कांटों के इतने फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घरों में कम होती जगह और अपार्टमेंट कल्चर बढ़ने से लोगों के बीच कैक्टस का रुझान बढ़ा है। इसे इनडोर प्लांट के तौर पर कहीं भी लगाया जा सकता है। इससे खूबसूरती के साथ हरियाली भी मिलती है।
कैक्टस के पौधों की खूबसूरती फूलों से कम नहीं है। कम पानी के बाद भी इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। हालांकि, कैक्टस को लेकर लोगों में जो भ्रम थे वह अब दूर हो रहे हैं। यह कहना है नेशनल कैक्टस एंड सेक्यूलेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रेजीडेंट मेजर जनरल सीएस बेवली का।
कैंसर के इलाज में भी कारगर
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित कैक्टस गार्डन की प्रबंधक निधि भारद्वाज के मुताबिक, कैक्टस के कई औषधीय गुण हैं, जिसे देखते हुए इसे घरों में लगाया जाने लगा है। कई प्रजातियां ऐसी हैं, जिनके बीज से विदेश में जैम और कैंडीज भी तैयार किए जाते हैं।
दर्द, कैंसर, शुगर सहित कई और बीमारियों को भी इससे दूर करना संभव हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम है कि कैक्टस को घर के अंदर रखना ठीक नहीं है, यह बिल्कुल गलत है। बच्चों को कांटे चुभने का खतरा रहता है, लेकिन इसे पॉट या हैंगिंग पॉट में रखना बेहद आसान है।
औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं कैक्ट्स
कैक्टस गार्डन में पिछले दो दिनों से एक प्रदर्शनी चल रही थी। प्रदर्शनी में 35 वर्ष पुराना 27 फुट ऊंचा कैक्टस ‘पैकेसीरियस स्प्रिंगली’ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। गार्डन में हर तरफ कैक्टस और सेक्यूलेंट की प्रजातियां मौजूद थीं।
इनमें से कोई अपनी खूबसूरती तो कोई औषधीय गुणों के कारण लोगों के लिए आकर्षण रही। प्रदर्शनी में हर वर्ग और उम्र के लोग पहुंचे, जिन्होंने न केवल प्रदर्शित कैक्टस और सेक्यूलेंट्स के बारे में जानकारी हासिल की, बल्कि उनकी अहमियत के बारे में भी पूछा।
इस दौरान सहारनपुर से आए नवल ने भी कैक्टस के पौधों को प्रदर्शित किया। पौधों की खूबसूरती देखकर लोगों ने उनकी स्टॉल से हाथों हाथ सैकड़ों पौधों को खरीद लिया।
बच्चे ज्यादा रखते हैं कैक्ट्स में रुचि
प्रदर्शनी में कैक्टस के बारे में जानकारी हासिल करने वालों बच्चे की संख्या ज्यादा होती है। यह कहना है कि अपना कलेक्शन लेकर पहुंची मिनी सरकारिया का। वहीं, शो में क्वीन का खिताब हासिल करने के बाद मिसेज रवि लाल ने कहा कि वह कैक्टस की हिफाजत के लिए तमाम कोशिशें करती हैं।
कलेक्शन में कई कैक्टस ऐसे हैं, जिनके औषधीय गुणों के कारण लोग अक्सर उन्हें नुकसान भी पहुंचा देते हैं। मेजर जनरल सीएस बेवली की मानें तो कैक्टस से न केवल हरियाली होती है, बल्कि ऑक्सीजन की कमी भी नहीं होने पाती है। मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों में रहने वालों के लिए यह माकूल है।
कैक्टस की बिक्री कर रहे नवल ने बताया कि एक दिन में सौ से अधिक कैक्टस और सेक्यूलेंट की बिक्री हुई। प्रबंधक निधि भारद्वाज ने बताया कि रविवार दोपहर बाद प्रदर्शनी का समापन होगा। इससे पहले पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
