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किसानों के जत्थे दिल्ली रवाना, आंदोलन की ताकत बढ़ाने की तैयारी, मनाने के सरकारी प्रयास जारी

Fri, 11 Dec 2020 03:08 AM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 11 Dec 2020 03:08 AM IST
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Kisan andolan : Farmers groups are going towards Delhi continue
सिंघु बॉर्डर पर जुटे किसान। - फोटो : अमर उजाला

कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 15 दिनों से संघर्ष कर रहे हरियाणा-पंजाब समेत अन्य राज्यों के किसान अब अपने आंदोलन की ताकत और बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। अब दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डटे किसान संगठनों की बैठकों का दौर जारी है जबकि सभी आंदोलनरत किसान संगठनों के  संयुक्त किसान मोर्चा ने भी साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती तब तक किसान पीछे हटने वाला नहीं हैं। 

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उधर, सरकार के किसानों को मनाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जहां किसानों को लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी किसानों से जिद छोड़कर बातचीत के जरिए इस समस्या का हल निकालने की अपील कर रहे हैं। किसान संगठनों ने 12 और 14 दिसंबर को आंदोलन की अगली कड़ी में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया हुआ है। 
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अब तो किसानों ने रेलवे ट्रैक तक जाम करने की भी चेतावनी दे डाली है। आंदोलन कैसे तेज किया जाए, इसके लिए भी किसान संगठन जल्द अपनी रणनीति बनाएंगे। मगर अपने आंदोलन को ताकत देने की तैयारियां किसानों ने अभी से शुरू कर दी हैं। किसान संगठनों के आह्वान पर हरियाणा और पंजाब के गांवों से किसानों के जत्थे दिल्ली रवाना हो चुके हैं।
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गांवों में किसान हर घर में जाकर उनसे अपील कर रहे हैं कि हर किसान परिवार का कम से कम एक सदस्य जरूर दिल्ली पहुंचे। इस अपील का असर गांवों में दिख रहा है। जिसके चलते गांवों से किसानों की ओर और टोलियां दिल्ली कूच की तैयारी कर रही हैं।

किसानों की युवा टीम सक्रिय

आंदोलन के अगले चरण को प्रभावशाली बनाने के लिए हरियाणा में किसान संगठनों की स्थानीय इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। 12 दिसंबर को सभी किसान टोल बैरियर को फ्री करेंगे और 14 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर एक दिन का धरना दिया जाएगा। यह दोनों प्रदर्शन पूरी तरह सफल हों, इसके लिए स्थानीय किसान नेताओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

 किसान संगठनों की युवा इकाइयों को भी इसके लिए जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। युवा किसान नेताओं व सदस्यों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि ये दोनों प्रदर्शन पूरी तरह शांतिप्रिय रहें। राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं। सरकार हमारे लिए नहीं सोच रही है, इसीलिए किसानों को अपने खेत छोड़कर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

सीएम की अपील धरना खत्म करें किसान : मनोहर लाल 
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि यह संतोष का विषय है कि केंद्र और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद उनकी बहुत सी मांगों को सरकार ने मानने के संकेत दिए हैं। उनकी 5-6 मांगों को मानने के लिए केंद्र सरकार ने कहा है। 

किसानों से अपील है कि जो समाधान किया जा रहा है वह उचित है, इसे मानकर धरना समाप्त करें। सीएम के अनुसार एमएसपी और सरकारी मंडियां हमेशा रहेंगी। हरियाणा में खरीफ सीजन में किसानों की विभिन्न फसलों को एमएसपी पर खरीदा गया है।

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