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25 दिन में 6 लूट और किडनैपिंग कर चंडीगढ़ में ही रहे लुटेरे, ऐसे पकड़े गए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 08 Jan 2018 05:21 PM IST
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चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी
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चंडीगढ़ में 25 दिन से लुटेरों के जिस गैंग ने शहर भर में आतंक मचा रखा था, आखिरकार उसके दो सदस्य क्राइम ब्रांच ने पकड़ ही लिए हैं। जालंधर के गांव बोहेपुर निवासी योद्धा सिंह और थंबुवाल निवासी लवप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को चंडीगढ़ के कैंबवाला से पकड़ा गया। इनसे रिट्ज कार भी बरामद हुई है, जो 25 दिसंबर को सेक्टर-43 आईएसबीटी के नजदीक गन प्वाइंट पर लूटी गई थी। हालांकि गैंग के पांच मेंबर अभी फरार हैं।
पुलिस का दावा है कि उनकी पहचान हो गई है और जल्द पकड़ लेंगे। शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान यह लग गया है कि गैंग दनादन वारदात को अंजाम देकर भी चंडीगढ़ के कांसल गांव में ही रह रहा था। पुलिस के मुताबिक इन्होंने लूटी गई रिट्ज पर फर्जी नंबर लगाकर कोहराम मचा रखा था। गाड़ियां लूटना, किडनैप करके पैसे लूटना और राहगीरों को देर रात अपना शिकार बनना, इस गैंग की पिछले 25 दिन में शहर में की गई कारगुजारी हैं।
अभी तक इनसे लूट और किडनैपिंग की छह वारदात का खुलासा हुआ है। आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं और इस दौरान पता चला है कि करीब आठ वारदात इन्होंने ऐसी की हैं, जिनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। क्योंकि जिनको शिकार बनाया उनसे लूटी गई रकम बड़ी नहीं थी। ऐसे में कुछ लोग पुलिस रिपोर्ट नहीं कराते। इसके अलावा कुछ वारदात इन्हें याद नहीं हैं, क्योंकि हर वारदात के समय ये बहुत ज्यादा नशे में होते थे।
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बहन के पास रहकर कर रहा था वारदात
पुलिस के मुताबिक योद्धा सिंह की बहन कांसल में रहती है। उसी के घर रहकर वह अपने साथियों के साथ एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहा था। योद्धा पिछले साल जुलाई में नशा तस्करी के एक केस में जमानत पर आया था, जो उसके खिलाफ जालंधर में दर्ज हुआ था।
ऐसे चला वारदात का दौर
- 11 दिसंबर की रात को एक व्यक्ति ने सेक्टर-43 के बस स्टैंड से ओला कैब बुकी। जब कैब चालक पुरन सिंह सेक्टर-33 व 45 की डिवाइडिंग पर पहुंचा तो उससे गन प्वाइंट पर कैब लूटी गई। इसके बाद इस गाड़ी पर फर्जी नंबर लगाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
- 17 दिसंबर की रात को जय राम अपनी टैक्सी इनोवा से सवारियों को यमुनानगर छोड़कर जब चंडीगढ़ लौटा तो सेक्टर-33 व 45 की डिवाइडिंग पर उससे गन प्वाइंट पर इनोवा लूट ली गई।
- कैटरिंग का काम करने वाला जय राम जीरकपुर से अपना काम निपटाकर 24 दिसंबर की रात को वापस आ रहा था। जब वह सेक्टर-40 व 45 की डिवाइडिंग पर पहुंचा तो उसे रिट्ज गाड़ी में गन प्वाइंट पर किडनैप कर लिया गया। खन्ना में लेकर उसके एटीम से 25 हजार रुपये निकाले और उसे वहीं छोड़ दिया।
- सेक्टर-22 व 23 की डिवाइडिंग पर संजीव नाम के व्यक्ति पर पिस्टल का बट मारकर उससे 10 हजार रुपये और सोने की चेन लूट ली थी। इस वारदात को उन्होंने खन्ना से वापस चंडीगढ़ लौटकर 24 दिसंबर को ही अंजाम दिया।
