पंजाब में मनाया गया महिला किसान दिवस, प्रदेश भर में धरना, ट्रैक्टर मार्च और पुतले फूंके गए
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पंजाब भर में किसानों ने सोमवार को महिला किसान दिवस मनाया। इस दौरान पूरे पंजाब में जगह-जगह महिलाओं ने रैली निकाली। वहीं कई जगह केंद्र सरकार के पुतले भी फूंके। महिलाओं ने ट्रैक्टर मार्च के दौरान केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान 26 जनवरी को प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड की रणनीति भी बनाई।
मुक्तसर में महिलाओं ने घेरा लघु सचिवालय
सैकड़ों महिलाओं ने सोमवार को मुक्तसर के लघु सचिवालय का घेराव कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान 12 से तीन बजे तक धरना लगाया। महिला किसान नेता इकबाल कौर बराड़ ने कहा कि महिलाओं का हर जगह पर सम्मान किया जाता है लेकिन केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण महिलाएं आज सड़क पर धक्के खानों को मजबूर है। सरकार ने जो कृषि कानून पास किए हैं वह सभी लोगों के लिए खतरनाक है। सरकार ने देश के अन्नदाता के भविष्य को दांव में लगा दिया है। इन कानूनों के कारण किसानों के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
फिरोजपुर : महिलाओं ने फूंका केंद्र का पुतला
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के बैनर तले किसान महिला दिवस पर विभिन्न गांवों की महिलाओं ने कृषि कानून के विरोध में केंद्र सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया। महिलाओं ने फिरोजपुर, गुरुहरसहाए, झोक टहल सिंह, ममदोट, मक्खू, मल्लांवाला व अन्य गांवों में प्रदर्शन कर केंद्र और कारपोरेट घरानों के पुतले फूंके।
बठिंडा में भी घेरा मिनी सचिवालय
किसान महिलाओं ने मिनी सचिवालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने तीनों कानून वापस लेने की मांग की। उन्होंने एलान किया कि गणतंत्र दिवस पर पूरे जिले में किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के बैनर तले बनाए गए हजारों झंडे लगाए जाएंगे।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले नारेबाजी करते हुए महिला किसान सुखविंदर कौर, मलकीत कौर ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को बनाकर किसानों व देश को फिर से गुलाम बनाने की साजिश रची है। देश का किसान ही सुरक्षित नहीं होगा तो आर्थिक स्थिति कैसे सुधरेगी।
अमरगढ़ टोल प्लाजा पर धरने में बैठीं महिलाएं।
महिलाओं ने किया कृषि कानूनों का विरोध
लुधियाना में कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को महिला किसानों ने प्रदर्शन कर रोष जताया। गांव एतिआणा की महिलाएं हिस्सेवाल टोल प्लाजा पहुंचीं और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च को लेकर किसान सड़कों पर रिहर्सल करते दिखे। किसानों ने ट्रैक्टर को लुधियाना-बरनाला रोड पर एक कतार में चलाकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
गांव एतिआणा में सोमवार सुबह से ही गांव की सभी महिलाएं पहले एक जगह पर एकत्र हुईं। वहां से विभिन्न वाहनों पर मार्च करते हुए हिस्सेवाल टोल प्लाजा पर पहुंचीं। किसान यूनियन के नेताओं ने उनका स्वागत किया। गांव एतिआणा के सरपंच लखबीर सिंह ने कहा कि आंदोलन में समाज का हर वर्ग योगदान दे रहा है, क्योंकि हर कोई किसी न किसी तरह किसानी से जुड़ा है।
महिलाओं ने निकाला रोष मार्च, पुतला फूंका
गुरदासपुर में भी कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का रेलवे स्टेशन पर धरना सोमवार को भी जारी रहा। वहीं किसानों ने सोमवार को किसान महिला दिवस मनाया। धरने में बड़ी संख्या में किसान महिलाएं शामिल हुईं। इसके बाद रोष मार्च निकालकर जहाज चौक पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। किसान नेता मक्खन सिंह कोहाड़ ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में किसान पुरुष व महिलाएं सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना दे रही हैं।
