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Hindi News ›   Chandigarh ›   Know About Mouth Cancer

मुंह के कैंसर के बारे में जानने के लिये खबर पढ़ें

Sun, 01 Jun 2014 12:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 01 Jun 2014 12:22 PM IST
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Know About Mouth Cancer

तंबाकू, सिगरेट, मसाला, गुटखा का यदि आप सेवन कर रहे हैं तो मुंह के कैंसर की जद में जा सकते हैं। यदि शुरुआती दौर में इसका पता लग गया तो जिंदगी बच सकती है, वरना हर पल दर्दनाक बन जाता है। यह कहना है सेक्टर-7 स्थित सुप्रीम डेंटल क्लीनिक के ओरल कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. नितिन कौशल का।

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उनके मुताबिक कैंसरों के मामलों की संख्या में मुंह का कैंसर आठवें नंबर पर है। इसमें मुंह तो प्रभावित होता ही है, होंठ और जुबान पर भी इसका असर पड़ता है। यह गाल, मुंह के तालु, मसूड़ों और मुंह के ऊपरी हिस्से में होता है। इसके लक्षण आमतौर पर पकड़ में नहीं आते।
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हालांकि अब कई ऐसी तकनीक उपलब्ध हो गईं हैं कि जो कैंसर की पहले की स्टेज को आसानी से डिटेक्ट कर लेता है। डॉ. कौशल का कहना है कि लोगों को चाहिए वे इस स्टेज तक न पहुंचे और धूम्रपान को छोड़ दें। उन्होंने बताया कि पहले यह धारणा होती थी कि मुंह के कैंसर सिर्फ पुरुषों को होता है, लेकिन चंडीगढ़ में महिलाओं में भी इसके मामले देखे जा रहे हैं।
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मुंह के कैंसर के लक्षण
1. गाल या होंठ के अंदर सफेद पैच परमानेंट बन चुका हो।
2. मुंह में अल्सर हो गया हो, जो दवाई खाने के बाद भी ठीक न हो रहा हो
3. जबड़ों से खूना आना और सूजन

प्रारंभिक जांच
पहले रोगी के स्वास्थ्य की पूर्व परेशानियों का पता लगाया जाता है। इसके बाद धूम्रपान की आदतों का अध्ययन किया जाता है कि वह तंबाकू का आदी है, शराब का अधिक प्रयोग करता है या सिगरेट पीता है। विशेषज्ञ होठों, ओरल कैविटी, फारनेक्स (मुंह के पीछे, चेहरा और गर्दन) में शारीरिक परीक्षण द्वारा किसी भी तरह की सूजन, असामान्य या धब्बे वाले टिश्यू और घाव की जांच कर यह निर्णय लेते हैं कि कि कैंसर का कारण क्या है और वह किस स्थिति में है।


कई बार में होती है जांच
कोई भी जख्म या अल्सर मिलता है तो बायोप्सी की जाती है। इसके बाद एनडोस्कोपिक परीक्षण और इमेजिंग इन्वेस्टिगेशन्स (कम्प्यूटिड टोमोग्राफी  यानी सीटी), मैगनेटिक रिसोनेन्स इमेजिंग (एमआरआई) और  अल्ट्रासोनोग्राफी द्वारा बीमारी की स्टेज जांची जाती है।

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