ड्रग रैकेट केस: मजीठिया से ये सवाल पूछ सकता है ईडी
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पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को 26 दिसंबर को ईडी के सामने पेश होना है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी सवालों की फेहरिस्त तैयार करने में जुटे हैं।
ईडी की तरफ से मजीठिया से कई चरणों में पूछताछ करने की तैयारी चल रही है। वहीं शिरोमणि अकाली दल ने जालंधर में अपने नेताओं को कोई दिशा निर्देश नहीं दिए हैं। इतना तय है कि 26 दिसंबर को जालंधर में युवाओं का खासा जमावड़ा लगेगा।
ईडी चंडीगढ़ में मजीठिया से पूछताछ कर सकती है। इस बारे में पुलिस अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन अधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से गुरेज किया जा रहा है।
बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम ड्रग तस्कर भोला ने लिया था। बाद में उनके संबंध एनआरआई से पाए गए। जिनका नाम आईस ड्रग तस्कर में लिप्त था।
पूछे जा सकते हैं ऐसे सवाल
ईडी के पास प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुखपाल खैहरा ने भी शिकायत कर कहा था कि बिक्रम सिंह मजीठिया को हवाला के जरिये लाखों रुपये विदेश से भेजे गए थे। क्या इन पैसों का लेनदेन ड्रग तस्करी के रैकेट में किया गया।
इस बारे में विस्तार से पूछताछ की तैयारी हो रही है। कनाडा में रहने वाले सतप्रीत सत्ता, पिंदी व लाडी के साथ मजीठिया के क्या संबंध हैं, उनके साथ क्या लेनदेन है। इस बारे में भी पूछताछ की तैयारी की हो रही है।
दिनभर चर्चा रही कि स्थानीय पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। क्योंकि मजीठिया के विरोध में कई राजनीतिक पार्टियां प्रदर्शन कर सकती हैं।
उनके समर्थन में भी युवा समर्थक एकत्रित हो सकते हैं। केस में पूछताछ का स्थान बदला जा सकता है लेकिन इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि करने को तैयार नहीं है।
पूर्व डीएसपी भोला ने लिया था मजीठिया का नाम
पंजाब में करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी के मामले में ईडी ने राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को समन जारी किए हैं। 26 दिसंबर को सुबह 10 बजे मजीठिया को जालंधर के ईडी दफ्तर बुलाया गया है। यहां पर मजीठिया से मामले को लेकर करीब 100 सवाल पूछे जा सकते हैं, जिनकी सूची विभाग ने तैयार कर रखी है।
मामले में पूर्व डीएसपी जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम सामने आया। भोला ने पुलिस सिक्योरिटी में कहा था कि पंजाब में ड्रग का कारोबार मंत्री मजीठिया की शह पर चलाया जा रहा था। इस खुलासे से सरकार और पुलिस प्रशासन सकते में आ गया था।
एक्शन में आए पुलिस विभाग ने एक के बाद एक गिरफ्तारियां की। इसी केस में बिट्टू औलख को गिरफ्तार किया गया। बिट्टू विधायक अमरपाल सिंह बोनी का निकटवर्ती और चुनावी इंचार्ज था। उसके पास गनर और गाड़ी होती थी। बिट्टू और मजीठिया के बीच नजदीकियां सामने आई। इस पर ईडी ने इस केस की जांच शुरू की।
जांच में कनाडा के रहने वाले सतप्रीत सत्ता और परबिंदर पिंदी का नाम आया जो आइस ड्रग के कारोबार में लिप्त थे। इन दोनों की ही मजीठिया से नजदीकी थी। दोनों मजीठिया की शादी में शामिल होने के लिए इंडिया भी आए थे। सत्ता जब भी भारत आता तो मजीठिया ही उसको गनर, गाड़ी और चालक उपलब्ध करवाता था।
इसके अलावा सेक्शन 50 के तहत ईडी ने बिट्टू के पिता रिटायर मास्टर प्रताप सिंह से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनके बेटे के मजीठिया से काफी नजदीकी संबंध हैं। सूत्रों की माने तो ड्रग के कारोबार में एक बार पैसे के लेनदेन को लेकर तस्करों में कड़वाहट आई थी, जिसे बिट्टू ने मजीठिया से कहकर सुलझाया था।
इस तरह कसता गया शिकंजा
-12 नवंबर 2013 में ड्रग तस्करी में पूर्व डीएसपी जगदीश भोला को गिरफ्तार किया गया
-भोला ने पुलिस को बताया कि पंजाब में ड्रग्स का कारोबार मजीठिया की शह पर चलाया जा रहा है
-15 नवंबर 2013 को कारोबार में शामिल बिट्टू औलख को पुलिस ने गिरफ्तार किया
-औलख और मजीठिया की नजदीकियां सामने आईं तो ईडी ने जांच शुरू की
-जांच में कनाडा के रहने वाले सतप्रीत सत्ता और परबिंदर पिंदी का नाम आया
