अर्जुन ने दी दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला को चुनौती, कहा-दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हूं
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प्रदेश में इनेलो व जेजेपी के बीच तल्खी और तेज होती जा रही है। अजय और अभय तो पहले ही आमने-सामने हैं। अब उनके बच्चों के बीच भी तकरार बढ़ती जा रही है। इसी के चलते जेजेपी की छात्र इकाई इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो) को टक्कर देने के लिए जहां इनेलो की भी छात्र इकाई आईएनएलडी स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (आईसो) का उदय हो चुका है। वहीं आईसो के अध्यक्ष अर्जुन चौटाला (अभय के बेटे) ने भाइयों दुष्यंत-दिग्विजय (अजय के बेटे) को भी चुनौती दे दी है।
चंडीगढ़ में बातचीत के दौरान अर्जुन चौटाला ने कहा कि वैसे तो इस वक्त उनके कंधे पर छात्र इकाई की जिम्मेदारी है। लेकिन इनेलो यदि इजाजत दे तो वे दुष्यंत व दिग्विजय दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
अर्जुन ने साफ कहा कि भले ही दोनों उनके ताऊ के बेटे और उनके भाई हैं। लेकिन अक्टूबर 2018 में इनेलो से अलग होने के बाद उन्होंने खुद भाईचारा खत्म किया है। अर्जुन ने कहा कि दुष्यंत कहते है कि उनकी दादा से तीन बार मुलाकात हुई है, ये भी झूठ हैं। उन्होंने कहा कि उनके दादा जब बहुत बीमार थे, तब भी दुष्यंत उनसे मिलने अस्पताल नहीं आए थे।
आईसो ने नियुक्त किए कालेजों के प्रधान
इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई आईएनएलडी छात्र संघ (आईसो) ने मंगलवार को विभिन्न कॉलेजों के पदाधिकारी नियुक्त किए। आईसो के राष्ट्रीय प्रभारी अर्जुन चौटाला व प्रदेशाध्यक्ष रामबीर बडाला ने छात्र संघ के पदाधिकारियों की भी घोषणा की।
पदाधिकारियों में अक्षय हथीरा को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व प्रद्युम्न चहल को यूनिवर्सिटी कॉलेज का, हितेश कुमार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय रेवाड़ी, नरविंद्र सिंह बबल को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, अंकुश मलिक को दीनबंधु छोटूराम साइंस और तकनीकी विश्वविद्यालय का और अंकुश जागलान को केएम कॉलेज नरवाना का अध्यक्ष बनाया गया है।
वहीं सुनील कादियान को एमडीयू का अध्यक्ष व विनित पंघाल को प्रभारी बनाया गया है साथ ही भारती शर्मा को छात्रा समन्वयक का जिम्मा सौंपा गया है। इनके अतिरिक्त करुण चौधरी को चंडीगढ़ का प्रभारी बनाया गया।