'सेलेरियो' की ये खूबियां दीवाना बना देंगी आपको
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैगन-आर और आई-10 की तरह सेलेरियो थोड़ी ऊंची है। सामने का अंदाज अग्रेसिव है। इसकी परफॉरमेंस अच्छी है। चंडीगढ़ से दिल्ली की ड्राइव में इसके पीछे बैठे यात्रियों ने जगह कम होने की शिकायत नहीं की।
आगे और पीछे की सीटों पर अच्छा लेग और हेड रूम है। पीछे की सीट पर तीन वयस्क आसानी से बैठ सकते हैं लेकिन अगर तीन 100-100 किलो के लोगों को पीछे बैठना होगा तो उन्हें दिक्कत होगी।
इसके बूट में 235 लीटर की पर्याप्त जगह है लेकिन इस मामले में मैं इसकी प्रतिस्पर्धी कारों होंडा ब्रियो और हुंडई आई-10 को ज्यादा नंबर दूंगा।
ये हैं सेलेरियो के खास फीचर्स
सुरक्षा फीचरों की बात करें तो इसमें सेलेरियो में एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), एयरबैग्स, फ्रंट फॉग लैंप्स और रियर विंडो वाइपर को जगह दी है। लेकिन यह सब कुछ सिर्फ टॉप वैरिएंट में मिलेंगे। जीरकपुर में हो रही भारी बारिश से गुजरते हुए मैंने इसके एबीएस को परखा।
गीली सड़क पर जब टायर सड़क को उतने अच्छे से नहीं पकड़ पाते, तब एबीएस रामबाण साबित होता है। अन्य फीचर में ब्लूटूथ ऑडियो सिस्टम, स्टीयरिंग पर ऑडियो और फोन कंट्रोल, इलेक्ट्रिक रियर व्यू मिरर्स, पावर विंडो, की लेस एंट्री, टिल्ट स्टीयरिंग आदि शामिल हैं।
हालांकि ये सब भी टॉप मॉडल में ही हैं। एसी विद हीटर, पावर स्टियरिंग और मल्टी फंक्शन डिसप्ले जैसे फीचर्स बेस वैरियंट में भी दिए हैं।
ऐसी है सेलेरियो की ड्राइव
मारुति सुजुकी ने इसमें अपने लोकप्रिय के-10 इंजन के नए अवतार 1.0 लीटर के-नेक्स्ट इंजन का प्रयोग किया है। यह 68 बीएचपी की शक्ति और 90 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करती है जो कि एक कांपैक्ट कार के लिहाज से संतोषजनक है। इसका ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन पारंपरिक ट्रांसमिशन से अलग है।
अगर आपको गियर शिफ्टिंग में ही आनंद आता है तो उसका भी इंतजाम इसमें किया गया है। कंपनी के अनुसार इसका एआरएआई माइलेज 23.1 किमी प्रति लीटर है, जो कि इसके मैनुअल गियर वाले वैरियंट के बराबर है। सिटी में चलाने के लिए ऑटोमैटिक मोड का ऑप्शन बेस्ट रहता है।
बस ड्राइव मोड पर गियर शिफ्ट करें और एक उत्साही ड्राइव का लुत्फ उठा सकते हैं। मेरी चंडीगढ़ से दिल्ली की ड्राइव में मैंने इसे 160 किमी तक पहुंचाया लेकिन यह गाड़ी 100 से 110 किमी प्रति घंटा के बीच में ही सबसे अधिक आराम महसूस कराती है। लेकिन मुझे इस गाड़ी को चलाने में सबसे अधिक मजा मैनुअल में आया।
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की रेडलाइट पर गाड़ी न्यूट्रल में डालने के बाद ड्राइव में आने में काफी दिक्कत कर रही थी। हालांकि मैंने इसकी शिकायत मारुति को की लेकिन यह समस्या सिर्फ मेरी कार की थी।
ये है कीमत और अन्य फीचर्स
7 वेरिएंट में उपलब्ध सेलेरियो की कीमत 4.74 से 4.84 लाख रुपये (एक्स-शोरूम चंडीगढ़) तक है।
इनसे है मुकाबला
कीमत के मामले में सेलेरियो के सबसे करीब होंडा ब्रियो और हुंडई आई-10 और ग्रैंड आई-10 आती हैं। हालांकि इनमें 1.2 लीटर का इंजन लगा है और सेलेरियो में 1.0 लीटर।
होंडा ब्रियो
4.04 से 6.04 लाख रुपये (एक्स शोरूम चंडीगढ़) कीमत वाली यह कार रंग-रूप और इंटीरियर के मामले में सेलेरियो से ज्यादा अच्छी लगती है। लेकिन इसकी कीमत काफी ज्यादा है। हालांकि माइलेज सेलेरियो से कम है।
हुंडई आई-10 ग्रैंड
5.73 लाख रुपये (एक्स शोरूम दिल्ली) की कीमत वाली यह कार भी सेलेरियो के मुकाबले महंगी है। हालांकि फीचर्स और स्टाइल के मामले में यह बढ़त लेती दिखती है। स्पेस की मामले में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। पावर ज्यादा है, पर माइलेज सेलेरियो से कम है।
प्लस प्वाइंट
- सिटी परफारमेंस
- इजी टू ड्राइव
-इंटीरियर फीचर्स
नेगेटिव प्वाइंट
- समझ में न आने वाला डिजाइन
- सुरक्षा फीचर्स की कमी
- इंजन का काफी वाइब्रेट करना