-दोनों मजीठिया के काफी नजदीकी हैं और उनकी शादी में शामिल भी हुए थे
सत्ता की खातिरदारी करते थे मजीठिया
आइस ड्रग के कारोबार में शामिल कनाडा निवासी सतप्रीत सत्ता और परबिंदर पिंदी मजीठिया के करीबी हैं। दोनों मजीठिया की शादी में शामिल होने के लिए भारत भी आए थे। सत्ता जब भी भारत आता तो मजीठिया ही उन्हें गनर, गाड़ी और चालक उपलब्ध करवाते थे।
पुलिस ने दी थी क्लीन चिट
कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा ने कुछ ही समय पहले ईडी को दी शिकायत में मजीठिया के ड्रग तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया था। खैहरा का कहना था कि मजीठिया ने चंडीगढ़ में एक ड्रग पैडलर से हवाला का पैसा भी रिसीव किया है। उन्होंने इस संबंध में ईडी को कुछ कॉल डिटेल और अन्य सुबूत भी दिए थे। हालांकि पुलिस ने मजीठिया को क्लीन चिट दे दी।
इस्तीफा दें मजीठिया
बिक्रम मजीठिया को इस्तीफा दे देना चाहिए। ड्रग्स मामले में पार्टी का स्टैंड साफ है। तस्करी में नाम आने पर अगर राणिके और फिल्लौर इस्तीफा दे सकते हैं तो मजीठिया क्यों नहीं।
कमल शर्मा, प्रधान, पंजाब भाजपा
अपराधी नहीं बिक्रम
ईडी के समन जारी होने से कोई अपराधी नहीं बन जाता।
प्रकाश सिंह बादल, मुख्यमंत्री, पंजाब
भाजपा ने मांगा मजीठिया का इस्तीफा
ड्रग्स तस्करी मामले में ईडी के समन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का इस्तीफा मांगा है। प्रदेश प्रधान कमल शर्मा का कहना है कि नशे के मामले में पार्टी का स्टैंड साफ है।
यह स्टैंड पीएम मोदी से लेकर जमीन तक एक जैसा है। ड्रग्स मामले में नाम आने पर अगर राणिके और फिल्लौर इस्तीफा दे सकते हैं तो मजीठिया क्यों नहीं। कमल शर्मा रविवार को जालंधर में वाल्मीकि समाज के नेताओं की भाजपा में एंट्री करवाने के लिए पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि मजीठिया को इस्तीफा देना चाहिए। हमारी पार्टी ने तो सीपीएस अविनाश चंद्र का इस्तीफा भी मांगा था। जब उनसे पूछा गया कि अभी तक अविनाश का इस्तीफा नहीं लिया गया, क्या मजीठिया का लिया जाएगा। इस पर उनका कहना था कि यह सीएम बादल को देखना है, हमारी गठबंधन पार्टी है और हमने अपनी डिमांड रख दी है।
बाजवा ने की मजीठिया की बर्खास्तगी की मांग
ड्रग रैकेट मामले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा आगामी 26 दिसंबर को तलब किए जाने के नोटिस से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख इख्तियार करते हुए मजीठिया के इस्तीफे की मांग की है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है। विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले उठा यह मुद्दा अब सदन में भी सरकार की चिंता बढ़ा सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की है कि ड्रग रैकेट की जांच सीबीआई से कराई जाए क्योंकि इसमें ताकतवर लोगों के नाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि ईडी का अधिकार क्षेत्र ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिग एक्ट’ के उल्लंघन से संबंधित है, जबकि मजीठिया पर ड्रग रैकेट में संरक्षण देने का आरोप है। इस तरह उन पर एनडीपीएस एक्ट लागू होता है।
खैरा ने बादल सरकार पर जांच रोकने के आरोप लगाए
कांग्रेस के प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने कहा है कि कुछ समय पहले ड्रग रैकेट में कैबिनेट मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर के बेटे का नाम आने पर उनसे इस्तीफा ले लिया गया था। अब ईडी ने मजीठिया को सम्मन भेजा है तो मजीठिया भी इस्तीफा देकर जांच एजेंसी के सामने पेश हों।
खैरा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी बादल परिवार ने जांच रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन ईडी ने मजीठिया को सम्मन जारी कर ही दिया। बाजवा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें मजीठिया के साथ नरमी बरत रही हैं। जब तक वह मंत्री रहते हैं, किसी स्वतंत्र जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।
केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में कमीशन बना कर आरोपों की जांच करवानी चाहिए। फिर मामला सीबीआई के हवाले करना चाहिए। क्योंकि इसके सात विदेशों से भी जुड़े हैं।
