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Hindi News ›   Chandigarh ›   Karwa Chauth 2022: Know the Karwa Chauth Moon Time in Chandigarh

Karwa Chauth 2022: करवा चौथ पर चंद्राधि योग, जानें शुभ मुहूर्त, चंडीगढ़ में कब निकलेगा चंद्रमा?

Thu, 13 Oct 2022 05:16 PM IST
ajay kumar नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 13 Oct 2022 05:16 PM IST
सार

डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि इस वर्ष करवा चौथ चंडीगढ़ की सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद शुभ और खास है। हर प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होंगी क्योंकि चंडीगढ़ की राशि मीन है। मीन का स्वामी गुरु है।

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Karwa Chauth 2022: Know the Karwa Chauth Moon Time in Chandigarh
Karwa Chauth 2022: - फोटो : सभी फोटो- अमर उजाला

विस्तार

सुहागिन महिलाओं का महापर्व करवा चौथ गुरुवार को है। करवा चौथ पर इस बार चंद्राधि योग बन रहा है। यह सुख, शांति, ऐश्वर्य और सौभाग्य प्रदान करने वाला है। चंद्रोदय रात 8 बजकर छह मिनट पर है। इस समय लग्न और राशि वृष है। साथ ही रोहिणी नक्षत्र का प्रथम चरण है। वृष राशि का स्वामी शुक्र है। करवा चौथ चंद्रोदय का व्रत है। चंद्रमा नारी जाति का प्रतिनिधित्व करता है। यह ग्रहों के सेनापति मंगल के साथ उच्च का होकर लग्न में विराजमान है। 

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चंद्रमा लग्न में मंगल के विराजमान होने से चंद्राधि योग बन रहा है। यह बात करवा चौथ की पूर्व संध्या पर सेक्टर- 30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कही।
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उन्होंने कहा कि लग्न का स्वामी शुक्र भी स्त्री कारक है जो सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना से व्रत करती हैं। इन दोनों ग्रहों के शुभ होने के कारण सुख, शांति, सौभाग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। सप्तम स्थान में दांपत्य जीवन का कारक है। उस पर चंद्रमा की दृष्टि है इसलिए यह व्रत पति पत्नी को अनेक प्रकार के सौभाग्य प्रदान करने वाला है। 




इस करवाचौथ में गुड़ दान करना बेहतर रहेगा
पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि चंद्रमा के उदय होने पर जोत जलाकर पान के पत्ता पर शक्कर मिला हुआ दूध से अर्घ्य देना चाहिए। करवा चौथ में शिव परिवार का पूजन का विशेष महत्व है। इसका मुख्य कारण यह है कि चौथ व्रत गणेश जी का होता है। और शिवजी चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किए हैं। चंद्रमा और शुक्र का रंग सफेद है। भगवान शिव जी भी कर्पूर रंग के हैं। 



उन्होंने कहा कि इस करवाचौथ में गुड़ दान करना बेहतर रहेगा क्योंकि इस बार मंगल चंद्रमा के साथ लग्न में है। सुबह स्नान कर शिव परिवार का विधिपूर्वक पूजन करें और सूर्यास्त के समय कथा श्रवण करें। देवालय पूजक परिषद के संरक्षक और सेक्टर- 28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने और अध्यक्ष डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि इस वर्ष करवा चौथ चंडीगढ़ की सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद शुभ और खास है। हर प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होंगी क्योंकि चंडीगढ़ की राशि मीन है। मीन का स्वामी गुरु है। इस व्रत के अधिष्ठाता देवता श्री गणेश, शिव एवं पार्वती हैं। सूर्योदय से लेकर के शाम को चंद्र दर्शन तक निराहार व निर्जल रहकर महिलाएं यह व्रत करती हैं। रात्रि में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही इस व्रत का पारण किया जाता है। कन्याएं भी अपने भविष्य में सुंदर घर वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। करवा चौथ की कथा सुनना आवश्यक है। 

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