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बेटी की शादी को 5 दिन से बैंक की लाइन में लगी थी मां, आज दम तोड़ गई
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Fri, 09 Dec 2016 09:15 AM IST
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गार्ड ने लाइन में खड़ी महिला को धक्का दिया और उसकी मौत
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बेटी की शादी में देने को दहेज का सामान खरीदने के लिए पांच दिन से बैंक के चक्कर लगा रही महिला की वीरवार सुबह धक्का मुक्की में मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि महिला को बैंक के बाहर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने धक्के दिए। गुस्साए परिजनों ने बैंक के बाहर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद बैंक वालों ने बैंक बंद कर दिया।
बैंक के बाहर मौजूद लोगों ने भी पीड़ित परिवार का साथ दिया और रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने के बाद एसीपी सेंट्रल अमनदीप सिंह बराड़, थाना डिवीजन दो, तीन और छह की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कर जाम खुलवाया। उसके बाद लोगों ने बैंक के बाहर बुजुर्ग महिला आशा रानी का शव रखकर बैंक वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन लगातार छह घंटे तक चला, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस पीड़ित परिवार को समझाती रही। जबकि परिजन बैंक सिक्योरिटी गार्ड और बैंक स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम साढ़े पांच बजे तक भी जारी था और मामले में फैसला नहीं हुआ था।
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बैंक के बाहर मौजूद लोगों ने भी पीड़ित परिवार का साथ दिया और रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने के बाद एसीपी सेंट्रल अमनदीप सिंह बराड़, थाना डिवीजन दो, तीन और छह की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कर जाम खुलवाया। उसके बाद लोगों ने बैंक के बाहर बुजुर्ग महिला आशा रानी का शव रखकर बैंक वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन लगातार छह घंटे तक चला, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस पीड़ित परिवार को समझाती रही। जबकि परिजन बैंक सिक्योरिटी गार्ड और बैंक स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम साढ़े पांच बजे तक भी जारी था और मामले में फैसला नहीं हुआ था।
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दहेज का सामान जुटाने के लिए लेने गई थी पैसे
गार्ड ने लाइन में खड़ी महिला को धक्का दिया और उसकी मौत
मृतका आशा रानी (55) के बेटे परमिंदर सिंह ने कहा कि वह एक निजी फैक्टरी में सुपरवाइजर है। उसके पिता सुखदेव सिंह की करीब डेढ़ साल पहले करंट लगने के कारण मौत हो गई थी। उसकी बहन भोला की शादी के लिए उसकी मां ने बैंक में पैसे जोड़ रखे थे।
उसकी फरवरी में शादी है। उसकी मां अभी से ही दहेज का सामान इकट्ठा करने में जुटी थी। उसकी मां का समराला चौक के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। वह पिछले पांच दिन से बैंक में शादी के लिए ढाई लाख रुपये निकलवाने जा रही थी।
रोज बैंक वाले उन्हें कैश न होने का बहाना बनाकर वापस भेज देते थे। बैंक वालों ने उससे वादा किया था कि वीरवार को उसे पैसे दे दिए जाएंगे। वीरवार को वह सुबह छह बजे ही बैंक के बाहर लाइन में खड़ी हो गई। करीब दस बजे बैंक खुला तो उन्होंने तुरंत कैश न होने का बोर्ड लगा दिया। जब शोर मचाया गया तो बोर्ड हटा दिया गया।
उसकी फरवरी में शादी है। उसकी मां अभी से ही दहेज का सामान इकट्ठा करने में जुटी थी। उसकी मां का समराला चौक के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। वह पिछले पांच दिन से बैंक में शादी के लिए ढाई लाख रुपये निकलवाने जा रही थी।
रोज बैंक वाले उन्हें कैश न होने का बहाना बनाकर वापस भेज देते थे। बैंक वालों ने उससे वादा किया था कि वीरवार को उसे पैसे दे दिए जाएंगे। वीरवार को वह सुबह छह बजे ही बैंक के बाहर लाइन में खड़ी हो गई। करीब दस बजे बैंक खुला तो उन्होंने तुरंत कैश न होने का बोर्ड लगा दिया। जब शोर मचाया गया तो बोर्ड हटा दिया गया।
बैंक के सिक्योरिटी गार्ड ने मारा था धक्का
बैंक में उमड़ी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
परमिंदर ने कहा कि इसी दौरान बैंक के सिक्योरिटी गार्ड ने सभी से धक्का मुक्की शुरू कर दी। जब उसकी मां आगे आई तो बैंक सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें धक्के मार कर पीछे कर दिया। इसी दौरान उसकी मां की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश गई। बाहर खड़े लोगों ने उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार मौके पर पहुंचा। वह शव लेकर बैंक के बाहर पहुंचे। जब उन्होंने बैंक के बाहर हंगामा किया तो बैंक वालों ने बैंक अंदर से बंद कर दिया। इस पर वहां मौजूद लोग भी पीड़ित परिवार के साथ आ गए और उन्होंने समराला रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें तर्क दिए और कहा कि वह रोड जाम न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बैंक वालों को बचा रही है। पीड़ित परिवार सिक्योरिटी गार्ड और बैंक वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे, जबकि पुलिस पीड़ित परिवार को आश्वासन देती रही कि इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार मौके पर पहुंचा। वह शव लेकर बैंक के बाहर पहुंचे। जब उन्होंने बैंक के बाहर हंगामा किया तो बैंक वालों ने बैंक अंदर से बंद कर दिया। इस पर वहां मौजूद लोग भी पीड़ित परिवार के साथ आ गए और उन्होंने समराला रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें तर्क दिए और कहा कि वह रोड जाम न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बैंक वालों को बचा रही है। पीड़ित परिवार सिक्योरिटी गार्ड और बैंक वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे, जबकि पुलिस पीड़ित परिवार को आश्वासन देती रही कि इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बैंक बंद करने से और भड़का गुस्सा
bank
- फोटो : amar ujala
जब बैंक के बाहर हंगामा हुआ तो बैंक वालों ने तुरंत बैंक बंद कर दिया। इससे बाहर खड़े लोग और भी गुस्सा गए और उन्होंने पीड़ित परिवार का साथ देकर बैंक के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि सरकार ने लोगों को लाइन में लगा दिया है, जबकि पर्याप्त तैयारी नहीं की।
पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। परिजनों से बात की जा रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में बात करेंगे।
- अमनदीप सिंह बराड़, एसीपी सेंट्रल
पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। परिजनों से बात की जा रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में बात करेंगे।
- अमनदीप सिंह बराड़, एसीपी सेंट्रल