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हरियाणा में 19460 लोग किसी भी प्रत्याशी को नहीं दे पाएंगे वोट, आयोग ने खुद बताई वजह

Sat, 04 May 2019 02:32 PM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 04 May 2019 02:32 PM IST
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Lok sabha election 2019, Prisoners will not be able to vote in Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

हरियाणा में 19460 लोग ऐसे हैं, जो किसी भी प्रत्याशियों के पक्ष में वोट नहीं डाल पाएंगे। यह वे मतदाता हैं, जो किसी न किसी मामले में प्रदेश की जेलों में बंद हैं। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन विभाग ने भी इस बात को स्पष्ट कर दिया है। इसके अलावा वे लोग जिन्हें प्रदेश में किसी मामले में नजरबंद किया गया हो, तो उन्हें मत देने का अधिकार रहेगा। 

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संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारी नजरबंदियों के लिए मतदान की व्यवस्था करवाएंगे। हरियाणा की 19 जेलों में करीब 19460 जेलबंदी हैं। इनमें 7083 कैदी तो विभिन्न मामलों में सजा काट रहे हैं, जिसमें 4170 उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अलावा 12377 व्यक्ति न्यायिक हिरासत में हैं। 
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हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. इंद्रजीत ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जो भी व्यक्ति जेल में है उसे वोट डालने का अधिकार नहीं होगा। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को नजरबंद किया हुआ है, वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है।

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फरीदाबाद जेल में सबसे ज्यादा बंदी

जानकारी के मुताबिक अंबाला जेल में 1224 बंदी, हिसार जेल वन में 1506, हिसार जेल टू में 701, रोहतक जेल में 1378, करनाल जेल में 2339, गुरुग्राम जेल में 2329, भिवानी जेल में 899, सिरसा जेल में 831, सोनीपत जेल में 1135, जींद जेल में 827, कुरुक्षेत्र जेल में 693, नारनौल जेल में 549, रेवाड़ी जेल में 105, कैथल जेल में 533, फरीदाबाद जेल में 2413, यमुनानगर जेल में 847, पलवल जेल में 48, पानीपत जेल में 59 व झज्जर जेल में 1044 बंदी हैं। 

चूके तो दो रुपये हो जाएंगे जब्त
उधर, किसी मतदाता की पहचान को चुनाव एजेंट द्वारा चुनौती दी जा सकती है। मतदान केंद्र पर यदि किसी मतदाता पर पोलिंग एजेंट को फर्जी मतदाता होने का संदेह हो, तो पोलिंग एजेंट उस व्यक्ति की पहचान को चुनौती दे सकता है। इसके लिए पोलिंग एजेंट को सबसे पहले प्रिजाइडिंग ऑफिसर के पास 2 रुपये नकद में जमा करवाने होंगे। 

जांच के बाद अगर पोलिंग एजेंट का दावा सही पाया जाता है तो उस व्यक्ति को वोट देने से रोक दिया जाएगा और उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। यदि एजेंट का दावा गलत पाया जाता है तो व्यक्ति को वोट देने की अनुमति दे दी जाएगी और पोलिंग एजेंट द्वारा जमा करवाए गए 2 रुपये की नकद राशि जब्त कर ली जाएगी।

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