{"_id":"5cc6f1ebbdec22074b0a7d8a","slug":"lok-sabha-election-2019-widow-of-two-suicidal-farmer-filed-nomination-from-bathinda-seat","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुदकुशी कर चुके किसानों की विधवाओं ने किया नामांकन, हरसिमरत कौर बादल को देंगी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुदकुशी कर चुके किसानों की विधवाओं ने किया नामांकन, हरसिमरत कौर बादल को देंगी चुनौती
Mon, 29 Apr 2019 07:19 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 29 Apr 2019 07:19 PM IST
विज्ञापन
हरसिमरत कौर बादल
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुदकुशी कर चुके दो किसानों की विधवाओं ने अब बठिंडा से शिअद और कांग्रेस उम्मीदवार को चुनौती देने के लिए सोमवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
विज्ञापन
जिले के गांव ख्याला कलां की मंजीत कौर और गांव रल्ला की वीरपाल कौर ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि राजनेता उनके पतियों की खुदकुशी पर राजनीतिक रोटियां सेंक कर वोट हासिल करते हैं।
विज्ञापन
अब पहली बार खुदकुशी पीड़ित परिवारों की एक कमेटी गठित की गई है, जिसके तहत उन्होंने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में उतरी दोनों विधवाओं का कहना था कि पिछले दस साल से खुदकुशी पीड़ित किसान परिवार हरसिमरत कौर को वोट देते रहे हैं लेकिन हरसिमरत ने कभी उनका हाल नहीं जाना।
विज्ञापन
जब भी वे खुदकुशी पीड़ित परिवारों के मसले को लेकर सांसद बादल से मिलने जाते तो उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था। दुखी होकर पीड़ित परिवारों ने अब निर्णय किया कि वे अपने ही किसी पीड़ित परिवार को चुनाव मैदान में उतारेंगे।
मंजीत कौर ने कहा कि खुदकुशी पीड़ित परिवारों को जिला प्रशासन एवं सांसद बादल की तरफ से यह तक नहीं पूछा गया कि पीड़ित परिवारों को दो वक्त की रोटी नसीब होती है या नहीं।