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पंजाब में अब जमीन की रजिस्ट्री होगी ऑनलाइन, यहां से शुरु होगा ट्रायल
दविंदर पाल सिंह/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
Updated Mon, 06 Nov 2017 09:23 AM IST
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
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पंजाब में जमीनों की खरीद-फरोख्त में जालसाजी रोकने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब सूबे में जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन होगी। प्रदेश में सबसे पहले मोगा और आदमपुर (जालंधर) सब डिवीजन से 10 नवंबर को ट्रायल बेस पर इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद इसे 15 नवंबर से पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
यह डिप्टी कमिश्नर दिलराज सिंह का प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट बनाते वक्त वे डायरेक्टर, पंजाब लैंड रिकॉर्ड थे। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि इसके लिए नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएम) नामक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। अब रजिस्ट्री के लिए पहले आनलाइन अपॉइंटमेंट लेना जरूरी होगा। विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्री का प्रोफार्मा (फार्मेट) होगा। इसमें जमीन का सारा रिकॉर्ड दर्ज होगा। रजिस्ट्रेशन के काम में पारदर्शिता लाने के लिए यह एक बेहतर प्रोजेक्ट है व इससे जालसाजी रुकेगी।
ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए यह होगा जरूरी
तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल व नायब तहसीलदार सुरिंदर कुमार पब्बी ने बताया कि रजिस्ट्री के लिए जमीन खरीदने व बेचने वाले के आधार कार्ड के अलावा जमीन की रजिस्ट्री मे गिरदावरी लगानी जरूरी होगी। रिहायशी मकान, दुकान, प्लॉट की फोटो भी लगानी होगी। 10 लाख से अधिक की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होगा। पहले पड़ाव में इस सॉफ्टवेयर से एक घंटे में 4 और दिन में सिर्फ 30 रजिस्ट्रियां होने का अनुमान है। दस्तावेज स्कैन करके ईमेल आईडी द्वारा आनलाइन जमा करवाने के बाद संबंधित व्यक्तियों को अपॉइंटमेंट दिया जाएगा। दिए गए समय पर सब रजिस्ट्रार दफ्तर में जमीन खरीदने व बेचने वालों और गवाहों की फोटो होगी।
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यह डिप्टी कमिश्नर दिलराज सिंह का प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट बनाते वक्त वे डायरेक्टर, पंजाब लैंड रिकॉर्ड थे। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि इसके लिए नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएम) नामक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। अब रजिस्ट्री के लिए पहले आनलाइन अपॉइंटमेंट लेना जरूरी होगा। विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्री का प्रोफार्मा (फार्मेट) होगा। इसमें जमीन का सारा रिकॉर्ड दर्ज होगा। रजिस्ट्रेशन के काम में पारदर्शिता लाने के लिए यह एक बेहतर प्रोजेक्ट है व इससे जालसाजी रुकेगी।
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ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए यह होगा जरूरी
तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल व नायब तहसीलदार सुरिंदर कुमार पब्बी ने बताया कि रजिस्ट्री के लिए जमीन खरीदने व बेचने वाले के आधार कार्ड के अलावा जमीन की रजिस्ट्री मे गिरदावरी लगानी जरूरी होगी। रिहायशी मकान, दुकान, प्लॉट की फोटो भी लगानी होगी। 10 लाख से अधिक की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होगा। पहले पड़ाव में इस सॉफ्टवेयर से एक घंटे में 4 और दिन में सिर्फ 30 रजिस्ट्रियां होने का अनुमान है। दस्तावेज स्कैन करके ईमेल आईडी द्वारा आनलाइन जमा करवाने के बाद संबंधित व्यक्तियों को अपॉइंटमेंट दिया जाएगा। दिए गए समय पर सब रजिस्ट्रार दफ्तर में जमीन खरीदने व बेचने वालों और गवाहों की फोटो होगी।
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