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पंजाब में 15वें दिन 'रेल रोको' आंदोलन जारी, किसान नेता ने कहा- किसानों में फूट डालना चाहते हैं प्रधानमंत्री

Thu, 08 Oct 2020 10:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 08 Oct 2020 10:23 PM IST
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Kisan Mazdoor Sangharsh Committee rail roko agitation in Amritsar against farm laws enters 15th day
रेल रोको आंदोलन। - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश के किसानों की एक साथ बैठक नहीं बुलाकर किसानों में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। इसे किसान जत्थेबंदियां कामयाब नहीं होने देंगी। हरियाणा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को किसानों ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। किसानों ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि रविवार को दुकानें बंद होती हैं और सरकारी विभाग की छुट्टी होती है।  दुकानदार और कर्मचारी भी उनके धरने में शामिल हों। 

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किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू, सरवन सिंह और इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उनका आंदोलन 15वें दिन में शामिल हो चुका है। किसान जत्थेबंदियां प्रधानमंत्री के साथ बैठक करना चाहती हैं तो पूरे देश के किसानों को बैठक में बुलाया जाए। पंजाब के किसानों की बैठक बुलाकर किसानों के बीच फूट डालने की साजिश न रची जाए। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन 11 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। किसान 14 अक्तूबर को समर्थन दिहाड़ा मनाने जा रहे हैं। 
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अमृतसर में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी द्वारा नए कृषि कानून के विरुद्ध गांव देवीदासपुर के रेल ट्रैक पर लगाया गया धरना गुरुवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया। सैकड़ों किसानों ने काले रंग के चोले पहनकर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
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गुरदासपुर में आठ दिन से रेलवे ट्रैक पर धरना लगाए किसानों ने कहा कि मोदी साहिब समझ लीजिए, किसान अगर बोना जानता है तो उसे काटने की कला भी किसान में है। भाजपा को किसानों की कितनी कद्र है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसान सड़कों पर है लेकिन आप कुछ नहीं कर रहे। 

लुधियाना में कृषि कानूनों के खिलाफ किरती किसान यूनियन के सदस्य गुरुवार को भी लाडोवाल टोल प्लाजा पर बैठे रहे और किसी भी वाहन से पैसे नहीं लेने दिए गए। पक्का डेरा जमाकर बैठे किसान जत्थेबंदियों ने टोल प्लाजा पर ही लंगर खाया। किसान जत्थेबंदियों ने मोदी सरकार को चेताया कि कानूनों में तत्काल संशोधन किया जाए वरना वे धरने पर ही बैठे रहेंगे। 

रोपड़ में गुरुवार को रोपड़-नंगल मार्ग पर गांव मलकपुर के पास पेट्रोल पंप को बंद करवाकर प्रदर्शन किया गया। विधायक अमरजीत सिंह संदोआ भी किसानों के साथ धरने पर बैठे। सभी ने पेट्रोल पंप पर ही दरी बिछाकर लंगर छका।

वे पुत्त... घरबार तां बचूगा, जे जमीनां बचणगीयां...

‘वे पुत्त कीदा जी करदा आपणे घरबार छड़के सड़कां ते बैठण नूं। ऐह तां निकम्मीयां सरकारां दी देण है, जो किसानां नूं ऐहो जिहा करण लई मजबूर करदीयां नें। पुत्त घरबार तां ही बचूगा जे साडीयां जमीनां बचणगीयां।’ यह दर्द उन किसान महिलाओं का है, जो खेती कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल हैं।

पिछले एक सप्ताह से अपने घर परिवार को छोड़कर दिन रात रेलवे ट्रेक, पेट्रोल पपं और टोल प्लाजा पर आंदोलन में जुटे किसानों के साथ महिलाएं भी मजबूती से खड़ी हैं। किसान आंदोलन में बड़ी तादाद में किसान महिलाएं केसरिया रंग की चुन्नी ओढ़कर संघर्ष को मजबूती दे रही हैं। हाथ में किसान यूनियन का झंडा उठाए हुए गांव उप्पली चट्ठे की बुजुर्ग महिला करनैल कौर, गांव तुंगा की सरबजीत कौर और मनजीत कौर ने बताया कि अपने घर परिवार को छोड़कर किसी का मन नहीं करता कि वह इस तरह रेलवे ट्रैक पर बैठे।

यह तो किसानों की मजबूरी है, क्योंकि काले कानून किसानों को उजाड़ने वाले हैं। किसानों की दशा तो पहले ही ठीक नहीं है। सरकारें किसानों को राहत देने के बजाया उनका गला दबाने में जुटी हैं। आंदोलन में शामिल होने वाली अधिकतर महिलाएं बुजुर्ग हैं और कई महिलाओं की शारीरिक स्थिति ऐसी है कि बैठ कर दोबारा जल्दी उठ पाना उनके लिए मुश्किल है। वह किसी सहारे से खड़ी हो पाती हैं। इसके बावजूद वे आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

बेरोजगार अध्यापक भी आए किसानों के समर्थन में
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन के समर्थन में टीईटी पास बेरोजगार बीएड अध्यापक यूनियन भी उतर आई है। किसान आंदोलन में शामिल यूनियन के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह ढिलवां, सीनियर उपाध्यक्ष निक्का सिंह और महासचिव गुरजीत कौर ने कहा कि नौकरी देने के झूठे वादे करने वाली केंद्र सरकार अब लोगों के स्वरोजगार को भी छीन रही है। खेती कानून लागू होने से जहां किसान तबाह होंगे, वहीं मंडी, गोदाम आदि में काम करने वाले लाखों मजदूरों का रोजगार भी छिन जाएगा। उन्होंने एलान किया कि वह किसानों के संघर्ष में उनके साथ हैं।
 
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