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किरपाल की मौत पर सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने कहा, 'गहरी साजिश'
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Fri, 22 Apr 2016 04:13 PM IST
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किरपाल सिंह की मौत के बारे में बात करती हुई दलबीर कौर
- फोटो : अमर उजाला
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किरपाल सिंह की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। दलबीर कौर ने कहा कि किरपाल सिंह की जेल कोटलखपत राय में हुई मौत एक सोची समझी साजिश के तहत हुई हत्या है।
उन्होंने बताया कि वह पहले ही शंका जाहिर कर चुकी है किरपाल सिंह की मौत कुदरती नही, बल्कि इसकी भी सरबजीत की तरह सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। शव पर दो लाल रंग के निशान थे और उसके चेहरे का रंग काला पड़ चुका था। जबकि नाखून नीले हो चुके थे, जो कि कुदरती मौत की निशानी नही है और किरपाल सिंह के कई अंग भी जैसे दिल और जिगर इत्यादि पहले से ही निकाल लिये गये थे।
इससे जाहिर होता है कि किरपाल सिंह की हत्या हुई है। उन्होने भारत सरकार से अपील की कि कमेटी का गठन करके कठोरता से जांच करवाई जाये ताकि सच सामने आ सकें।
मेरे चाचा की हत्या हुई- अश्वनी
किरपाल सिंह के भतीजे अश्वनी ने कहा कि मेरे चाचा की पाकिस्तान में हत्या की गई है, क्योंकि इससे पहले भी सरबजीत सिंह और चमेल सिंह की कोटलखपत जेल में हत्या की जा चुकी है। जिसमें किरपाल सिंह अहम गवाह था। अगर वह जिंदा वापिस भारत आ जाता तो पाकिस्तान के नापाक इरादों को जगजाहिर कर देता। इस लिए पाकिस्तान द्वारा कोटलखपत जेल में बंद कैदियो के साथ की जा रही बरर्बता दुनिया के सामने आ जाती।
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उन्होंने बताया कि वह पहले ही शंका जाहिर कर चुकी है किरपाल सिंह की मौत कुदरती नही, बल्कि इसकी भी सरबजीत की तरह सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। शव पर दो लाल रंग के निशान थे और उसके चेहरे का रंग काला पड़ चुका था। जबकि नाखून नीले हो चुके थे, जो कि कुदरती मौत की निशानी नही है और किरपाल सिंह के कई अंग भी जैसे दिल और जिगर इत्यादि पहले से ही निकाल लिये गये थे।
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इससे जाहिर होता है कि किरपाल सिंह की हत्या हुई है। उन्होने भारत सरकार से अपील की कि कमेटी का गठन करके कठोरता से जांच करवाई जाये ताकि सच सामने आ सकें।
मेरे चाचा की हत्या हुई- अश्वनी
किरपाल सिंह के भतीजे अश्वनी ने कहा कि मेरे चाचा की पाकिस्तान में हत्या की गई है, क्योंकि इससे पहले भी सरबजीत सिंह और चमेल सिंह की कोटलखपत जेल में हत्या की जा चुकी है। जिसमें किरपाल सिंह अहम गवाह था। अगर वह जिंदा वापिस भारत आ जाता तो पाकिस्तान के नापाक इरादों को जगजाहिर कर देता। इस लिए पाकिस्तान द्वारा कोटलखपत जेल में बंद कैदियो के साथ की जा रही बरर्बता दुनिया के सामने आ जाती।
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संस्कार के समय पत्नी परमजीत को दूर-दूर रखा गया
किरपाल सिंह का संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
11 अप्रैल को पाकिस्तान की कोटलखपत जेल में किरपाल सिंह की मौत हो गई थी, जिसका आज उसके पैतृक गांव मुस्तफाबाद सैदां में पूरे रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। किरपाल सिंह के शव को मुखाग्नि उनके भतीजे अश्वनी ने दी। इस मौके डिप्टी कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल ने कृपाल सिंह के परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की और उनकी उपस्थिति में कृपाल सिंह का संस्कार पूरे धार्मिक रीति रिवाजों अनुसार किया गया।
इस मौके पर जगदीप सिंह हुंदल एसएसपी गुरदासपुर, सकत्तर सिंह बल्ल एसडीएम गुरदासपुर, नवतेज सिंह सोढ़ी तहसीलदार आदि ने मृतक किरपाल सिंह को रीथ चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर परिजनों के साथ बातचीत करते हुए सभ्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन कृपाल सिंह के परिवार की हर मदद करने का प्रयास करेगा।
पत्रकारों के साथ बातचीत करते सभ्रवाल ने कहा कि परिवार के कहने पर मृतक किरपाल सिंह का फिर से पोस्टमार्टम मैडीकल कालेज अमृतसर में करवाया गया और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने तक ही किपाल सिंह की मौत संबंधी पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
गत देर रात किरपाल सिंह का शव गुरदासपुर में पहुंचा और उसे सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया और आज सुबह उसके शव को उनके गांव लाया गया। वहीं, संस्कार के समय किरपाल सिंह की पत्नी परमजीत को दूर-दूर ही रखा गया। जब परमजीत शव को माथा टेकने के लिए आगे आई तो परिजनों ने उसे वहां से पीछे हटा दिया।
इस मौके पर जगदीप सिंह हुंदल एसएसपी गुरदासपुर, सकत्तर सिंह बल्ल एसडीएम गुरदासपुर, नवतेज सिंह सोढ़ी तहसीलदार आदि ने मृतक किरपाल सिंह को रीथ चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर परिजनों के साथ बातचीत करते हुए सभ्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन कृपाल सिंह के परिवार की हर मदद करने का प्रयास करेगा।
पत्रकारों के साथ बातचीत करते सभ्रवाल ने कहा कि परिवार के कहने पर मृतक किरपाल सिंह का फिर से पोस्टमार्टम मैडीकल कालेज अमृतसर में करवाया गया और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने तक ही किपाल सिंह की मौत संबंधी पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
गत देर रात किरपाल सिंह का शव गुरदासपुर में पहुंचा और उसे सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया और आज सुबह उसके शव को उनके गांव लाया गया। वहीं, संस्कार के समय किरपाल सिंह की पत्नी परमजीत को दूर-दूर ही रखा गया। जब परमजीत शव को माथा टेकने के लिए आगे आई तो परिजनों ने उसे वहां से पीछे हटा दिया।