फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lockdown, Curfew, Coronavirus, Pakistani Returned Back via Attari Wagah Border

लॉकडाउनः अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते 41 पाकिस्तानी लौटे वतन, बोले- बहुत-बहुत शुक्रिया हिंदुस्तान

Fri, 17 Apr 2020 09:05 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अटारी सीमा(अमृतसर)
अशोक नीर, अटारी सीमा(अमृतसर) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 17 Apr 2020 09:05 AM IST
विज्ञापन
Lockdown, Curfew, Coronavirus, Pakistani Returned Back via Attari Wagah Border
अटारी सड़क सीमा
शुक्रिया हिन्दुतान! लॉकडाउन के दौरान हमारा बहुत अच्छे ढंग से ध्यान रखा गया। परेशानी तो थी, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए यही एक दवा थी। परिवार से दूर रहने की पीड़ा तो भीतर तक झकझोर रही थी, लेकिन जैसे लोगों ने पाकिस्तानियों की खिदमत की है, उसके लिए शुक्रिया। लगभग 25 दिन तक अमृतसर की ऐतिहासिक खेरूद्दीन मस्जिद में ठहरने के बाद पाकिस्तान लौट रहे कराची निवासी मंसूर अली खान ने यह बात कही।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जितने दिन भी मस्जिद में ठहरे, यह महसूस नहीं होने दिया गया कि वह पाकिस्तान से हैं। मुम्बई में रिश्तेदारों को मिलने के लिए आए मंसूर अली खान ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ पाकिस्तान जाने के लिए 21 मार्च को अमृतसर पहुंचे थे। सुबह उन्होंने पाकिस्तान जाना था लेकिन लॉकडाउन लागू होने से वह यहां फंस गए। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, मुम्बई और पंजाब के कई शहरों में लॉक डाउन के कारण फंसे 41 पाकिस्तानियों को वीरवार को अटारी सड़क सीमा के रास्ते उनके वतन रवाना कर दिया गया।
विज्ञापन


पाकिस्तान रवाना करने से पहले अटारी सड़क सीमा पर तैनात मेडिकल टीम के सदस्यों ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की। जांच के बाद बीएसएफ ने सभी को पाकिस्तानी रेंजर अधिकारियों को सौंप दिया। पाकिस्तान जाने वाले सभी नागरिकों के चेहरों में संतुष्टि के भाव थे। अंगुलियों से विक्ट्री का निशान बनाते हुए उत्तरप्रदेश से आई समीना ने बताया कि वह अपने बीमार भाई को देखने के लिए भारत आई थी। उनका वीजा की अवधि खत्म हो गई थी। दोनों देशों की सरकारों ने इंटरनेशनल गेट खोलने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कराची से आए मोहम्मद हुसैन ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ मुंबई में उर्स में शामिल होने के लिए आए थे लेकिन लॉकडाउन के कारण फंस गए थे। कराची के विलायत अली अपनी बेटी की प्लास्टिक सर्जरी करवाने के लिए दिल्ली आए थे। घर वापसी की खुशी उनके चेहरे पर थी।

ननकाना साहिब में करूंगा सरबत के भले की अरदास

ननकाना साहिब से आए भूपिंदर सिंह ने बताया कि वह गुरुघरों के दर्शनों के लिए अपने परिवार के साथ भारत आए थे। आठ फरवरी को भारत पहुंचे थे। वह वापस जाकर सबसे पहले गुरुद्वारा नानक साहिब में माथा टेक कर इस वायरस से मानवता को बचाने की अरदास करेंगे। पेशावर निवासी राजा सिंह ने कहा कि वाहेगुरु जी की कृपा से आज बच्चों से मिलने का सौभाग्य मिलेगा।

पाकिस्तान में फंसे 263 भारतीय एक-दो दिन में लौटेंगे
पाकिस्तान में भी 263 भारतीय फंसे हुए हैं। साफमा के पदाधिकारी राजिंदर सिंह रूबी ने बताया कि कुछ श्रद्धालु गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर में ठहरे हुए हैं। कुछ ननकाना साहिब सहित लाहौर और अन्य गुरुद्वारा साहिब में रुके हुए हैं। इन यात्रियों ने हिंदुस्तान में लौटने के लिए पाकिस्तान में बैठे साफमा सदस्यों के साथ संपर्क स्थापित किया था।

इनको बताया गया कि वह इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करें। इन लोगों ने दूतावास को अपने दस्तावेज भेजे हैं। जानकारी के अनुसार आगे दो-तीन दिन के भीतर यह भारतीय वतन लौट आएंगे। दोनों देशों की सरकारों में इस बात की सहमति बनी है कि लॉकडाउन की वजह से फंसे नागरिकों के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर के गेट खोले जाएं। भारत में फंसे 120 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक भी आगामी कुछ दिनों में अपने वतन लौटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed