लोकसभा चुनाव 2019: आप प्रत्याशी नरिंदर सिंह शेरगिल के नामांकन पर लटकी तलवार, कल आएगा फैसला
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श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी नरिंदर सिंह शेरगिल के नामांकन पत्र में 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान समय रहते खर्च का ब्योरा नहीं देने को लेकर मंगलवार को नामांकन रद्द होने की तलवार लटक गई है।
जानकारी के अनुसार शेरगिल द्वारा 2017 में मोहाली से लड़े गए विधानसभा चुनाव के दौरान समय रहते खर्चे की डिटेल जमा नहीं करवाई गई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य करार देते हुए 7 जून 2018 से लेकर 7 जून 2021 तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।
शेरगिल ने इसके बाद चुनाव आयोग के पास अपील भी दायर की थी, जिस पर चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया। 30 अप्रैल को इस अपील की कॉपी शेरगिल को मिली। शेरगिल के नामांकन को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद जिला चुनाव अधिकारी डॉ. सुमित जारंगल ने फिलहाल नामांकन पत्रों की पड़ताल दो मई तक स्थगित कर दी है।
शेरगिल ने हाईकोर्ट में इस अपील के खिलाफ याचिका दायर की और उसे चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी है। जानकारी के अनुसार याचिका में शेरगिल के वकील ने कहा कि उन्होंने संबंधित चुनाव दफ्तर में खर्चे संबंधी सभी ब्योरे जमा करवा दिए थे, हो सकता है कि आयोग के पास ब्योरा न पहुंचा हो। इस सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 2 मई को निश्चित की है।
मंगलवार को 11 बजे चुनाव अधिकारी सुमित जारंगल द्वारा नामांकन पत्रों की पड़ताल शुरू की गई जिस दौरान उन्होंने नरिंदर सिंह शेरगिल के नामांकन पत्रों में कमी निकाली। इसके तुरंत बाद शेरगिल इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चले गए। अब चुनाव अधिकारी द्वारा 2 मई को 11 बजे तक नामांकन पत्रों की पड़ताल की जाएगी जिसके बाद ही शेरगिल के नामांकन पर फैसला होगा कि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं।
अगर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी नरिंदर सिंह शेरगिल के नामांकन पत्र रद्द होते हैं तो उनके पिता भजन सिंह शेरगिल कवरिंग प्रत्याशी हैं और वही आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी होंगे।