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पंजाबः चन्नी ने शुरू की अनुसूचित जाति नेताओं की लॉबिंग, कहा- बाजवा ने घर आकर दी थी धमकी
Fri, 15 May 2020 12:02 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 15 May 2020 12:02 PM IST
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चरणजीत सिंह चन्नी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा
- फोटो : फाइल फोटो
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मामला शराब की बिक्री से हुए राजस्व घाटे का था, जिसने कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्य सचिव और कैबिनेट मंत्रियों में जंग छेड़ दी थी। उसी मामले ने अब दो मंत्रियों के बीच झगड़ा खड़ा कर दिया है। कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा द्वारा कथित धमकी दिए जाने के बाद राज्य में दलित वर्ग के कांग्रेसी विधायकों और मंत्रियों को एकजुट करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
इसी कड़ी में वीरवार को उन्होंने सार्वजनिक तौर पर बयान जारी किया कि कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने उन्हें धमकी दी है। उन्होंने बाजवा के उस बयान को झूठा करार दिया, जिसमें वीरवार दोपहर को ही बाजवा ने कहा था कि उन्होंने चन्नी को कोई धमकी नहीं दी। उल्लेखनीय है कि चन्नी और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की मुख्य सचिव करन अवतार सिंह के साथ हुई बहस के बाद दोनों ने ही कैबिनेट सब कमेटी की बैठक से बायकाट कर दिया था।
यह मामला अलग के तूल पकड़ने लगा जब मनप्रीत ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी साफ कह दिया कि अगर करन अवतार सिंह बैठक में हिस्सा लेंगे तो वे बैठक में नहीं आएंगे। इस मुद्दे पर भी चन्नी ने मनप्रीत का समर्थन किया। चन्नी और मनप्रीत की पहलकदमी पर ही पूरी कैबिनेट ने मुख्य सचिव के बर्ताव पर एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री को विवाद सुलझाने का जिम्मा सौंपा था।
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इसी कड़ी में वीरवार को उन्होंने सार्वजनिक तौर पर बयान जारी किया कि कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने उन्हें धमकी दी है। उन्होंने बाजवा के उस बयान को झूठा करार दिया, जिसमें वीरवार दोपहर को ही बाजवा ने कहा था कि उन्होंने चन्नी को कोई धमकी नहीं दी। उल्लेखनीय है कि चन्नी और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की मुख्य सचिव करन अवतार सिंह के साथ हुई बहस के बाद दोनों ने ही कैबिनेट सब कमेटी की बैठक से बायकाट कर दिया था।
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यह मामला अलग के तूल पकड़ने लगा जब मनप्रीत ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी साफ कह दिया कि अगर करन अवतार सिंह बैठक में हिस्सा लेंगे तो वे बैठक में नहीं आएंगे। इस मुद्दे पर भी चन्नी ने मनप्रीत का समर्थन किया। चन्नी और मनप्रीत की पहलकदमी पर ही पूरी कैबिनेट ने मुख्य सचिव के बर्ताव पर एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री को विवाद सुलझाने का जिम्मा सौंपा था।
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बाजवा पर धमकी देने का आरोप लगाया
उपरोक्त प्रकरण के बाद चन्नी की तरफ से यह आरोप लगाया गया था कि तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें धमकी दी कि वे मुख्य सचिव के मामले में शांत नहीं बैठे तो उनके खिलाफ एक महिला आईएएस अधिकारी वाला पुराना केस फिर खोला जा सकता है। चन्नी ने बाजवा की इस धमकी पर साफ कर दिया कि वे पीछे नहीं हटेंगे। पता चला है कि इसके कुछ पलों बाद मुख्यमंत्री ने भी चन्नी को फोन किया, लेकिन बाजवा की धमकी से गुस्साए चन्नी ने मुख्यमंत्री से भी कह दिया कि आप पहले मुझ पर एफआईआर ही दर्ज करवा लो।
