पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल चंडीगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी, सिद्धू की पत्नी और तिवारी रेस से बाहर
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कांग्रेस ने एक बार फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल पर विश्वास जताते हुए उन्हें चंडीगढ़ लोकसभा सीट से टिकट दे दिया है। बंसल का टिकट फाइनल होते ही मनीष तिवारी और नवजोत कौर टिकट की रेस से बाहर हो गए हैं। नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में मंगलवार देर रात सर्वसम्मति से बंसल के नाम पर मुहर लगा दी गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा भी शामिल थे।
मंगलवार को छाबड़ा ने फोन पर बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल का टिकट फाइनल कर दिया है। चंडीगढ़ से टिकट के लिए बंसल के अलावा पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू की पत्नी डा. नवजोत कौर व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी भी दौड़ में थे। टिकट की सूचना मिलते ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और समर्थक बंसल के घर पहुंच गए।
सभी ने बंसल को बधाई दी और कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर डांस भी किया। साथ ही आतिशबाजी की गई। बता दें कि पवन बंसल चंडीगढ़ से चार बार सांसद रह चुके हैं। यूपीए वन व टू में वे केंद्रीय मंत्री रहे। रेलवे घोटाले में नाम आने पर उन्हें रेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। साल 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट देकर फिर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन वह भाजपा प्रत्याशी किरण खेर से हार गए।
संगरूर से भी लड़ने की चर्चा थी
टिकट की लड़ाई में नवजोत कौर के मैदान में उतरने से बंसल की राह थोड़ी मुश्किल हो गई थी। ऐसा माना जा रहा था कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ नवजोत सिद्धू की नजदीकियों की वजह से नवजोत कौर को तवज्जो मिल सकती है। इस बीच यह चर्चा भी सामने आई कि नवजोत कौर को चंडीगढ़ से टिकट मिलने की स्थिति में बंसल को संगरूर भेजा सकता है। हालांकि इस कयास को बंसल ने खारिज कर दिया था।
युवा कांग्रेस से शुरू किया था राजनीतिक कैरियर
पंजाब के सुनाम में जन्मे पवन कुमार बंसल ने बीएससी ,एलएलबी की डिग्री हासिल की। साल 1976-77 में चंडीगढ़ युवा कांग्रेस के महासचिव बने। इसके बाद चंडीगढ़ और पंजाब के युवा कांग्रेस के प्रधान बनाए गए।
वर्ष 1984 में राज्यसभा के सदस्य बने। पहली बार साल 1991 में चंडीगढ़ से लोकसभा के लिए चुने गए। उसके बाद साल 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा चुनाव जीता। साल 2006 में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री बने। यूपीए-2 में उन्होंने रेलमंत्री का पद संभाला।
कांग्रेस हाईकमान ने मुझ पर फिर से विश्वास जताया है। इसके लिए मैं केंद्रीय चुनाव समिति को धन्यवाद देता हूं। हाईकमान के फैसले पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। सभी कांग्रेसी मिलकर इस सीट पर जीत हासिल करेंगे। - पवन कुमार बंसल, कांग्रेस उम्मीदवार
शहर की जनता अब मन बना चुकी है। पवन बंसल को सभी ने देख लिया है, उनके काम करने के तरीके को जनता पहले ही नकार चुकी है। पवन बंसल को टिकट मिलने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। लोगों ने पहले ही भाजपा को जिता दिया है। - संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
चंडीगढ़ की जनता नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट देगी। कांग्रेस से किसी को भी टिकट मिले, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। पवन बंसल का काम शहर में शून्य रहा है। कांग्रेस ने आखिरी बार बंसल को टिकट दिया है, इसके लिए उन्हें मैं शुभकामनाएं देता हूं। -सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद
टिकट मिलने पर पवन कुमार बंसल को बधाई के साथ ही चुनाव में उतरने का स्वागत करती हूं। अब वह आधिकारिक तौर पर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। चुनावों के लिए शुभकामनाएं। -किरण खेर, सांसद