{"_id":"2fffefecdb433184e31c48e1912ef575","slug":"khattar-govt-will-work-now-according-to-public-suggestions-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आपके सुझाव पर चलेगी खट्टर की सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आपके सुझाव पर चलेगी खट्टर की सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 Dec 2014 02:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार की कारगुजारी आपके सुझाव पर चलेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की समाज के विभिन्न वर्गों के साथ समय-समय पर संवाद स्थापित कर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उनके सुझाव लेने की योजना है। शुरुआत में उन्होंने समाज के ऐसे सात वर्गों का चयन किया है। देश में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब कोई राज्य सरकार इस तरह का कदम उठा रही है।
विज्ञापन
इन सात वर्गों को चुना गया
हरियाणा सरकार ने सात वर्गों में प्रगतिशील किसान, पटवारी, विद्यालय शिक्षक, व्यापारी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के प्रतिनिधि, डॉक्टर और अधिवक्ता को शामिल किया है। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह जनप्रतिनिधियों के परामर्श से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समाज के हर वर्ग से एक व्यक्ति की पहचान करें।
विज्ञापन
वीडियो कांफ्रेंस में उपायुक्तों से बातचीत
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश 25 दिसंबर को सभी जिलों में मनाए जाने वाले ‘सुशासन दिवस’ के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा करने के लिए आयोजित एक वीडियो कांफ्रेंस में सभी उपायुक्तों से बातचीत करते हुए दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों के साथ पहली बार वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दो घंटे से ज्यादा समय तक बात की।
विज्ञापन
आज से शुरू होगी यह योजनाएं
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 25 दिसंबर को उद्घाटन किए जाने वाली सीएम विंडो लघु सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थापित की जाए ताकि इस तक लोग आसानी से पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छ हरियाणा-स्वच्छ भारत’ अभियान, भूमि दस्तावेजों का ई-पंजीकरण, लंबित इंतकालों को पूरा करना व बैंकों आदि के माध्यम से पेंशन का वितरण जैसी अन्य उद्घाटन गतिविधियों में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पंचायती राज संस्थाओं और अन्य जन प्रतिनिधियों को भी शामिल करने के लिए कहा है।
बैठकों के वीडियो बनाएं
भ्रष्टाचार को शून्य करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि वे बिजली बिलों का नियमित भुगतान करने और ग्राम सभा की बैठकें कम से कम तिमाही आधार पर आयोजित करने के लिए लोगों को प्रेरित करें ताकि गांवों की विकास प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्हें यह भी निर्देश दिए कि वे बैठकों की वीडियो बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को लोगों की शिकायतों का निवारण करने के लिए प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रेणी-फर्स्ट अधिकारी एक गांव को गोद लें और समय-समय पर गांवों का दौरा करें।