पार्टी में दूसरे नंबर के नेता हैं। उन्होंने पार्टी की मजबूती के लिए 60 साल संघर्ष किया है। अकाली दल उनके लिए मां के समान है और इसे छोड़ने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आज हमने तीन महत्वपूर्ण मुद्दों एसजीपीसी, श्री अकाल तख्त साहिब और शिअद के बारे विचार किया गया।
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पार्टी सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल से बातचीत कर इनमें मिली कमियों का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल से संबंधित एक सवाल के जवाब में ब्रह्मपुरा ने कहा कि पार्टी की मजबूती के लिए माझा के नेता ऐसी मीटिंग हर सप्ताह करेंगे।
राम रहीम की माफी का किया था विरोध
sukhbir badal
ब्रह्मपुरा ने कहा कि राम रहीम को माफी देते समय भी उन्होंने विरोध किया था और यदि भविष्य में भी कुछ गलत होता है तो उसका भी विरोध किया जाएगा। ब्रह्मपुरा ने बरगाड़ी कांड के दौरान सिखों की हत्या को गलत करार दिया व यह भी कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब पार्टी से ऊपर है। इसकी बेअदबी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
चंडीगढ़ में यूटी कैडर अलग किया तो भाजपा से गठबंधन का रिव्यू करेंगे
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा,रत्न सिंह अजनाला और सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि चंडीगढ़ में अगर यूटी कैडर अलग किया गया तो अकाली दल को भाजपा के साथ गठबंधन को रिव्यू करना होगा। अगर जरूरत पड़ी तो भाजपा से रिश्ता भी तोड़ दिया जाएगा। सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि सुखदेव सिंह ढींढसा हमारे परम मित्र हैं और सीनियर अकाली दल के मजबूत नेता थे, उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया, इस बात को सब जानते हैं। उनके जाने से पार्टी को फर्क तो पड़ेगा।
चंडीगढ़ में यूटी कैडर अलग किया तो भाजपा से गठबंधन का रिव्यू करेंगे
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा,रत्न सिंह अजनाला और सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि चंडीगढ़ में अगर यूटी कैडर अलग किया गया तो अकाली दल को भाजपा के साथ गठबंधन को रिव्यू करना होगा। अगर जरूरत पड़ी तो भाजपा से रिश्ता भी तोड़ दिया जाएगा। सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि सुखदेव सिंह ढींढसा हमारे परम मित्र हैं और सीनियर अकाली दल के मजबूत नेता थे, उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया, इस बात को सब जानते हैं। उनके जाने से पार्टी को फर्क तो पड़ेगा।