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नाटक वकतुक अलो पर झूमे कुपवाड़ा के कलाकार, नशीली दवा के सेवन, दहेज और वन संरक्षण के बारे में किया जागरूक

Tue, 29 Sep 2020 01:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 01:51 AM IST
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Kupwara artist drama Waqtuk Alo drug abuse dowry forest protection
चंडीगढ़। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के ऑनलाइन कला महोत्सव ‘नई उम्मीद, नई पहल’ ने सोमवार को दूसरे चरण में प्रवेश किया। पांच सप्ताह के कार्यक्रम में सभी शैलियों के कलाकार शामिल हो रहे हैं। सोमवार को पहले चरण में चित्रकार सुश्री कादंबरी, कंवल पाल, वीपी वर्मा, गुरप्रीत, संजू, लोक नाथ देब और प्रसाद मिस्त्री इस सप्ताह में ज्यादातर ऐक्रेलिक रंगों में भगवान शिव का चित्र बना रहे हैं।
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गुरप्रीत कहते हैं कि मैंने शिवलिंग के साथ नीले रंग में और भस्म (राख) के साथ नंदी को चित्रित किया है। मूर्तिकार गुरमीत गोल्डी, हंसराज चित्रा, योगेश प्रजापति, प्राणवेश और कुलदीप अलग-अलग थीम के साथ लकड़ी पर अलग-अलग मूर्तियां बना रहे हैं।
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कश्मीरी लोक रंगमंच बुलबुल फोक थियेटर, गुलगाम, कुपवाड़ा के कलाकारों ने मोहम्मद सरवर की अगुवाई में भांड पाथेर शैली में एक नाटक ‘वकतुक अलो’ (जिसका अर्थ है बाज) प्रस्तुत किया। कलाकारों ने नशीली दवा के सेवन, दहेज और वन संरक्षण पर जागरूक किया। पंद्रह सदस्यीय समूह ने शहनाई, ढोल और नगाड़ा जैसे वाद्य यंत्र बजाए।
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कला महोत्सव में दिखे पंजाब के लोकगीत, बोलियां और लोकनाच
जतिंदर सिंह और समूह के लोक कलाकारों ने शाम के स्लॉट में पंजाब का लोक संगीत प्रस्तुत किया। तीन कलाकारों करतार, हरदीप और जतिंदर सिंह ने दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए ढोल, खूंडा, काटो, चिमटा और सप्प जैसे लोक वाद्ययंत्र बजाए। उन्होंने लोक गायन शैलियों जैसे लोकगीत और बोलियां पर पंजाब की समृद्ध परंपरा को प्रस्तुत करते हुए मलवई गिद्दा, झूमर, लुड्डी और भांगड़ा प्रस्तुत किया।

सपना ने सुनाई ‘मैं’ कहानी
जम्मू के रंगमंच कलाकार सपना सोनी ने विक्रम शर्मा द्वारा लिखित कहानी ‘मैं’ को सुनाया। कहानी एक ऐसे अभिनेत्री की है जो अपनी प्रसिद्धि के बाद, उदास हो जाती है और मतिभ्रम करने लगती है। वह आत्म हत्या करने के बारे में सोचती है लेकिन बाद में खुद पर जीत का अहसास (यानी अहंकार) करती है और अन्य कलाकारों से पूछती है कि, मैं अंधेरे से विजेता के रूप में उभरी हूं। वह जम्मू में एक थिएटर ग्रुप ‘द कलाकार’ चलाती है।
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