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खट्टर ने मोदी से मांगा पानी, एसवाईएल पर मांगी मदद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Apr 2017 01:13 AM IST
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पीएम ने सीएम मनेेहर लाल ने की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अनुरोध किया कि एसवाईएल के पानी में राज्य की भरपूर हिस्सेदारी होनी चाहिए। खट्टर ने एसवाईएल के निर्माण में केंद्र सरकार से मदद की मांग की। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हरियाणा में भी किसानों को आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग की।
प्रधानमंत्री के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री खट्टर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री ने गंभीरता से उनकी बात सुनी। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का मामला वर्ष 1976 से लंबित है और सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में दो बार हरियाणा के पक्ष में फैसला सुना चुका है। एसवाईएल नहर के पानी पर हरियाणा का अधिकार है, इसमें अब कहीं कोई दो राय नहीं है।
मनोहर लाल ने कहा सुप्रीम कोर्ट के हरियाणा के पक्ष में फैसले के बाद पंजाब ने अपने इलाके में बनी एसवाईएल नहर को मिट्टी से भर दिया और अधिग्रहीत जमीन भू-मालिकों को वापस दे दी थी। इसे लेकर हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट में एक्जीक्यूशन एप्लीकेशन लगाई हुई है, जिस पर 27 अप्रैल को सुनवाई होनी है। सीएम ने बताया कि उन्होंने मोदी से एसवाईएल के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया है। इसका निर्माण से हरियाणा के कई हिस्सों को पानी जनता को उसका हक मिलेगा।
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प्रधानमंत्री के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री खट्टर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री ने गंभीरता से उनकी बात सुनी। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का मामला वर्ष 1976 से लंबित है और सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में दो बार हरियाणा के पक्ष में फैसला सुना चुका है। एसवाईएल नहर के पानी पर हरियाणा का अधिकार है, इसमें अब कहीं कोई दो राय नहीं है।
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मनोहर लाल ने कहा सुप्रीम कोर्ट के हरियाणा के पक्ष में फैसले के बाद पंजाब ने अपने इलाके में बनी एसवाईएल नहर को मिट्टी से भर दिया और अधिग्रहीत जमीन भू-मालिकों को वापस दे दी थी। इसे लेकर हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट में एक्जीक्यूशन एप्लीकेशन लगाई हुई है, जिस पर 27 अप्रैल को सुनवाई होनी है। सीएम ने बताया कि उन्होंने मोदी से एसवाईएल के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया है। इसका निर्माण से हरियाणा के कई हिस्सों को पानी जनता को उसका हक मिलेगा।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हरियाणा की नजरें
सीएम मनोहर लाल
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एसवाईएल के मामले में दो बार हरियाणा के पक्ष में फैसला सुनाया जा चुका है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नहर का काम पूरा करने के आदेश भी दिए थे। इस साल जनवरी माह के दौरान भी जब सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया तो पंजाब की तत्कालीन सरकार ने आनन-फानन में विधानसभा का सत्र बुलाकर नहर के लिए सूबे में किए गए भूमि अधिग्रहण को रद्द कर नहर की जमीन उसके मालिकों को लौटा दी।
दो दिन पहले ही दोनों राज्यों की हुई बैठक
यह भी गौरतलब है कि दो दिन पहले नई दिल्ली में ही जल संसाधन मंत्रालय के सचिव की अगुवाई में एसवाईएल के मुद्दे पर दोनों राज्यों के सचिवों की बैठक हो चुकी है, जिसमें दोनों राज्यों ने अपना-अपना पक्ष केंद्र के समक्ष रखा था। हालांकि यह बैठक बेनतीजा रही, लेकिन पहले पंजाब और अब हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मिलकर एसवाईएल के पानी पर अपना दावा पेश किया है।
दो दिन पहले ही दोनों राज्यों की हुई बैठक
यह भी गौरतलब है कि दो दिन पहले नई दिल्ली में ही जल संसाधन मंत्रालय के सचिव की अगुवाई में एसवाईएल के मुद्दे पर दोनों राज्यों के सचिवों की बैठक हो चुकी है, जिसमें दोनों राज्यों ने अपना-अपना पक्ष केंद्र के समक्ष रखा था। हालांकि यह बैठक बेनतीजा रही, लेकिन पहले पंजाब और अब हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मिलकर एसवाईएल के पानी पर अपना दावा पेश किया है।