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अब तो नेताओं से घबराने लगे हैं कार्टूनिस्ट
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 24 Nov 2013 05:03 PM IST
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अब नेता पहले जैसे नहीं हैं और उन्हें तो जरा सी आलोचना भी सहन नहीं होती। इसी वजह से अब कार्टूनिस्ट नेताओं से घबराने लगे हैं।
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पहले एक दौर था जब नेता खुद अपने कार्टून को देखकर खुश होते थे। जवाहर लाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गज नेताओं के पास गजब का सेंस ऑफ ह्यूमर था और उन्हें तो खुद पर हंसने की कला भी आती थी।
कार्टूनिस्ट और युवा लेखक कृष्णा शास्त्री देवुलापल्ली मानते हैं कि राजनीतिक दबाव के बाद अब कार्टूनिस्ट खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।
फर्क है कॉपी और इंस्पिरेशन में
कृष्णा शास्त्री कहते हैं कि कॉपी और इंस्पिरेशन में बहुत फर्क है। किसी कहानी से प्रेरित होकर कुछ नया करना अच्छी बात है, लेकिन आजकल तो पुरानी कहानियों को ही कॉपी किया जा रहा है।
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उन्होंने ये टिप्पणी भारतीय सिनेमा को लेकर कही। उन्होंने कहा कि आजकल कोई नया आइडिया नहीं आ रहा है। फिल्म इंडस्ट्री की इस आदत पर वह अपनी अगली किताब लिख रहे हैं।
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अब नक्सलवाद पर लिखेंगे किताब
कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्म की कहानी पर आधारित ‘आवर मून हैस ब्लड क्लॉट्स’ से चर्चा में आए युवा लेखक राहुल पंडित कहते हैं कि वे अब नक्सलवाद को अपनी किताब का हिस्सा बनाएंगे।
राहुल कहते हैं कि अभी भी नक्सल प्रभावी क्षेत्रों में सरकार अपने किए वायदों को पूरा नहीं कर रहा है। यहां अभी भी कई क्षेत्रों में सालों से विकास कार्य नहीं हुए।
पेशे से पत्रकार राहुल ने कहा कि पत्रकारिता में कई बार ऐसा भी होता है, जब हमारे मन में ऐसे विचार होते हैं, जिन्हें हम लिख नहीं पाते।
राहुल ने कहा, मैं नक्सल प्रभावी क्षेत्रों में जाकर पत्रकारिता कर चुका हूं। वहां ऐसे कई तथ्य हैं जिन्हें मैं अपनी पत्रकारिता का हिस्सा नहीं बना सकता, लेकिन इन छुपे हुए विचारों को मैं अपनी किताब से जरूर उजागर कर सकता हूं।
36 लेखक ले रहे हैं हिस्सा
लेक क्लब में शनिवार से दो दिवसीय चंडीगढ़ लिट फेस्ट ‘लिट्राटी-2013’ आरंभ हो गया। फेस्टिवल का उद्घाटन प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने किया।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 36 लेखकों ने फेस्टिवल में भाग लिया। साहित्य से जुड़ी कई नामी हस्तियां भी फेस्टिवल में पहुंची।
मधु किश्वर और अशोक वाजपेयी जैसे लेखकों ने राजनीति और धर्म से जुड़े मुद्दों पर व्याख्यान भी पेश किया। फेस्टिवल में अभिनेत्री गुल पनाग भी पहुंची।