मां बोली, बेटे की शहादत के आगे शौर्य चक्र कुछ नहीं
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बीते साल 26 सितंबर को आतंकवादियों के आत्मघाती हमले में आतंकियों से लोहा लेते वक्त शहीद हो गए थे।
शहीद बिक्रमजीत चंडीगढ़ के सेक्टर 28 में रहते थे। वे परिवार में अपने माता-पिता, पत्नी और बेटी को छोड़ गए थे।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बिक्रमजीत सिंह के पिता परमजीत और माता लवप्रीत ने बताया कि बेटे को शौर्य चक्र जरूर मिला है, लेकिन उसकी शहादत के आगे कुछ नहीं है। वह बहुत ही बहादुर था। खूबसूरत था। दिल से भी बहुत ही सुंदर था। काफी मेहनती था।
बिक्रमजीत की फोटो को सैल्यूट करते हुए मां लवप्रीत ने बताया कि उनके दिन की शुरुआत उनके बेटे के मैसेज से होती थी। बेटा बिक्रमजीत उनके काफी करीब था। उसने अपने देश के लिए जान की कोई परवाह नहीं की।
उनके बेटे को गए आज पूरे चार महीने हो जाएंगे। शुक्रवार को जब उनके परिवार को यह सूचना मिली कि भारत सरकार की ओर से उनकी शहादत को सलाम किया जा रहा है तो उनकी मां एक बार फिर से भावुक हो गईं और आंखों से आंसू निकलने लगे।
शुक्रवार को उनके घर पर बिक्रमजीत की याद पर कीर्तन चल रहा था। मां लवप्रीत ने बताया कि बिक्रमजीत व उनके साथियों ने साल 2008 में 16वीं कैलेवरी पर एक किताब लिखी थी, उस किताब को उनके साथियों ने बिक्रमजीत को समर्पित कर दी। पिता परमजीत ने बताया कि शौर्य चक्र मिलने से बिक्रम की मां लवप्रीत, पत्नी नवनीत, बहन नीतू व उसके पति विंग कमांडर सतबीर सिंह काफी गौरंन्वित कर रहे हैं।