फूलों वाले कैक्टस की डिमांड
कैक्टस के जानकारों के मुताबिक, बोन्जाई, ग्राफ्ट के अलावा कैक्टस की उन वैराइटी की अधिक मांग है, जिनमें हर साल फूल खिलते हैं। इनमें से अधिकतर कैक्टस ऐसे हैं जिनमें एक या अधिक से अधिक दो दिन के लिए फूल खिलतेे हैं। अजय ने कहा कि ऐसा मौका काफी कम आता है, लेकिन कैक्टस गार्डन आने वालों की इस दिन की तलाश होती है।
इतनी प्रजातियां देख लोग भी अचंभित
लिथॉप्स, मेलोकैक्टस, पैथिपोडियम, एस्ट्रेफाइटस, ओपशिया, मैमेलेरियो या ग्रुसोमा (सास का बिछौना) सहित सैकड़ों प्रजातियों के कैक्टस और सेक्यूलेंट को शो के दौरान प्रदर्शित किए गए। एक जगह कैक्टस की इतनी बैराइटी देख लोग भी अचंभित हो गए। फूलों वाले कैक्टस ने लोगों को ज्यादा प्रभावित किया। फूलों को देखकर लोग कैक्टस का पौधा खरीदने से खुद को नहीं रोक सके।
कैक्ट्स की इन प्रजातियों को जानते हैं
क्रिसमस कैक्टस
इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जैसे थैंक्स गिविंग कैक्टस, क्रैब कैक्टस और हॉली डे कैक्टस। यह मूलत: दक्षिण-पूर्वी ब्राजील का पौधा है। अब दुनियाभर में घरेलू बगीचों के लिए लोकप्रिय हाउस प्लांट है। इसकी अनेक उपजातियां हैं, जिन पर गुलाबी, सफेद, पीले, संतरी, लाल और बैंगनी फूल आते हैं।
हावोर्थिया कैक्टस
कैक्टस की यह किस्म बहुत ज्यादा नहीं बढ़ती। इसलिए खिड़कियों और रोशनदानों की शोभा बढ़ाने के लिए यह आदर्श है। इसकी कई उपजातियां हैं, जिनके पत्तों पर अलग-अलग डिजाइन होते हैं। यह मूलत दक्षिण अफ्रीका का ही पौधा है। गर्मियों में इन पर सुंदर फूल आते हैं।
सेन पेड्रो कैक्टस
यह बड़ी तेजी से बढ़ने वाला कैक्टस है। लेटिन अमेरिकी देशों से पूरी दुनिया में फेला। इसमें कई तरह के एल्कोलाइड पाए जाते हैं, जिस वजह से इसका इस्तेमाल दवाएं बनाने में भी होता है। इस पर गर्मियों में खूबसूरत फूल आते हैं। ये पौधे दल बनाकर लंबाई में बढ़ते हैं। आपके बगीचे में लैंडस्केपिंग में इनका खूबसूरत इस्तेमाल हो सकता है।
कैक्ट्स की इन प्रजातियों को भी जानिए
बॉल कैक्टस
इसकी एक दर्जन से ज्यादा प्रजातियां हैं। गोल गेंदनुमा आकृति होने की वजह से इसे बॉल कैक्टस का नाम दिया गया है। अलग-अलग रंगों के फूलों की वजह से प्रजातियों के अलग नाम है। रूबी बॉल कैक्टस पर खूबसूरत लाल रंग का फूल आता है। आप इसे घर की शोभा बढ़ाने के लिए अंदर कलात्मक तरीके से सजा सकते हैं और दोस्तों को उपहार में भी दे सकते हैं।
बीहाइव कैक्टस
इसकी 57 प्रकार की उपजातियां होती हैं। यह मधुमक्खियों के छत्ते के आकार में बढ़ता है। बाहर की ओर कांटों का जाल सा बना रहता है। इस पर अलग-अलग रंगों के सुंदर फूल आते हैं। यह कैक्टस स्थान के अनुरूप तेजी से म्युटेंट होता है, इसलिए इसकी इतनी ज्यादा प्रजातियां हैं।
चिन कैक्टस
यह एक ऐसी प्रजाति है, जिसकी 70 से ज्यादा किस्मे हैं। इस पर खूबसूरत फूल आते हैं। कली का आकार लिए सूक्ष्म समूहों पर ऊपर की ओर कांटे होते हैं।