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Chandigarh News: दिल्ली की आग से सबक, चंडीगढ़ में जांच
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चंडीगढ़। दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में क्लबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हुए अग्निकांडों के बाद चंडीगढ़ फायर विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में मुख्य फायर अधिकारी के निर्देश पर मनीमाजरा फायर स्टेशन के प्रभारी फायर अधिकारी जीएस मुल्तानी ने टीम के साथ सेक्टर-26 स्थित विभिन्न क्लबों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक क्लब में गंभीर अग्नि सुरक्षा खामियां सामने आईं जो किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
निरीक्षण में पाया गया कि क्लब के प्रवेश और निकास मार्ग अपेक्षाकृत संकरे हैं। वहीं प्रवेश द्वार, सीलिंग और अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक आधारित सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने मौके पर जांच के दौरान पाया कि यह सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील है।
फायर अधिकारी जी.एस. मुल्तानी ने मौके पर ही सामग्री का परीक्षण कर उसकी ज्वलनशीलता प्रदर्शित की। आग के संपर्क में आते ही प्लास्टिक सामग्री तेजी से पिघलने लगी। अधिकारियों के अनुसार ऐसी सामग्री आग लगने की स्थिति में लपटों के फैलाव को तेज कर सकती है और लोगों की सुरक्षित निकासी में बाधा बन सकती है।
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मुल्तानी ने बताया कि देश में पहले भी कई अग्निकांडों में ज्वलनशील सजावट और अपर्याप्त निकास व्यवस्था के कारण नुकसान बढ़ा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है। फायर विभाग ने संबंधित क्लब प्रबंधन को प्लास्टिक आधारित सजावटी सामग्री हटाने और सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक शहर के अन्य क्लबों, रेस्तरां और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी नियमित जांच जारी रहेगी, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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निरीक्षण में पाया गया कि क्लब के प्रवेश और निकास मार्ग अपेक्षाकृत संकरे हैं। वहीं प्रवेश द्वार, सीलिंग और अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक आधारित सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने मौके पर जांच के दौरान पाया कि यह सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील है।
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फायर अधिकारी जी.एस. मुल्तानी ने मौके पर ही सामग्री का परीक्षण कर उसकी ज्वलनशीलता प्रदर्शित की। आग के संपर्क में आते ही प्लास्टिक सामग्री तेजी से पिघलने लगी। अधिकारियों के अनुसार ऐसी सामग्री आग लगने की स्थिति में लपटों के फैलाव को तेज कर सकती है और लोगों की सुरक्षित निकासी में बाधा बन सकती है।
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मुल्तानी ने बताया कि देश में पहले भी कई अग्निकांडों में ज्वलनशील सजावट और अपर्याप्त निकास व्यवस्था के कारण नुकसान बढ़ा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है। फायर विभाग ने संबंधित क्लब प्रबंधन को प्लास्टिक आधारित सजावटी सामग्री हटाने और सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक शहर के अन्य क्लबों, रेस्तरां और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी नियमित जांच जारी रहेगी, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।