फिरोजपुर सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहती है शिअद, सुखबीर बादल लड़ सकते हैं चुनाव
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शिरोमणि अकाली दल (ब) फिरोजपुर पर अपने 27 साल के कब्जे को बरकरार रखने के लिए इस बार बादल परिवार को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रहा है। बादल परिवार से उम्मीदवार उतरने के कारण फिरोजपुर सीट इस बार हॉट मानी जा रही है। चर्चा है कि यहां से सुखबीर बादल चुनाव लड़ सकते हैं। इसके संकेत कुछ दिन पहले जलालाबाद में आयोजित रैली में बिक्रम सिंह मजीठिया दे चुके हैं।
सुखबीर बादल विधानसभा क्षेत्र जलालाबाद से विधायक हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में सुखबीर ने 50 हजार 246 वोट से कांग्रेस के प्रत्याशी हंसराज जोसन को पराजित किया था। 2017 विधानसभा चुनाव में अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने सांसद शेर सिंह घुबाया के बेटे दविंदर सिंह घुबाया को टिकट देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सुखबीर और घुबाया के बीच दूरियां बन गई।
यही कारण था कि 2017 विधानसभा चुनाव में जलालाबाद में घुबाया ने सुखबीर की मदद नहीं की लेकिन फिर भी सुखबीर ने 9500 वोट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भगवंत मान को पराजित किया था। जलालाबाद से दो बार लगातार विधानसभा चुनाव जीतने के कारण ही सुखबीर को फिरोजपुर से चुनाव लड़ाने की योजना बनाई जा रही है।
पहले यहां से हरसिमरत कौर को चुनाव लड़ाया जा रहा था। हालांकि वो अब बठिंडा से ही चुनाव मैदान में उतरेंगी। सियासी जानकारों का कहना है कि बेअदबी मामले का बठिंडा में काफी असर है। फिरोजपुर सीट अकालियों को सुरक्षित नजर आ रही है। पिछले 27 साल से इस सीट पर अकालियों का कब्जा है।
जानकारों का कहना है कि कांग्रेस शेर सिंह घुबाया का इस्तेमाल कर अकालियों के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। घुबाया अकाली छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं जो लगातार दो बार अकाली दल से फिरोजपुर से लोकसभा चुनाव जीतते आए हैं।