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लोकसभा चुनावः 'आप' में शामिल होंगे हरमोहन धवन, चंडीगढ़ में मुकाबला बनेगा त्रिकोणीय
राजेश ढल्ल, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 Nov 2018 11:45 AM IST
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हरमोहन धवन
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लोकसभा चुनाव 2019 में चंडीगढ़ से पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन के आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद है। वहीं इसके किस दल को फायदा होगा और किसको नुकसान, इसकी भी चर्चा मंगलवार को पूरे दिन राजनीतिक गलियारों में रही। फिलहाल कुछ भी तय नहीं है कि धवन के मैदान में उतरने से किसको फायदा होगा और किसको नुकसान होगा।
इसका बड़ा कारण यह है कि धवन के साथ कांग्रेस, भाजपा और बसपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अच्छे संबंध हैं। धवन खुद भी इन तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों में रह चुके हैं। हालांकि एक बात तय है कि कांग्रेस और भाजपा की गुटबाजी का फायदा धवन को मिल सकता है। इस समय कांग्रेस में टिकट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और मनीष तिवारी के बीच खींचतान चल रही है जबकि भाजपा में सांसद किरण खेर और भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन टिकट के दावेदार हैं।
ऐसे में दोनो दलों में किसी एक को टिकट मिलने पर दूसरे गुट के भीतरघात का फायदा धवन को मिल सकता है लेकिन हर लोकसभा चुनाव में पाला बदलने का नुकसान भी धवन को झेलना पड़ सकता है। मालूम हो कि भाजपा में अध्यक्ष संजय टंडन ही धवन को लेकर आए थे लेकिन इस समय टंडन के साथ ही धवन का छत्तीस का आंकड़ा है।
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इसका बड़ा कारण यह है कि धवन के साथ कांग्रेस, भाजपा और बसपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अच्छे संबंध हैं। धवन खुद भी इन तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों में रह चुके हैं। हालांकि एक बात तय है कि कांग्रेस और भाजपा की गुटबाजी का फायदा धवन को मिल सकता है। इस समय कांग्रेस में टिकट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और मनीष तिवारी के बीच खींचतान चल रही है जबकि भाजपा में सांसद किरण खेर और भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन टिकट के दावेदार हैं।
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ऐसे में दोनो दलों में किसी एक को टिकट मिलने पर दूसरे गुट के भीतरघात का फायदा धवन को मिल सकता है लेकिन हर लोकसभा चुनाव में पाला बदलने का नुकसान भी धवन को झेलना पड़ सकता है। मालूम हो कि भाजपा में अध्यक्ष संजय टंडन ही धवन को लेकर आए थे लेकिन इस समय टंडन के साथ ही धवन का छत्तीस का आंकड़ा है।
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केजरीवाल सोमवार को ही करवाना चाहते थे ज्वाइन
Harmohan Dhawan
आप के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सोमवार को ही पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन को आम आदमी पार्टी ज्वाइन करवाना चाहते थे लेकिन धवन चाहते है कि वह चंडीगढ़ में अपने हजारों समर्थकों के साथ पार्टी ज्वाइन करें, इसलिए अभी धवन ने केजरीवाल से एक माह का समय मांगा है।
धवन के आने से मजबूत होगी आप पर विरोध भी झेलना होगा
धवन के आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पार्टी मजबूत होगी। आप के पास इस समय चंडीगढ़ में कोई बड़ा चेहरा नहीं था लेकिन पार्टी को चुनाव में गुलपनाग के पिछले लोकसभा चुनाव के बाद एक बार भी न आने का विरोध भी सहना पड़ेगा क्योंकि पिछले साढ़े चार साल से गुलपनाग एक बार भी शहर के किसी कार्यक्रम में नहीं आई और न ही शहरवासियों का कोई मुद्दा उठाया।
मोदी की रैली के बाद धवन करेंगे रैली
