हरियाणा निकाय चुनाव: कांग्रेस ने दिल्ली में बुलाई बैठक, कुमारी सैलजा और कुलदीप बिश्नोई ने काटी कन्नी
कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी बरकरार है। प्रदेशाध्यक्ष न बनाए जाने के बाद वह पार्टी के किसी कार्यक्रम और बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। वह राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद ही अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेंगे।
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हरियाणा में निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही। पार्टी चिन्ह पर चुनाव लड़ने का फैसला लेने के लिए दिल्ली में 15 जीआरजी रोड पर बुलाई गई बैठक से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य कुलदीप बिश्नोई दूर रहे। कुछ विधायकों ने भी निजी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई।
प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में 45 कांग्रेस नेता, विधायक, पूर्व मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद व पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें सभी से एक-एक कर सुझाव लिए गए। अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान करेगा। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान व प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल बैठक की पूरी रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को सौंपेंगे। उसके आधार पर ही अंतिम निर्णय होगा।
विवेक बंसल ने विधायकों व अन्य नेताओं से पूछा कि पार्टी चिन्ह पर निकाय चुनाव क्यों लड़ना चाहिए। भविष्य में इसका क्या नफा-नुकसान होगा। अधिकतर विधायकों ने यह राय दी कि चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ा जाना चाहिए, इससे कार्यकर्ताओं में नए रक्त का संचार होगा। वे जोश के साथ अपने उम्मीदवारों को जिताने में डटेंगे।
बिना चिन्ह के समर्थित उम्मीदवार उतारने से पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी चुनाव में अधिक रूचि नहीं लेते हैं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ उतरने वाले कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। कुछ विधायकों ने यह सुझाव दिया कि नगर परिषद व नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव ही पार्टी चिन्ह पर लड़े जाएं।
पार्षद का चुनाव पार्टी अपने चिन्ह पर न लड़े। इसके साथ ही भाजपा की गतिविधियों और चुनाव को लेकर फैसलों पर पैनी निगाह रखी जाए। उसके अनुसार ही पार्टी अपनी रणनीति बनाए ताकि भाजपा को मात दी जा सके।
कुलदीप की नाराजगी बरकरार, सैलजा के तेवर कड़े
कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी बरकरार है। प्रदेशाध्यक्ष न बनाए जाने के बाद वह पार्टी के किसी कार्यक्रम और बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। वह राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद ही अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। राहुल ने अभी उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। प्रदेश प्रभारी बंसल मुलाकात का समय तय कराने में लगे हुए हैं। प्रदेशाध्यक्ष पद से हटने के बाद सैलजा ने भी कड़े तेवर अख्तियार किए हैं। वह भी पार्टी की बैठकों से अभी तक दूर रही हैं। नए प्रदेशाध्यक्ष के ताजपोशी कार्यक्रम में वह तय समय पर पहुंची थीं लेकिन कार्यक्रम 5 घंटे लेट होने के कारण वह पहले ही निकल गईं।