- 5 जनवरी की रात को सेक्टर-14 व 15 की डिवाइडिंग पर राघवेंद्र नाम के व्यक्ति से गन प्वाइंट पर 10 हजार रुपये लूट लिए गए थे।
- 5 जनवरी की ही रात को सेक्टर-39 व 40 की डिवाइडिंग पर रकम सिंह नाम के व्यक्ति से रास्ता पूछने के बहाने रोककर 1500 रुपये लूटने का आरोप।
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पुलिस का दावा है कि उनकी पहचान हो गई है और जल्द पकड़ लेंगे। शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान यह लग गया है कि गैंग दनादन वारदात को अंजाम देकर भी चंडीगढ़ के कांसल गांव में ही रह रहा था। पुलिस के मुताबिक इन्होंने लूटी गई रिट्ज पर फर्जी नंबर लगाकर कोहराम मचा रखा था। गाड़ियां लूटना, किडनैप करके पैसे लूटना और राहगीरों को देर रात अपना शिकार बनना, इस गैंग की पिछले 25 दिन में शहर में की गई कारगुजारी हैं।
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अभी तक इनसे लूट और किडनैपिंग की छह वारदात का खुलासा हुआ है। आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं और इस दौरान पता चला है कि करीब आठ वारदात इन्होंने ऐसी की हैं, जिनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। क्योंकि जिनको शिकार बनाया उनसे लूटी गई रकम बड़ी नहीं थी। ऐसे में कुछ लोग पुलिस रिपोर्ट नहीं कराते। इसके अलावा कुछ वारदात इन्हें याद नहीं हैं, क्योंकि हर वारदात के समय ये बहुत ज्यादा नशे में होते थे।
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बहन के पास रहकर कर रहा था वारदात
पुलिस के मुताबिक योद्धा सिंह की बहन कांसल में रहती है। उसी के घर रहकर वह अपने साथियों के साथ एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहा था। योद्धा पिछले साल जुलाई में नशा तस्करी के एक केस में जमानत पर आया था, जो उसके खिलाफ जालंधर में दर्ज हुआ था।
ऐसे चला वारदात का दौर
- 11 दिसंबर की रात को एक व्यक्ति ने सेक्टर-43 के बस स्टैंड से ओला कैब बुकी। जब कैब चालक पुरन सिंह सेक्टर-33 व 45 की डिवाइडिंग पर पहुंचा तो उससे गन प्वाइंट पर कैब लूटी गई। इसके बाद इस गाड़ी पर फर्जी नंबर लगाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
- 17 दिसंबर की रात को जय राम अपनी टैक्सी इनोवा से सवारियों को यमुनानगर छोड़कर जब चंडीगढ़ लौटा तो सेक्टर-33 व 45 की डिवाइडिंग पर उससे गन प्वाइंट पर इनोवा लूट ली गई।
- कैटरिंग का काम करने वाला जय राम जीरकपुर से अपना काम निपटाकर 24 दिसंबर की रात को वापस आ रहा था। जब वह सेक्टर-40 व 45 की डिवाइडिंग पर पहुंचा तो उसे रिट्ज गाड़ी में गन प्वाइंट पर किडनैप कर लिया गया। खन्ना में लेकर उसके एटीम से 25 हजार रुपये निकाले और उसे वहीं छोड़ दिया।
- सेक्टर-22 व 23 की डिवाइडिंग पर संजीव नाम के व्यक्ति पर पिस्टल का बट मारकर उससे 10 हजार रुपये और सोने की चेन लूट ली थी। इस वारदात को उन्होंने खन्ना से वापस चंडीगढ़ लौटकर 24 दिसंबर को ही अंजाम दिया।
- 5 जनवरी की रात को सेक्टर-14 व 15 की डिवाइडिंग पर राघवेंद्र नाम के व्यक्ति से गन प्वाइंट पर 10 हजार रुपये लूट लिए गए थे।
- 5 जनवरी की ही रात को सेक्टर-39 व 40 की डिवाइडिंग पर रकम सिंह नाम के व्यक्ति से रास्ता पूछने के बहाने रोककर 1500 रुपये लूटने का आरोप।