{"_id":"5ed60178c706e818b00c4314","slug":"liquor-scam-haryana-government-extends-set-time-for-inquiry","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब घोटालाः मकड़जाल में उलझी एसईटी, आबकारी विभाग ने नहीं दिए कागज, बढ़ाना पड़ा समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब घोटालाः मकड़जाल में उलझी एसईटी, आबकारी विभाग ने नहीं दिए कागज, बढ़ाना पड़ा समय
Tue, 02 Jun 2020 01:06 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 02 Jun 2020 01:06 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शराब घोटाले में हरियाणा सरकार की ओर से गठित की गई एसईटी इस घोटाले के मकड़जाल में उलझ कर रह गई है। एसईटी ने समय बढ़ाने के पीछे जो तर्क दिया है वह यह है कि अभी एसईटी को आबकारी विभाग की ओर से कागज नहीं दिए गए हैं। जबकि ऐसे गंभीर मामले में कागजों की सुपुर्दगी में देरी होना अपने आप में बड़ा कारण है।
यही नहीं गृह मंत्री अनिल विज ने भी यह मान लिया है कि जितना बड़ा यह काम समझा जा रहा था शायद उससे भी बड़ा है। टीसी गुप्ता से सरकार ने पूछा था। जिसके बाद उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने अभी कागज नहीं दिए हैं। इसलिए हमें दो माह का समय चाहिए। आबकारी विभाग की ओर से की गई यह पहली बार नहीं किया गया है।
इससे पहले जब आबकारी विभाग से एसईटी में शामिल किए जाने के लिए विभाग के एक अधिकारी का नाम मांगा गया था तो उस समय भी देरी की गई थी। जब दबाव अधिक बढ़ा तो विभाग ने अपने अधिकारी का नाम दिया। जिसके बद एसईटी का गठन किया गया।
विज्ञापन
अब एसईटी का गठन तो हो गया है, लेकिन शक्तिविहीन एसईटी दो माह में भी अपनी रिपोर्ट दे पाएगी इस बात पर संशय है, क्योंकि शराब घोटाला दिनबदिन बड़ा बनता जा रहा है। दूसरे राज्यों में किंगपिन भूपेंद्र के संपर्क निकलने के बाद अब अन्य राज्यों की पुलिस को भी भूपेेंद्र से पूछताछ का इंतजार है।
मुझे एसईटी की कार्य प्रणाली पर पूरा भरोसा है। हां यह जरूर है कि हम जितना बड़ा घोटाला इसे समझ रहे हैं। यह उससे कहीं ज्यादा बड़ा मालूम पड़ रहा है।
- अनिल विज, गृह मंत्री
विज्ञापन
यही नहीं गृह मंत्री अनिल विज ने भी यह मान लिया है कि जितना बड़ा यह काम समझा जा रहा था शायद उससे भी बड़ा है। टीसी गुप्ता से सरकार ने पूछा था। जिसके बाद उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने अभी कागज नहीं दिए हैं। इसलिए हमें दो माह का समय चाहिए। आबकारी विभाग की ओर से की गई यह पहली बार नहीं किया गया है।
विज्ञापन
इससे पहले जब आबकारी विभाग से एसईटी में शामिल किए जाने के लिए विभाग के एक अधिकारी का नाम मांगा गया था तो उस समय भी देरी की गई थी। जब दबाव अधिक बढ़ा तो विभाग ने अपने अधिकारी का नाम दिया। जिसके बद एसईटी का गठन किया गया।
विज्ञापन
अब एसईटी का गठन तो हो गया है, लेकिन शक्तिविहीन एसईटी दो माह में भी अपनी रिपोर्ट दे पाएगी इस बात पर संशय है, क्योंकि शराब घोटाला दिनबदिन बड़ा बनता जा रहा है। दूसरे राज्यों में किंगपिन भूपेंद्र के संपर्क निकलने के बाद अब अन्य राज्यों की पुलिस को भी भूपेेंद्र से पूछताछ का इंतजार है।
मुझे एसईटी की कार्य प्रणाली पर पूरा भरोसा है। हां यह जरूर है कि हम जितना बड़ा घोटाला इसे समझ रहे हैं। यह उससे कहीं ज्यादा बड़ा मालूम पड़ रहा है।
- अनिल विज, गृह मंत्री