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अमृतसर में दांव पर लगी है बादलों की प्रतिष्ठा
पंकज शर्मा/अखिल तलवार/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Sun, 30 Mar 2014 02:33 PM IST
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गुरु की नगरी अमृतसर इस चुनावी महासमर में पंजाब की सबसे हॉट सीट बन गई है। भाजपा ने अपने कोटे की इस सीट से दिग्गज नेता अरुण जेटली को मैदान में उतारकर शुरुआती लीड ली थी लेकिन कांग्रेस ने जबरदस्त उलटफेर करते हुए जेटली के मुकाबले अपने ट्रंप कार्ड के रूप में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को मैदान में उतार दिया है।
कैप्टन के आने से अमृतसर की चुनावी जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। इस सीट से तीन बार जीते नवजोत सिद्धू की जगह पार्टी ने जेटली को लड़ाने का फैसला किया। जेटली को खुद डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने यहां से लड़ने का न्योता दिया था।
उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अमृतसर जेटली के लिए ब्लैंक चेक हैं। जेटली की उम्मीदवारी के समय कांग्रेस का कोई दमदार नेता चुनाव मैदान में नजर नहीं आ रहा था।
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पर पार्टी हाईकमान ने बाद में कैप्टन अमरिंदर को यहां से लड़ने का फरमान जारी कर दिया। अब इस सीट पर जेटली के साथ-साथ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, डिप्टी सीएम सुखबीर और इस हलके के दिग्गज बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
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कैप्टन के आने से अमृतसर की चुनावी जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। इस सीट से तीन बार जीते नवजोत सिद्धू की जगह पार्टी ने जेटली को लड़ाने का फैसला किया। जेटली को खुद डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने यहां से लड़ने का न्योता दिया था।
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उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अमृतसर जेटली के लिए ब्लैंक चेक हैं। जेटली की उम्मीदवारी के समय कांग्रेस का कोई दमदार नेता चुनाव मैदान में नजर नहीं आ रहा था।
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पर पार्टी हाईकमान ने बाद में कैप्टन अमरिंदर को यहां से लड़ने का फरमान जारी कर दिया। अब इस सीट पर जेटली के साथ-साथ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, डिप्टी सीएम सुखबीर और इस हलके के दिग्गज बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
जेटली हैं पूरी तरह अकाली दल के भरोसे
अरूण जेटली के मुकाबले कैप्टन का सिख चेहरा और भाजपा का एक सिख, नवजोत सिद्धू का टिकट काटना इस बार मुद्दा बन सकता है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में कैप्टन की छवि और लोकप्रियता भी जेटली पर भारी पड़ सकती है।
कैप्टन के रोड शो में जिस तरह सारे कांग्रेसी एकजुट हुए, उससे भी विपक्षी खेमा हैरान है। सभी गुटों के कांग्रेसियों के अलावा विधानसभा चुनाव में बागी होकर लड़े नेता भी कैप्टन के साथ आ गए हैं।
उधर, सिद्धू की विधायक पत्नी डॉ. नवजोत कौर ने साफ कर दिया है कि सिद्धू यहां प्रचार नहीं करेंगे। इसके बाद जेटली अब पूरी तरह अकाली दल के भरोसे हैं। शुरुआत में इसे जीती हुई सीट मान कर चल रहे शिअद-भाजपा गठबंधन के लिए अब यह लड़ाई आसान नहीं होगी।
अमृतसर की नौ विधानसभा सीटों में से छह पर गठबंधन और तीन पर कांग्रेसी विधायक जीते थे। आप ने जाने-माने नामी आई सर्जन डॉ. दलजीत सिंह को उतारा है, लेकिन अभी तक मुकाबला कांग्रेस और शिअद-भाजपा के बीच लग रहा है।
कैप्टन के रोड शो में जिस तरह सारे कांग्रेसी एकजुट हुए, उससे भी विपक्षी खेमा हैरान है। सभी गुटों के कांग्रेसियों के अलावा विधानसभा चुनाव में बागी होकर लड़े नेता भी कैप्टन के साथ आ गए हैं।
उधर, सिद्धू की विधायक पत्नी डॉ. नवजोत कौर ने साफ कर दिया है कि सिद्धू यहां प्रचार नहीं करेंगे। इसके बाद जेटली अब पूरी तरह अकाली दल के भरोसे हैं। शुरुआत में इसे जीती हुई सीट मान कर चल रहे शिअद-भाजपा गठबंधन के लिए अब यह लड़ाई आसान नहीं होगी।
अमृतसर की नौ विधानसभा सीटों में से छह पर गठबंधन और तीन पर कांग्रेसी विधायक जीते थे। आप ने जाने-माने नामी आई सर्जन डॉ. दलजीत सिंह को उतारा है, लेकिन अभी तक मुकाबला कांग्रेस और शिअद-भाजपा के बीच लग रहा है।
जानिए कौन और कब जीता चुनाव
1952 - गुरमुख सिंह मुसाफिर - कांग्रेस
1957 - गुरमुख सिंह मुसाफिर - कांग्रेस
1962 - गुरमुख सिंह मुसाफिर - कांग्रेस
1967 - यज्ञदत्त शर्मा - जनसंघ
1971 - दुर्गादास भाटिया - कांग्रेस
1977 - बलदेव प्रकाश - जनता पार्टी
1980 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1984 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1989 - किरपाल सिंह - आजाद
1991 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1996 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1998 - दया सिंह सोढी - भाजपा
1999 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
2004 - नवजोत सिंह सिद्धू - भाजपा
2007 - नवजोत सिंह सिद्धू - भाजपा
2009 - नवजोत सिंह सिद्धू - भाजपा
1957 - गुरमुख सिंह मुसाफिर - कांग्रेस
1962 - गुरमुख सिंह मुसाफिर - कांग्रेस
1967 - यज्ञदत्त शर्मा - जनसंघ
1971 - दुर्गादास भाटिया - कांग्रेस
1977 - बलदेव प्रकाश - जनता पार्टी
1980 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1984 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1989 - किरपाल सिंह - आजाद
1991 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1996 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
1998 - दया सिंह सोढी - भाजपा
1999 - रघुनंदन लाल भाटिया - कांग्रेस
2004 - नवजोत सिंह सिद्धू - भाजपा
2007 - नवजोत सिंह सिद्धू - भाजपा
2009 - नवजोत सिंह सिद्धू - भाजपा
अमृतसर में इतने हैं कुल वोटर
पुरुष वोटर : 942251
महिला वोटर : 848633
पोलिंग स्टेशन : 1920
तैनात पोलिंग कर्मचारी : 13013
जरूरत ईवीएम की : 2812
18 से 19 वर्ष तक के पुरुष वोटर : 24103
18 से 19 वर्ष तक के महिला वोटर : 13183
18 से 19 वर्ष तक के कुल वोटर : 37286
महिला वोटर : 848633
पोलिंग स्टेशन : 1920
तैनात पोलिंग कर्मचारी : 13013
जरूरत ईवीएम की : 2812
18 से 19 वर्ष तक के पुरुष वोटर : 24103
18 से 19 वर्ष तक के महिला वोटर : 13183
18 से 19 वर्ष तक के कुल वोटर : 37286