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Amritpal News: पंजाब में खुद को स्थापित करना चाहता था खालिस्तान समर्थक, दीप सिद्धू की मौत के 4 माह बाद भारत...
Mon, 24 Apr 2023 08:48 AM IST
शाहरुख खान
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 24 Apr 2023 08:48 AM IST
सार
जहांदस्तारबंदी हुई थी उसी गुरुद्वारा साहिब से अमृतपाल की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस से बचते फिर रहे अमृतपाल की योजना थी कि वह सूबे के किसी बड़े गुरुद्वारे व तख्त साहिब में संगत की भारी मौजूदगी में आत्मसमर्पण करे, लेकिन उसे किसी भी गुरुद्वारे में शरण नहीं मिली।
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Amritpal Singh News:
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के मोगा जिले का गांव रोडे यूं तो सामान्य सा गांव है, लेकिन इसकी पहचान दमदमी टकसाल के 14वें जत्थेदार और खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह भिंडरांवाले से है। फरवरी 2018 में इस गांव में भिंडरांवाले की याद में एक गुरुद्वारा स्थापित किया गया, जिसे नाम दिया गया- गुरुद्वारा संत खालसा।
गुरुद्वारा संत खालसा आज फिर चर्चा में है। खुद को जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तरह स्थापित करने की कोशिश करने वाले अमृतपाल सिंह को इसी गुरुद्वारा साहिब से पकड़ा गया है। 29 सितंबर 2022 को इस गुरुद्वारा परिसर में हजारों की भीड़ जमा थी, जहां पर ‘वारिस पंजाब दे’ के नए प्रमुख अमृतपाल सिंह की दस्तारबंदी की गई थी।
दमदमी टकसाल सहित पंजाब के कई गुरुद्वारों से लोग शामिल हुए थे। जरनैल सिंह भिंडरांवाले के भतीजे एवं श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने कहा था कि यह बात साफ करना जरूरी है। यह दस्तारबंदी ‘वारिस पंजाब दे’ के नए जत्थेदार अमृतपाल सिंह की दस्तारबंदी है।
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रोडे को यह स्पष्टीकरण देने की जरूरत इसलिए पड़ी थी क्योंकि पूरे कार्यक्रम को कुछ इस तरह से तैयार किया गया था कि अमृतपाल सिंह को नए भिंडरांवाले के तौर पर पेश किया जा सके। ‘वारिस पंजाब दे’ का रोडे गांव से कोई सीधा संबंध नहीं था, फिर भी रोडे गांव में दस्तारबंदी कर सांकेतिक संदेश दिया गया था कि पंजाब में खालिस्तान की लहर दोबारा शुरू हो रही है।
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गुरुद्वारा संत खालसा आज फिर चर्चा में है। खुद को जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तरह स्थापित करने की कोशिश करने वाले अमृतपाल सिंह को इसी गुरुद्वारा साहिब से पकड़ा गया है। 29 सितंबर 2022 को इस गुरुद्वारा परिसर में हजारों की भीड़ जमा थी, जहां पर ‘वारिस पंजाब दे’ के नए प्रमुख अमृतपाल सिंह की दस्तारबंदी की गई थी।
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दमदमी टकसाल सहित पंजाब के कई गुरुद्वारों से लोग शामिल हुए थे। जरनैल सिंह भिंडरांवाले के भतीजे एवं श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने कहा था कि यह बात साफ करना जरूरी है। यह दस्तारबंदी ‘वारिस पंजाब दे’ के नए जत्थेदार अमृतपाल सिंह की दस्तारबंदी है।
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रोडे को यह स्पष्टीकरण देने की जरूरत इसलिए पड़ी थी क्योंकि पूरे कार्यक्रम को कुछ इस तरह से तैयार किया गया था कि अमृतपाल सिंह को नए भिंडरांवाले के तौर पर पेश किया जा सके। ‘वारिस पंजाब दे’ का रोडे गांव से कोई सीधा संबंध नहीं था, फिर भी रोडे गांव में दस्तारबंदी कर सांकेतिक संदेश दिया गया था कि पंजाब में खालिस्तान की लहर दोबारा शुरू हो रही है।
इस कार्यक्रम में अमृतपाल सिंह के भाषण से ठीक पहले ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए गए थे। भिंडरांवाले की तरह सिर पर दस्तार बांधी गई और पूरा पहरावा डाला गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस से बचते फिर रहे अमृतपाल की योजना थी कि वह सूबे के किसी बड़े गुरुद्वारे व तख्त साहिब में संगत की भारी मौजूदगी में आत्मसमर्पण करे, लेकिन उसे किसी भी गुरुद्वारे में शरण नहीं मिली।
इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी उसे कोई सहयोग नहीं दिया। आखिरकार अमृतपाल ने भिंडरांवाले के जन्म स्थान के गुरुद्वारे को चुना, जहां आत्मसमर्पण के लिए उसने भिंडरांवाले के भतीजे जसबीर सिंह रोडे की मदद से योजना बनाई थी। इस योजना के तहत अमृतपाल रविवार दोपहर को समर्थकों की भारी तदाद के बीच भिंडरांवाले जैसे लिबास में आत्मसमर्पण करना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उसे सुबह ही गिरफ्तार कर लिया।
अमृतपाल पर कानून के अनुसार ही हो कार्रवाई : सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने अमृतपाल को खुद को कानून के हवाले करने की बात कही है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि जिस शांतिपूर्ण तरीके से वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल ने खुद को कानून के हवाले कर दिया, उसके बाद सरकार को उनके खिलाफ कानून के अनुसार ही कार्रवाई करनी चाहिए। कहा, निर्दोष सिखों पर मुकदमे और उन्हें परेशान करना तुरंत बंद हो।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने अमृतपाल को खुद को कानून के हवाले करने की बात कही है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि जिस शांतिपूर्ण तरीके से वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल ने खुद को कानून के हवाले कर दिया, उसके बाद सरकार को उनके खिलाफ कानून के अनुसार ही कार्रवाई करनी चाहिए। कहा, निर्दोष सिखों पर मुकदमे और उन्हें परेशान करना तुरंत बंद हो।
कानून ताकतवर है
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, एक भगोड़ा कब तक भाग सकता है? कानून ताकतवर है। आतंक व डर फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह जल्दी होता, तो और अच्छा होता।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, एक भगोड़ा कब तक भाग सकता है? कानून ताकतवर है। आतंक व डर फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह जल्दी होता, तो और अच्छा होता।
पिता बोले-अब कानून के हिसाब से लड़ेंगे केस
अमृतसर। पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद अमृतपाल की सलामती के लिए फिक्रमंद रहा परिवार उसकी गिरफ्तारी के बाद तसल्ली में है। पिता तरसेम सिंह ने कहा बेटे के विदेश में संपर्क कोई अपराध नहीं है। अब इस केस को हम कानून के अनुसार लड़ेंगे।
अमृतसर। पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद अमृतपाल की सलामती के लिए फिक्रमंद रहा परिवार उसकी गिरफ्तारी के बाद तसल्ली में है। पिता तरसेम सिंह ने कहा बेटे के विदेश में संपर्क कोई अपराध नहीं है। अब इस केस को हम कानून के अनुसार लड़ेंगे।