{"_id":"7bf34f1282a161e96e8bd43939c6fe82","slug":"lawyers-hoped-to-meet-new-chamber-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलों को नए चैंबर मिलने की जगी आश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलों को नए चैंबर मिलने की जगी आश
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Thu, 20 Feb 2014 08:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत परिसर में वकीलों के लिए अतिरिक्त चैंबर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। पिछले दो साल से चल रही इस प्रक्रिया पर अब तेजी आने लगी है।
इसी क्रम में वीरवार को जगह की निशानदेही की गई। अब नक्शा बनवाकर पास कराया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, अभी 113 चैंबर हैं, जो 2014 में वकीलों को अलॉट हुए थे। अब नए चैंबरों के लिए भी 200 आवेदन आ चुके हैं।
चूंकि पहले जमीन देने और उस पर चैंबर बनाने की प्रक्रिया सरकार की तरफ से पूरी कराई जाती थी, जबकि अब यह काम ज्यूडीशियरी ही करेगी। क्योंकि कोर्ट के साथ लगती जमीन जिला प्रशासन ने ज्यूडीशियरी के हवाले कर दी है। यानी अब इस पर निर्माण का जिम्मा हाईकोर्ट एवं स्थानीय कोर्ट का होगा।
यहां हुई निशानदेही
मौजूदा चैंबरों के पीछे गुरुकुल कालोनी के बॉर्डर पर बार काउंसिल के प्रधान वेद भूषण महाजन, महासचिव अश्वनी चौधरी, सदस्य विशाल मदान, एनके बजाज, पूर्व प्रधान जगपाल सिंह, अमर चंद, सुमेर पाल व एसी चौधरी की मौजूदगी में जगह की निशानदेही हुई।
अश्वनी चौधरी ने बताया कि फिलहाल निशानदेही हो गई है। अब अर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर पास होने के बाद जल्द से जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
अलॉटमेंट में भी बदलाव
अब चैंबरों की अलॉटमेंट में भी बदलाव किया गया है। पहले एक चैंबर एक वकील को मिलता था, लेकिन अब एक चैंबर दो वकीलों को अलॉट होगा।
अब तक बार काउंसिल को 200 आवेदन 400 वकीलों की तरफ से मिले हैं, जिसके साथ 25 हजार रुपये आवेदन फीस भी जमा हुई है।
जब चैंबर बन जाएंगे तो उनकी लागत को बांट दिया जाएगा और जिस अलॉटी के हिस्से जितने पैसे आएंगे, उसे अदा करने होंगे।
विज्ञापन
इसी क्रम में वीरवार को जगह की निशानदेही की गई। अब नक्शा बनवाकर पास कराया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, अभी 113 चैंबर हैं, जो 2014 में वकीलों को अलॉट हुए थे। अब नए चैंबरों के लिए भी 200 आवेदन आ चुके हैं।
चूंकि पहले जमीन देने और उस पर चैंबर बनाने की प्रक्रिया सरकार की तरफ से पूरी कराई जाती थी, जबकि अब यह काम ज्यूडीशियरी ही करेगी। क्योंकि कोर्ट के साथ लगती जमीन जिला प्रशासन ने ज्यूडीशियरी के हवाले कर दी है। यानी अब इस पर निर्माण का जिम्मा हाईकोर्ट एवं स्थानीय कोर्ट का होगा।
यहां हुई निशानदेही
मौजूदा चैंबरों के पीछे गुरुकुल कालोनी के बॉर्डर पर बार काउंसिल के प्रधान वेद भूषण महाजन, महासचिव अश्वनी चौधरी, सदस्य विशाल मदान, एनके बजाज, पूर्व प्रधान जगपाल सिंह, अमर चंद, सुमेर पाल व एसी चौधरी की मौजूदगी में जगह की निशानदेही हुई।
विज्ञापन
अश्वनी चौधरी ने बताया कि फिलहाल निशानदेही हो गई है। अब अर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर पास होने के बाद जल्द से जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
अलॉटमेंट में भी बदलाव
अब चैंबरों की अलॉटमेंट में भी बदलाव किया गया है। पहले एक चैंबर एक वकील को मिलता था, लेकिन अब एक चैंबर दो वकीलों को अलॉट होगा।
अब तक बार काउंसिल को 200 आवेदन 400 वकीलों की तरफ से मिले हैं, जिसके साथ 25 हजार रुपये आवेदन फीस भी जमा हुई है।
जब चैंबर बन जाएंगे तो उनकी लागत को बांट दिया जाएगा और जिस अलॉटी के हिस्से जितने पैसे आएंगे, उसे अदा करने होंगे।