रैकेट में शामिल सतप्रीत सिंह सत्ता, परमिंदर सिंह पिंदी और अमरिंदर सिंह लाडी कनाडावासी हैं। इसलिए सीबीआई जांच जरूरी है, क्योंकि वही विदेशी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों का सहयोग लेने को नोडल एजेंसी है।
कैप्टन ने सीबीआई जांच को ठहराया गलत
एक तरफ प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने ड्रग रैकेट की सीबीआई जांच की मांग दोहराई है। वहीं, उनके विरोधी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर इसे गलत ठहराया है।
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि बिक्रम मजीठिया को ईडी के समन से उनका पक्ष सही साबित हुआ है। वह लगातार कहते आ रहे हैं इस मामले में सिर्फ पंजाब पुलिस ही एकमात्र जांच एजेंसी नहीं है, बल्कि रेवेन्यू इंटेलिजेंस और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट भी जांच में शामिल हैं। कुछ लोग इस स्टेज पर केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
जब पंजाब पुलिस व अन्य एजेंसियां पहले से अपना काम कर रही हैं, तो सीबीआई को जांच सौंपने से देरी होगी, जांच प्रभावित होगी। कैप्टन का कहना है कि आरोपियों को समन भेजने में ही साल लग जाएंगे।
मजीठिया बोले, ईडी को पूरा सहयोग करेंगे
कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि वह ड्रग रैकेट की जांच में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट को पूरा सहयोग करेंगे। वह चाहते हैं कि यह जांच नतीजे तक पहुंचे, ताकि उनके खिलाफ सियासी विरोधियों की साजिशों पर विराम लग सके। मजीठिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह हमेशा से जांच एजेंसियों को सहयोग के लिए तैयार हैं।
जब ईडी ने समन भेजे, उस समय वह घर पर नहीं थे। उन्होंने खुद ईडी के संबंधित अफसर से फोन पर बात की। साथ ही अपने स्टाफ को फोन कर समन रिसीव करने को कहा। वह चाहते हैं कि सच सामने आए और उनकी छवि खराब करने के लिए चलाई गई मुहिम पर रोक लगे। प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा अदालत भी गए, लेकिन उनके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर सके।
उनके सभी आरोप निराधार हैं, उनका कोई सबूत नहीं है। वह पिछले एक साल से सियासी विरोधियों की साजिश का शिकार हो रहे हैं। इसलिए इस मामले की गहराई से जांच हो, ताकि सच सामने आए। यूपीए सरकार के दौरान पांच केंद्रीय एजेंसियों की जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। कांग्रेस द्वारा दायर जनहित याचिका भी रद्द कर दी गई।
मजीठिया के साथ खड़ा हुआ अकाली दल
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा ड्रग रैकेट मामले में कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को भेजे समन से गर्माई सियासत के बीच अकाली दल मजीठिया के साथ खड़ा हो गया है। पार्टी ने कहा है कि वह मजीठिया के इस्तीफे की मांग को लेकर किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगी, क्योंकि सिर्फ ईडी द्वारा सम्मन भेजे जाने से वह दोषी साबित नहीं हो जाते।
पार्टी नेताओं डॉ. दलजीत चीमा और महेश इंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि शिअद कानून के शासन का हिमायती रहा है। इस संबंध में उसका रिकार्ड देश की सभी पार्टियों से बेहतर है। अगर किसी सदस्य द्वारा कुछ गलत किया जाता है तो पार्टी सबसे पहले कार्रवाई करती है।
पार्टी जानती है कि मजीठिया निर्दोष हैं, क्योंकि यूपीए के कार्यकाल में पांच केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दौरान वह निर्दोष पाए गए थे। कुछ सियासी लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने मजीठिया का इस्तीफा मांगने वालों की सोच पर हैरानी जताई।
उन्होंने कहा कि हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगने पर अदालत ने उन्हें समन किया है, पर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। अकाली नेताओं ने सफाई दी कि पंजाब में कोई नशा उत्पादन नहीं होता। पाकिस्तान से आने वाले नशों को रोकने की जिम्मेदारी बीएसएफ के पास है।
केंद्र सरकार इसके लिए प्रयास करे। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश में अफीम व भुक्की उत्पादन पर रोक लगाई जाए। सिर्फ राजस्थान में ही इसके 17 हजार विक्रेता हैं। वहीं से यह तस्करी करके पंजाब लाई जाती है।