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पाक जेल में मारे गए किरपाल का शव पहुंचा भारत, पोस्टमार्टम होगा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 19 Apr 2016 04:46 PM IST
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पाक जेल में मारे गए किरपाल सिंह का शव भारत पहुंचा
- फोटो : फाइल फोटो
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पाकिस्तान जेल में मारे गए पंजाब के किरपाल सिंह का शव भारत पहुंच चुका है। वाघा बॉर्डर पर पाक अधिकारियों ने शव भारतीय अधिकारियों को सौंपा। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। किरपाल सिंह के परिजनों की मांग है कि उसके शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत के असली कारणों का पता लागया जाए।
किरपाल सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले के मुस्तफाबाद सैंदा का रहने वाला था और 1991 से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल बंद था। दो साल बाद घर आए पत्र में पता चला कि वो जिंदा है और पाकिस्तान की जेल में बंद है। उसके बाद से वह अपने गोद लिए भतीजे अश्विनी को लगातार पत्र भेजता रहा। किरपाल की डिमांड के मुताबिक अश्विनी ने 30-35 बार उसे पार्सल भी भेजे।
किरपाल को 1991 में पाकिस्तान के फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके का आरोपी बनाया गया था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिवार उसकी रिहाई की पैरवी नहीं कर सका था, तब से किरपाल वहीं की जेल में कैद था। 11 अप्रैल की रात अश्विनी को सीआईडी के माध्यम से सूचना मिली कि किरपाल की पाकिस्तान में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है।
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किरपाल सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले के मुस्तफाबाद सैंदा का रहने वाला था और 1991 से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल बंद था। दो साल बाद घर आए पत्र में पता चला कि वो जिंदा है और पाकिस्तान की जेल में बंद है। उसके बाद से वह अपने गोद लिए भतीजे अश्विनी को लगातार पत्र भेजता रहा। किरपाल की डिमांड के मुताबिक अश्विनी ने 30-35 बार उसे पार्सल भी भेजे।
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किरपाल को 1991 में पाकिस्तान के फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके का आरोपी बनाया गया था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिवार उसकी रिहाई की पैरवी नहीं कर सका था, तब से किरपाल वहीं की जेल में कैद था। 11 अप्रैल की रात अश्विनी को सीआईडी के माध्यम से सूचना मिली कि किरपाल की पाकिस्तान में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है।
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सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया, 7 दावेदार सामने आए
पाक जेल में मारे गए किरपाल सिंह का शव भारत पहुंचा
- फोटो : फाइल फोटो
वहीं, दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने किरपाल सिंह के परिवार को एक करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे किरपाल के परिवार को हर संभव सहयोग करेंगे। इस मुआवजे का ऐलान होने के साथ ही किरपाल सिंह के 7 दावेदार सामने आ चुके हैं। किरपाल का शव पाकिस्तान से आज आने से उम्मीद है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल में पाकिस्तानी डॉक्टर मंगलवार की सुबह उनके शव का पोस्टमॉर्टम करेंगे और उसके बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को इसे सौंप देंगे। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। सोमवार को किरपाल के शव पर हक जताने किरपाल की पहली पत्नी परमजीत कौर पंजाब के गुरदासपुर पहुंची।
मीडिया के सामने कलानौर निवासी परमजीत कौर ने दावा किया कि साल 1988 में उसकी शादी उस समय किरपाल सिंह से हुई थी, जब वे सेना में थे। शादी के दो साल बाद किरपाल अचानक गायब हो गए और उनके मां-बाप उसे तंग करने लगे। तंग आकर वह मायके गांव औजला लौट आईं। उसके मां-बाप ने 1992 में उसकी शादी कलानौर के मंगल सिंह से करवा दी। जिससे उसके दो लड़के और एक बेटी है। अब मंगल सिंह की भी मौत हो चुकी है।
अब तक उसे नहीं पता था कि किरपाल सिंह पाक जेल में बंद है और अब उसके पाक जेल में मरने की खबर उसे मिली है। उसका कहना है कि वह कोई मुआवजा नहीं चाहती उसे बस अपने पति किरपाल सिंह की लाश चाहिए वह उसका अंतिम संस्कार करना चाहती है। किरपाल की पहली पत्नी परमजीत के अलावा इससे पहले किरपाल की मौत के दो दिन बाद उसके बड़े भाई रूपलाल सामने आए थे।
मृतक किरपाल सिंह कुल 7 भाई बहन हैं, जिनमें 3 बहनें और 4 भाई हैं। किरपाल सहित तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। सिर्फ बड़ा भाई रूपलाल जिंदा है। इसी तरह बहनों में जगीर, कृष्णा और गुड्डो है। बाकी मर चुके दो भाइयों के बच्चों को मिला कर 6 दावेदार अब परमजीत को मिला कर 7 दावेदार हो गए है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल में पाकिस्तानी डॉक्टर मंगलवार की सुबह उनके शव का पोस्टमॉर्टम करेंगे और उसके बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को इसे सौंप देंगे। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। सोमवार को किरपाल के शव पर हक जताने किरपाल की पहली पत्नी परमजीत कौर पंजाब के गुरदासपुर पहुंची।
मीडिया के सामने कलानौर निवासी परमजीत कौर ने दावा किया कि साल 1988 में उसकी शादी उस समय किरपाल सिंह से हुई थी, जब वे सेना में थे। शादी के दो साल बाद किरपाल अचानक गायब हो गए और उनके मां-बाप उसे तंग करने लगे। तंग आकर वह मायके गांव औजला लौट आईं। उसके मां-बाप ने 1992 में उसकी शादी कलानौर के मंगल सिंह से करवा दी। जिससे उसके दो लड़के और एक बेटी है। अब मंगल सिंह की भी मौत हो चुकी है।
अब तक उसे नहीं पता था कि किरपाल सिंह पाक जेल में बंद है और अब उसके पाक जेल में मरने की खबर उसे मिली है। उसका कहना है कि वह कोई मुआवजा नहीं चाहती उसे बस अपने पति किरपाल सिंह की लाश चाहिए वह उसका अंतिम संस्कार करना चाहती है। किरपाल की पहली पत्नी परमजीत के अलावा इससे पहले किरपाल की मौत के दो दिन बाद उसके बड़े भाई रूपलाल सामने आए थे।
मृतक किरपाल सिंह कुल 7 भाई बहन हैं, जिनमें 3 बहनें और 4 भाई हैं। किरपाल सहित तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। सिर्फ बड़ा भाई रूपलाल जिंदा है। इसी तरह बहनों में जगीर, कृष्णा और गुड्डो है। बाकी मर चुके दो भाइयों के बच्चों को मिला कर 6 दावेदार अब परमजीत को मिला कर 7 दावेदार हो गए है।