पराली पर घमासानः केजरीवाल ने की हरियाणा की सराहना, पंजाब पर दागे सवाल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का एकमात्र कारण पंजाब में जल रही पराली को बताया। इसके अलावा उन्होंने इसके लिए केंद्र को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र पराली के निपटारे के लिए किसानों को मशीनरी उपलब्ध कराने में नाकाम रहा। गुरुवार को चंडीगढ़ में आए केजरीवाल ने अपने दावे को सही बताते हुए सैटेलाइट से जारी एक तस्वीर सार्वजनिक की।
उन्होंने कहा कि इस तस्वीर में आप लाल निशान देख सकते हैं, जिससे पता चलता है कि बठिंडा, अमृतसर समेत पंजाब के अधिकतर हिस्सों में पराली जलाई जा रही है। इसमें हरियाणा के एक छोटे हिस्से में भी लाल निशान है, लेकिन इसकी भूमिका सीमित है। उन्होंने हरियाणा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार यहां पराली जलने की घटनाएं कम हुई हैं। केजरीवाल ने कहा कि ये गंभीर मुद्दा है। सिर्फ बयानबाजी के बजाए वैज्ञानिकों तथ्यों पर बात करते हुए इस समस्या से निपटने का प्रयास पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को करना होगा।
हरियाणा-पंजाब के मुख्यमंत्रियों से केजरी का सवाल
हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से सवाल दागते हुए केजरीवाल ने कहा कि हम पिछले एक साल से दिल्ली के प्रदूषण पर काम कर रहे हैं। सालभर प्रदूषण का स्तर 150 से 200 प्वाइंट के बीच रहता है, लेकिन अचानक 25 अक्तूबर के बाद प्रदूषण का स्तर 400 प्वाइंट तक छूने लगता है और 20 नवंबर तक ऐसे ही हालात रहते हैं। केजरीवाल ने कहा कि दोनों मुख्यमंत्री ये बता दें कि आखिरकार इन दिनों में दिल्ली में ऐसा क्या हो जाता है कि प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदूषण ट्रैफिक या उद्योगों का नहीं, बल्कि इस दौरान जलने वाली इस पराली का होता है।
एसवाईएल पर ‘आप’ का दामन बचाया, भाजपा-कांग्रेस को घेरा
केजरीवाल ने कहा कि हमने कभी पंजाब में ऐसा नहीं कहा कि एसवाईएल का पानी हरियाणा को नहीं देंगे। यह मुद्दा ऐसा है जो या तो मिल-बैठकर आपसी सहमति से निपट सकता है, या फिर सुप्रीम कोर्ट ही संविधान के मुताबिक इसे निपटा सकता है। आम आदमी पार्टी तो अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। मगर वे प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि जब पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार थी और अब हरियाणा व केंद्र में भी भाजपा सरकार है, तब वे यह मसला क्यों हल नहीं करवा पाए।