चंडीगढ़ शहर वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 06 May 2014 12:01 AM IST
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शहर के भविष्य की जरूरतों का आकलन करने के लिए जुलाई, 2012 में सांसद तारिक अनवर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ आई संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में उद्योगपतियों की मांगों को पूरा कर उन्हें राहत देने की सिफारिश की है।
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अगर संसदीय समिति की इन सिफारिशों को प्रशासन लागू करता है तो लीज होल्ड प्रापर्टी के फ्री होल्ड में तब्दील करने पर लगी रोक हट जाएगी और प्रॉपर्टी मिसयूज पर लगी पेनल्टी कम हो जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने संसदीय समिति की इस रिपोर्ट के आधार पर यूटी प्रशासन से अलग-अलग मुद्दों पर 10 मई तक विस्तृत जवाब मांगा है।
जिन मामलों पर कार्रवाई हो चुकी है, उनकी एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है। जवाब तैयार करने के लिए सोमवार को प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने सभी विभागों के प्रमुख की बैठक बुलाई जिसमें उन्हें अपने विभाग से संबंधित जवाब जल्द तैयार कर देने को कह दिया ताकि उसे 9 मई तक कंपाइल कर लिया जाए।
संसदीय समिति में एलवी पटेल, एचडी सईद, नीरज शेखर, वी मैत्रीयन, बी पंडा और नतुभाई गोमनभाई पटेल शामिल थे। समिति के समक्ष विभिन्न विभागों ने अपनी दिक्कतों को रखा था। समिति ने शहर में कई जगह दौरा भी किया था।

प्रशासन ने लीज होल्ड प्रॉपर्टी पर लगाई है रोक
चंडीगढ़ प्रशासन ने लीज होल्ड प्रॉपर्टी के फ्री होल्ड में तब्दील करने पर रोक लगाई हुई है। जबकि संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में उद्योगपतियों की इन मांग को जायज ठहराया है और अपनी रिपोर्ट में इस रोक को हटाने पर विचार करने के लिए लिखा है।

प्रशासन ने यह रोक लगाते हुए स्पष्ट किया था कि कनवर्जन फीस में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव जल्द ही फाइनल होने वाला है। ऐसे में प्रशासन को और नुकसान न हो इसलिए कनवर्जन फीस बढ़ने के बाद ही लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड में तब्दील करने की मंजूरी दी जाएगी।

प्रॉपर्टी मिसयूज पेनल्टी काफी ज्यादा
संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वायलेशन और मिसयूज जुर्माने की राशि काफी ज्यादा है और इसे कम कर दिया जाए।  

संसदीय समिति ने प्रशासन से इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी तैयार कर इसे लागू करने को कहा है। इंडस्ट्रियल पॉलिसी लंबे समय से लंबित है।

उद्योगपति लंबे समय से शहर में एमएसएमईडी एक्ट को लागू करने की मांग भी कर रहे हैं और संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस एक्ट को लागू करने को कहा है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में इंडस्ट्रियल एरिया में ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशन शुरू करने की मंजूरी देने के लिए भी लिखा है।
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