महिलाओं ने पूर्व मंत्री ज्याणी के गांव में दिया धरना
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने फाजिल्का के गांव कटैहड़ा में भाजपा के पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी के गांव में धरना देकर रोष जताया। उधर किसान यूनियन और महिलाओं के प्रदर्शन के कारण फाजिल्का व अबोहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

रैली की शुरुआत संघर्ष में जान गंवाने वाले किसान, मजदूर और अन्य को श्रद्धांजलि देकर की गई। महिला किसान नेता हरप्रीत कौर बठिंडा, कुलदीप कौर मोगा, महिला खेत मजदूर नेता कृष्णा देवी व गुरमेल कौर ने भाजपा नेता सुरजीत कुमार ज्याणी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि ज्याणी खुद को किसान कहते हैं और किसानों का दर्द समझने की बात कर रहे हैं। वह सच में किसानों के साथ हैं तो किसानों के साथ धरने में शामिल हों। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक यह कानून वापस नहीं लिए जाते।
संगरूर : किसान महिलाओं ने संभाला मोर्चा
कृषि कानूनों के खिलाफ अमरगढ़ स्थित माहोराणा टोल प्लाजा पर किसान संगठनों का धरना 101वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को बड़ी तादाद में किसान महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए एलान किया कि 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाले ट्रैक्टर मार्च में वह खुद ट्रैक्टर चलाकर हिस्सा लेंगी। महिला किसान पवनप्रीत कौर बनभौरा, गुरलीन कौर बागड़िया ने कहा कि यह संघर्ष अकेले किसानों का नहीं बल्कि पंजाब के हर घर का है।
फरीदकोट : महिलाओं ने फूंका पीएम का पुतला
मिनी सचिवालय में सोमवार को डीसी दफ्तर के समक्ष किसान संगठनों ने धरना देकर महिला किसान दिवस मनाया। इस दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री का पुतला भी फूंका। किसान नेताओं ने कहा कि कानूनों का विरोध जारी है। संघर्ष में महिलाओं की शमूलियत बढ़ाने की मंशा से सोमवार को देशभर में महिला किसान दिवस मनाया गया। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाले ट्रैक्टर मार्च की भी जोरशोर से तैयारियां हो रही हैं। इसमें फरीदकोट से भी हजारों किसान शामिल होंगे।
होशियारपुर के 37 गांवों में निकाली ट्रैक्टर रैली
कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को किसान संगठनों ने 37 गांवों में ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सोमवार को किसान ट्रैक्टर रैली खुरालगढ़ साहिब से सुबह 10 बजे शुरू हुई जो 37 गांवों में होती हुई बारापुर अड्डे से लौटते हुए अड्डा झुग्गियां में संपन्न हुई। रैली का जगह-जगह स्वागत किया गया। उनके लिए लंगर लगाए गए थे।
रैली में पूर्व विधायक लव कुमार गोल्डी, ऑल इंडिया जाट महासभा, पंजाब के महासचिव अजायब सिंह बोपाराय, पूर्व सरपंच कुल भूषण कुमार, सीटू के गरीब दास बीटन, यूथ कांग्रेस गढ़शंकर के अध्यक्ष कमल कटारिया, जगदेव सिंह गढ़ी मनासोवाल, भाग सिंह खुराली पंचायत समिति सदस्य मोहन लाल बीनेवाल, पूर्व सरपंच दविंदर राणा शामिल रहे।
अमलोह धरने में शामिल हुईं महिलाएं
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी अमलोह के अनिश्चिकालीन धरने में कृषि कानून के खिलाफ सोमवार को किसान महिला दिवस पर महिलाओं ने बड़ी संख्या में गांवों से आकर हिस्सा लिया। नगर काउंसिल अमलोह की प्रधान किरण सूद, काउंसिल उपाध्यक्ष बलविंदर कौर, आप की सीनियर नेता सुखविंदर कौर ने कहा कि कृषि कानूनों का हर वर्ग विरोध कर रहा है।