आप संयोजक केजरीवाल से मुलाकात करवाने में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने अहम भूमिका निभाई। प्रशासन ने नवंबर माह के अंत में पीएम नरेंद्र मोदी से शहर के कुछ प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करवाने का मन बनाया है। सेक्टर-25 में एक रैली का भी आयोजन भी होगा। ऐसे में धवन समर्थकों ने इसके बाद एक बड़ी रैली करने की योजना बनाई है ताकि वह अपनी ताकत दिखा सकें। इस रैली में दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और पंजाब से भी आप के सीनियर नेताओं के आने की संभावना है। महागठबंधन न बनने की सूरत में धवन ने आप में जाना बेहतर समझा है।
धवन के आने से मजबूत होगी आप पर विरोध भी झेलना होगा
धवन के आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पार्टी मजबूत होगी। आप के पास इस समय चंडीगढ़ में कोई बड़ा चेहरा नहीं था लेकिन पार्टी को चुनाव में गुलपनाग के पिछले लोकसभा चुनाव के बाद एक बार भी न आने का विरोध भी सहना पड़ेगा क्योंकि पिछले साढ़े चार साल से गुलपनाग एक बार भी शहर के किसी कार्यक्रम में नहीं आई और न ही शहरवासियों का कोई मुद्दा उठाया।
मोदी की रैली के बाद धवन करेंगे रैली
आप संयोजक केजरीवाल से मुलाकात करवाने में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने अहम भूमिका निभाई। प्रशासन ने नवंबर माह के अंत में पीएम नरेंद्र मोदी से शहर के कुछ प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करवाने का मन बनाया है। सेक्टर-25 में एक रैली का भी आयोजन भी होगा। ऐसे में धवन समर्थकों ने इसके बाद एक बड़ी रैली करने की योजना बनाई है ताकि वह अपनी ताकत दिखा सकें। इस रैली में दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और पंजाब से भी आप के सीनियर नेताओं के आने की संभावना है। महागठबंधन न बनने की सूरत में धवन ने आप में जाना बेहतर समझा है।
अपने आप जाएं तो जाएं भाजपा नहीं निकालेगी धवन को
हरमोहन धवन
- फोटो : amar ujala
पिछले दो साल से धवन खुलकर भाजपा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन भाजपा ने धवन पर कोई कार्रवाई नहीं की। पार्टी ने धवन को कार्यक्रमों में न बुलाकर एक तरह से उनके साथ किनारा कर लिया है। पार्टी के अनुसार पार्टी उन्हें खुद नहीं निकालेगी अगर वह खुद पार्टी छोड़कर जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं। पंजाब और चंडीगढ़ संगठन मंत्री दिनेश कुमार का कहना है कि धवन स्वयं में ही स्वतंत्र हैं। वह इस मामले में टिप्पणी नहीं करना चाहते।
आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता चाहते थे कि मैं सोमवार को दिल्ली में ही पार्टी ज्वाइन कर लूं लेकिन मैंने अपने समर्थकों से बात कर इस बारे में फैसला लेने की बात कही क्योंकि समर्थकों की राय मेरे लिए बहुत अहमियत रखती है। इस समय शहरवासी भाजपा और कांग्रेस दोनों से ही दुखी है। मुझे राजनीति में दो ही चीजें सिखाई गई हैं कि जब विपक्ष में हो तो लोगों की आवाज मजबूती से उठाओ और जब सता में रहो तो कलम की ताकत से लोगों के काम करवाओ। मैं अब तक इन्हीं नीतियों पर काम कर रहा हूं और आगे भी करूंगा।
- हरमोहन धवन, वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री
आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता चाहते थे कि मैं सोमवार को दिल्ली में ही पार्टी ज्वाइन कर लूं लेकिन मैंने अपने समर्थकों से बात कर इस बारे में फैसला लेने की बात कही क्योंकि समर्थकों की राय मेरे लिए बहुत अहमियत रखती है। इस समय शहरवासी भाजपा और कांग्रेस दोनों से ही दुखी है। मुझे राजनीति में दो ही चीजें सिखाई गई हैं कि जब विपक्ष में हो तो लोगों की आवाज मजबूती से उठाओ और जब सता में रहो तो कलम की ताकत से लोगों के काम करवाओ। मैं अब तक इन्हीं नीतियों पर काम कर रहा हूं और आगे भी करूंगा।
- हरमोहन धवन, वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री