{"_id":"66c2d572dfe6280bd5007251","slug":"kolkata-rape-murder-case-pgi-chandigarh-doctor-on-strike-opd-closed-in-gmch-32-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kolkata Rape-Murder Case: पीजीआई चंडीगढ़ में फॉलोअप मरीज ही देखे जाएंगे, जीएमसीएच-32 में ओपीडी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kolkata Rape-Murder Case: पीजीआई चंडीगढ़ में फॉलोअप मरीज ही देखे जाएंगे, जीएमसीएच-32 में ओपीडी बंद
Mon, 19 Aug 2024 10:47 AM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 19 Aug 2024 10:47 AM IST
सार
पीजीआई चंडीगढ़ में सोमवार को भी डॉक्टर हड़ताल पर हैं। चिकित्सकों ने कोलकाता घटना के विरोध में सुबह रोष रैली निकाली। वहीं, जीएमसीएच-32 में भी आज ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई हैं।
विज्ञापन
रोष रैली निकालते पीजीआई के चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोलकाता की घटना पर डॉक्टरों का रोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पीजीआई के फैकेल्टी फॉलोअप मरीजों का ही ओपीडी में इलाज करेंगे। इसके लिए सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक पंजीकरण होगा। वहीं, नए मरीजों का पंजीकरण और इलाज नहीं किया जाएगा। वहीं, जीएमसीएच-32 के फैकेल्टी सुबह 9 से 11 बजे तक पेन डाउन हड़ताल पर रहेंगे। उसके बाद वे मरीज देखेंगे। पीजीआई के साथ ही जीएमसीएच-32 के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी।
विज्ञापन
पीजीआई में सोमवार सुबह डॉक्टरों ने रोष रैली निकाली। हाथों में बैनर थे और चिकित्सकों ने घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। डॉक्टरों का कहना है कि जबतक कोलकाता घटना के सभी दोषी गिरफ्तार नहीं होते और मृतका डॉक्टर को इंसाफ नहीं मिलता तब तक उनका रोष प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन
पीजीआई फैकेल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. धीरज खुराना का कहना है कि वे सोमवार से ओपीडी में फोलोअप मरीज देखेंगे। वहीं रेजिडेंट को उनका समर्थन जारी रहेगा। जबकि रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट पास होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। बता दें कि रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पिछले सोमवार से चल रही है। इस दौरान पीजीआई की ओपीडी ठप होने से अब तक लगभग 30 से 35 हजार मरीज इलाज से वंचित हो गए हैं क्योंकि सामान्य दिनों में पीजीआई की ओपीडी में आठ से दस हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। वहीं, लगभग 500 से ज्यादा इलेक्टिव सर्जरी पेंडिंग हो गई है जबकि पैथालॉजी और रेडियोडाइग्नोसिस की हजारों जांच रिपोर्ट पेंडिंग है।
विज्ञापन
इमरजेंसी और ट्रामा में कर रहे इलाज
कोलकाता की घटना से आक्रोशित पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों ने जहां ओपीडी ठप कर रखी है, वहीं इमरजेंसी और ट्रामा में उनकी ड्यूटी सामान्य रूप से जारी है। उनका कहना है कि वे मरीजों को कष्ट देना या नुकसान पहुंचाना नहीं चाहते, इसलिए इमरजेंसी और ट्रामा सेवा बाधित नहीं की है। लेकिन उनके लिए न्याय और अपनी सुरक्षा का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। इसलिए उनका प्रदर्शन न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
डॉक्टरों ने पैदल यात्रा और कैंडल मार्च कर लोगों को किया जागरूक
कोलकाता की घटना से आमजन को जोड़ने के लिए डॉक्टरों ने रविवार को पदयात्रा, कैंडिल मार्च और शहर के प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कैंपेन चलाया। पीजीआई के फैकेल्टी के साथ मिलकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुबह सुखना लेक पर पदयात्रा कर लोगों से इससे जुड़ने की अपील की। इसके साथ ही सेक्टर-17 और शहर के मॉल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने लोगों के बीच पंपलेट बांटे। उन्हें घटना की जानकारी दी और जुड़ने की अपील की। वहीं, शाम को पीजीआई परिसर में कैंडिल मार्च निकाला। इसी क्रम में जीएमसीएच- 32 में भी फैकेल्टी, रेजिडेंट डॉक्टर और इंटर्न ने शाम को कॉलेज परिसर में कैंडिल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की।