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1984 का इंसाफ, सज्जन कुमार को उम्रकैद, पर खुश नहीं सुखबीर बादल, लिया बड़ा फैसला, बोले...
Tue, 18 Dec 2018 11:34 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संगरूर/बरनाला(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संगरूर/बरनाला(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Dec 2018 11:34 AM IST
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सुखबीर बादल
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34 साल बाद 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों को इंसाफ मिला। सज्जन कुमार को उम्रकैद हुई, लेकिन सुखबीर बादल इससे खुश नहीं हैं। इसलिए उन्होंने बड़ा फैसला लिया है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल सिखों के कातिल सज्जन कुमार को फांसी की सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा। अदालत ने सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा देकर सिखों के जख्मों पर मरहम लगाया है।
सुखबीर सोमवार को एक स्थानीय पैलेस में संगरूर के सात विधानसभा हलकों के नेताओं से मुलाकात करने आए थे। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल एक था और एक ही रहेगा। अब तक बहुत अकाली दल बने लेकिन अभी तक अन्य अकाली दल ज्यादा समय टिक नहीं पाया। उन्होंने बरगाड़ी मोरचे के बारे में कहा कि वह मोरचा कांग्रेस ने लगवाया था और कांग्रेस ने ही उठवा दिया। यह बात लोगों की समझ में आ चुकी है।
इस मौके पर विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा, इकबाल सिंह झुंदा, हरीसिंह नाभा और विनरजीत सिंह गोल्डी मौजूद थे। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को बरनाला क्लब में मीडिया से बातचीत में कहा कि कि कांग्रेस की अगुवाई कर रहे राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी ने सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर व एचकेएल भगत इत्यादि कांग्रेस नेताओं से मिलकर 84 में सिख दंगे कराए। उन्होंने कहा कि आज सज्जन कुमार को उम्रकैद हुई है और अगर राजीव गांधी जिंदा होते तो सबसे पहले उनको गिरफ्तार किया जाता।
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सुखबीर सोमवार को एक स्थानीय पैलेस में संगरूर के सात विधानसभा हलकों के नेताओं से मुलाकात करने आए थे। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल एक था और एक ही रहेगा। अब तक बहुत अकाली दल बने लेकिन अभी तक अन्य अकाली दल ज्यादा समय टिक नहीं पाया। उन्होंने बरगाड़ी मोरचे के बारे में कहा कि वह मोरचा कांग्रेस ने लगवाया था और कांग्रेस ने ही उठवा दिया। यह बात लोगों की समझ में आ चुकी है।
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इस मौके पर विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा, इकबाल सिंह झुंदा, हरीसिंह नाभा और विनरजीत सिंह गोल्डी मौजूद थे। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को बरनाला क्लब में मीडिया से बातचीत में कहा कि कि कांग्रेस की अगुवाई कर रहे राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी ने सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर व एचकेएल भगत इत्यादि कांग्रेस नेताओं से मिलकर 84 में सिख दंगे कराए। उन्होंने कहा कि आज सज्जन कुमार को उम्रकैद हुई है और अगर राजीव गांधी जिंदा होते तो सबसे पहले उनको गिरफ्तार किया जाता।
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सिख कत्लेआम के लिए सीधे तौर पर गांधी परिवार जिम्मेदार है
sukhbir badal
सुखबीर ने कहा कि 84 में हुए सिख कत्लेआम के लिए सीधे तौर पर गांधी परिवार जिम्मेदार है, जिनको कभी भी माफ नहीं किया जा सकता। मोदी सरकार के राज में 84 के सिख कत्लेआम के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें गठित कीं गईं। नतीजतन धीरे धीरे इंसाफ मिलने लगा और आरोपियों को सजाएं होने लगी। इस लड़ी में सज्जन कुमार को उम्रकैद हुई है।
अब वह दिन दूर नहीं, जब इस 84 के कत्लेआम में शामिल सभी कांग्रेसी नेताओं को सजाएं मिलेंगी। सुखबीर बादल ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने अपने फैसले में भी लिख दिया है कि सज्जन कुमार को राजनीतिक शह प्राप्त थी, जिस कारण वह 34 साल से सजा से बचा रहा, उसकी गांधी परिवार मदद करता था। क्योंकि कत्लेआम ही गांधी परिवार के इशारों पर हुआ था।
सुखबीर बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में कहा था कि 84 के सिख कत्लेआम में किसी कांग्रेसी का कोई हाथ नहीं है। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह क्या कहेंगे, जब सज्जन कुमार की भूमिका स्पष्ट हो गई है और उसको सजा भी हो गई है। बादल ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं, जब सभी आरोपी कांग्रेसी जेल की हवा खाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले सिखों के कातिलों सज्जन कुमार, टाइटलर इत्यादि को गांधी परिवार मंत्री पद देकर निवाजता रहा और अब कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर फिर सिखों के जख्मों पर नमक लगा दिया गया है।
अब वह दिन दूर नहीं, जब इस 84 के कत्लेआम में शामिल सभी कांग्रेसी नेताओं को सजाएं मिलेंगी। सुखबीर बादल ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने अपने फैसले में भी लिख दिया है कि सज्जन कुमार को राजनीतिक शह प्राप्त थी, जिस कारण वह 34 साल से सजा से बचा रहा, उसकी गांधी परिवार मदद करता था। क्योंकि कत्लेआम ही गांधी परिवार के इशारों पर हुआ था।
सुखबीर बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में कहा था कि 84 के सिख कत्लेआम में किसी कांग्रेसी का कोई हाथ नहीं है। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह क्या कहेंगे, जब सज्जन कुमार की भूमिका स्पष्ट हो गई है और उसको सजा भी हो गई है। बादल ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं, जब सभी आरोपी कांग्रेसी जेल की हवा खाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले सिखों के कातिलों सज्जन कुमार, टाइटलर इत्यादि को गांधी परिवार मंत्री पद देकर निवाजता रहा और अब कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर फिर सिखों के जख्मों पर नमक लगा दिया गया है।