इसके बाद से चन्नी ने पार्टी के अन्य नेताओं खासकर दलित नेताओं की अपने पक्ष में लाबिंग शुरू कर दी। यह सारा घटनाक्रम मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद, तृप्त बाजवा डैमेज कंट्रोल के लिए आगे आए और उन्होंने सफाई देते हुए दावा किया कि वे चन्नी के घर गए थे लेकिन उन्होंने कोई धमकी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि बिना मतलब शोर-शराबा हो गया है। उन्होंने चन्नी से ऐसी कोई बात नहीं की। बाजवा ने यह भी कहा कि अगर चाहें तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह या प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ उन्हें और चन्नी को बुलाकर मामला साफ कर सकते हैं।
बाजवा का यह बयान आने के कुछ पलों बाद चन्नी भी मीडिया के सामने आ गए और उन्होंने बाजवा के दावों का खंडन करते हुए कहा कि बाजवा झूठ बोल रहे हैं और उन्होंने उपरोक्त धमकी उनके घर आकर दी थी। चन्नी ने यह भी कहा कि वे चमकौर साहिब की पवित्र धरती के बाशिंदे हैं और गुरु साहिब को हाजिर-नाजर जानते हुए कह रहे हैं कि बाजवा ने उन्हें धमकी दी है। चन्नी ने कहा कि वे बाजवा द्वारा दी गई धमकी का मामला मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के ध्यान में ला चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे लेकिन बाजवा कोरा झूठ बोल रहे हैं, इसीलिए उन्हें खुलकर सामने आना पड़ा है।
इसके बाद से चन्नी ने पार्टी के अन्य नेताओं खासकर दलित नेताओं की अपने पक्ष में लाबिंग शुरू कर दी। यह सारा घटनाक्रम मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद, तृप्त बाजवा डैमेज कंट्रोल के लिए आगे आए और उन्होंने सफाई देते हुए दावा किया कि वे चन्नी के घर गए थे लेकिन उन्होंने कोई धमकी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि बिना मतलब शोर-शराबा हो गया है। उन्होंने चन्नी से ऐसी कोई बात नहीं की। बाजवा ने यह भी कहा कि अगर चाहें तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह या प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ उन्हें और चन्नी को बुलाकर मामला साफ कर सकते हैं।
बाजवा का यह बयान आने के कुछ पलों बाद चन्नी भी मीडिया के सामने आ गए और उन्होंने बाजवा के दावों का खंडन करते हुए कहा कि बाजवा झूठ बोल रहे हैं और उन्होंने उपरोक्त धमकी उनके घर आकर दी थी। चन्नी ने यह भी कहा कि वे चमकौर साहिब की पवित्र धरती के बाशिंदे हैं और गुरु साहिब को हाजिर-नाजर जानते हुए कह रहे हैं कि बाजवा ने उन्हें धमकी दी है। चन्नी ने कहा कि वे बाजवा द्वारा दी गई धमकी का मामला मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के ध्यान में ला चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे लेकिन बाजवा कोरा झूठ बोल रहे हैं, इसीलिए उन्हें खुलकर सामने आना पड़ा है।
शुक्र है कर्फ्यू है, वरना अनुसूचित जाति के लोग सूबे में तोड़फोड़ मचा देते
इस बीच पता चला है कि चन्नी ने इस पूरे मामले में राज्य कांग्रेस के अनुसूचित जाति के नेताओं, विधायकों से भी बात की है और अधिकांश नेताओं ने उनका साथ देने का भरोसा भी दिलाया है। वीरवार को चन्नी ने खुद को इस वर्ग से संबंधित होने का जिक्र किए बिना कहा कि आम घरों से आए व्यक्तियों से ऐसा बर्ताव होना आम बात है। उनके साथ ही इसी लिए ऐसा बर्ताव किया गया है।
चन्नी ने कहा कि परमात्मा का शुक्र है कि इस समय राज्य में कर्फ्यू लगा हुआ है, अन्यथा जिस तरह बाजवा ने उन्हें धमकी दी है,समाज के लोग सूबे में तोड़फोड़ मचा देते। उन्होंने यह भी कहा कि उनका सभी के प्रेम है और अपनी पार्टी के अलावा अन्य पार्टियों के नेताओं और लोगों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। चन्नी ने दावा किया कि उन्हें आम आदमी पार्टी के राज्य प्रधान भगवंत मान ने भी फोन किया था।
चन्नी ने कहा कि परमात्मा का शुक्र है कि इस समय राज्य में कर्फ्यू लगा हुआ है, अन्यथा जिस तरह बाजवा ने उन्हें धमकी दी है,समाज के लोग सूबे में तोड़फोड़ मचा देते। उन्होंने यह भी कहा कि उनका सभी के प्रेम है और अपनी पार्टी के अलावा अन्य पार्टियों के नेताओं और लोगों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। चन्नी ने दावा किया कि उन्हें आम आदमी पार्टी के राज्य प्रधान भगवंत मान ने भी फोन किया था।