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कार्बूजिए की जयंती से पहले जेनरे हाउस में बनेगा म्यूजियम
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Wed, 07 Sep 2016 01:51 AM IST
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capitol complex night view
- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए की जयंती से पहले उनके कजिन पियरे जेनरे के हाउस में म्यूजियम भी शुरू हो जाएगा। 6 अक्तूबर को कार्बूजिए की जयंती है और इस दिन से तीन दिवसीय आर्ट एंड हेरिटेज फेस्ट की शुरुआत भी होगी। इस दौरान हजारों पर्यटक चंडीगढ़ आएंगे।
इसलिए प्रशासन का प्रयास है कि 6 अक्तूबर से पहले किसी भी सूरत में म्यूजियम शुरू हो जाए। बेशक पहले सिर्फ दो कमरों को तैयार कर उनमें कुछ सामान लगाया जा सके। इसके बाद बाकी चीजें भी तैयार होती रहेंगी। गृह कम पर्यटन सचिव अनुराग अग्रवाल ने इंजीनियरिंग विभाग को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
सेक्टर-5 स्थित हाउस नंबर-57 में पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ निर्माण के समय अपने जीवन के कई साल बिताए थे। बाद में यह घर कई अधिकारियों को भी आवंटित किया गया। जरूरत के अनुसार अधिकारियों ने इस घर में बदलाव भी करवाए। अब कई वर्षों से यह घर खाली है और बदहाली का शिकार है। प्रशासन इसे फिर से मूल स्वरूप में लाएगा। घर के अंदर जो बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां थीं, उन्हें हटा दिया गया है। घर के अंदर पुराने फर्श को उखाड़कर रेनोवेशन का काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि इस बार कार्बूजिए की जयंती पर शहर को नए पर्यटन स्थल के रूप में म्यूजियम की सौगात मिलेगी।
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इसलिए प्रशासन का प्रयास है कि 6 अक्तूबर से पहले किसी भी सूरत में म्यूजियम शुरू हो जाए। बेशक पहले सिर्फ दो कमरों को तैयार कर उनमें कुछ सामान लगाया जा सके। इसके बाद बाकी चीजें भी तैयार होती रहेंगी। गृह कम पर्यटन सचिव अनुराग अग्रवाल ने इंजीनियरिंग विभाग को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
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सेक्टर-5 स्थित हाउस नंबर-57 में पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ निर्माण के समय अपने जीवन के कई साल बिताए थे। बाद में यह घर कई अधिकारियों को भी आवंटित किया गया। जरूरत के अनुसार अधिकारियों ने इस घर में बदलाव भी करवाए। अब कई वर्षों से यह घर खाली है और बदहाली का शिकार है। प्रशासन इसे फिर से मूल स्वरूप में लाएगा। घर के अंदर जो बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां थीं, उन्हें हटा दिया गया है। घर के अंदर पुराने फर्श को उखाड़कर रेनोवेशन का काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि इस बार कार्बूजिए की जयंती पर शहर को नए पर्यटन स्थल के रूप में म्यूजियम की सौगात मिलेगी।
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सुखना लेक से पैदल पहुंच सकेंगे
सुखना लेक का एक दृश्य
- फोटो : फाइल फोटो
सुखना लेक से पैदल पहुंच सकेंगे
यह घर सुखना लेक के ठीक सामने पार्किंग की पिछली साइड में कुछ मीटर की दूरी पर है। चंडीगढ़ आने वाले पर्यटक सुखना लेक जरूर जाते हैं। ऐसे में हर पर्यटक म्यूजियम भी देख सकेगा। इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना होगा। कैपिटल कॉम्प्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना लेक और जेनरे म्यूजियम सभी एक ही मार्ग पर हो जाएंगे।
जेनरे के साथ काम कर चुके लोगों से जानेंगे अनुभव
यह म्यूजियम कुछ अलग तरीके का होगा। प्रशासन की तैयारी इसे एकदम जीवंत म्यूजियम बनाने की है। इसके लिए उन लोगों के अनुभव जाने जाएंगे, जो कार्बूजिए और जेनरे के साथ काम कर चुके हैं। जेनरे द्वारा डिजाइन किया गया फर्नीचर म्यूजियम में शोभित होगा। इसके अलावा हाउस को और आकर्षक बनाया जाएगा।
यह घर सुखना लेक के ठीक सामने पार्किंग की पिछली साइड में कुछ मीटर की दूरी पर है। चंडीगढ़ आने वाले पर्यटक सुखना लेक जरूर जाते हैं। ऐसे में हर पर्यटक म्यूजियम भी देख सकेगा। इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना होगा। कैपिटल कॉम्प्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना लेक और जेनरे म्यूजियम सभी एक ही मार्ग पर हो जाएंगे।
जेनरे के साथ काम कर चुके लोगों से जानेंगे अनुभव
यह म्यूजियम कुछ अलग तरीके का होगा। प्रशासन की तैयारी इसे एकदम जीवंत म्यूजियम बनाने की है। इसके लिए उन लोगों के अनुभव जाने जाएंगे, जो कार्बूजिए और जेनरे के साथ काम कर चुके हैं। जेनरे द्वारा डिजाइन किया गया फर्नीचर म्यूजियम में शोभित होगा। इसके अलावा हाउस को और आकर्षक बनाया जाएगा।