उपराष्ट्रपति ने रखी करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला, वैंकेया नायडू बोले- आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे
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शिलान्यास के लिए भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। समारोह में उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के साथ पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर, सीएम कैप्टन अमिरंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, कैबिनेट मंत्री सुखिजंदर सिंह रंधावा, कैबिनेट विजय इंद्र सिंगला, सुखबीर सिंह बादल, पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ समेत अन्य कई राजनीतिक शख्सियतें उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जो बात कही है, उसे मैं साफ शब्दों में समझाना चाहूंगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हम न तो आतंकवाद को बर्दाश्त करेंगे और न ही अपने लोगों को मरने देंगे। ये कोई तरीका नहीं कि अपने स्वार्थ के लिए आप दूसरों की जिंदगी बर्बाद करें। दूसरों की जान लें, खून खराबा करें। दोनों ओर से शांति बनी रहे, जरूरी है कि हम इस नेक काम में मिलकर सहयोग करें।
I must tell what Punjab CM said, that we can't allow terrorism&can't let innocents die, this isn't going to help, it's not the way; it must be understood. That’s why let this be the start of this great event: VP Venkaiah Naidu at the foundation ceremony of the #KartarpurCorridor pic.twitter.com/mQWk8KsWIw
— ANI (@ANI) November 26, 2018
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान को खुली चेतावनी दे डाली
कैप्टन ने कहा कि कौन सी सेना पठानकोट और अमृतसर में लोग भेजकर हमला करने को कहती है। मैं पाकिस्तान को चेतावनी देना चाहता हूं कि हम पंजाबी हैं और हम आपको अपने देश का माहौल खराब करने नहीं देंगे। अगर फिर भी ऐसा किया गया, तो मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
#WATCH I am warning you(Pakistan Army Chief Qamar Bajwa), we are also Punjabis, you will not be allowed to enter here and vitiate the atmosphere: Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh pic.twitter.com/ACk82SYHRg
— ANI (@ANI) November 26, 2018
वहीं कार्यक्रम से पहले ही पंजाब सरकार में मंत्री एसएस रंधावा ने एक गजब का कारनामा कर दिया। मंत्री ने नींव पत्थर पर लिखे अपने नाम और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम पर काली टेप लगा दी। इस समय सरकार के मंत्री विरोध स्वरूप स्टेज के सामने बैठे हैं और विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। ऐसा करने का कारण पूछे जाने पर मंत्री रंधावा ने बताया कि नींव पत्थर पर प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल के नाम के विरोध में उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि नींव पत्थर पर उनके नाम क्यों हैं? वे इसका हिस्सा नहीं हैं और न ही ये अकाली और बीजेपी का इवेंट है।
Punjab Minister SS Randhawa puts black tape on his,CM&other Punjab ministers' names on foundation stone.Says 'I did this in protest against Parkash&Sukhbir Badal's names on stone. Why is their name here? They are not part of executive, its not BJP-Akali event' #KartarpurCorridor pic.twitter.com/SoLhVIPWxI
— ANI (@ANI) November 26, 2018
क्यों खास है करतारपुर साहिब
करतारपुर साहिब भारतीय सीमा से कुछ किलोमीटर दूर पाकिस्तान में है। यहां हर साल काफी श्रद्धालु आते हैं। लंबे समय से एक कॉरिडोर बनाकर इसे भारत के गुरदासपुर से जोड़ने की मांग हो रही थी। गुरुवार को भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में कॉरिडोर बनाने की बात कही थी। अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से पाक सीमा तक कॉरिडोर बनाया जाएगा।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर उस वक्त सियासत गरमाई थी, जब नवजोत सिद्धू जुलाई में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में गए थे। इस दौरान उनके पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से गले मिलने पर विवाद हुआ। सिद्धू ने अपने बचाव में कहा था कि जब बाजवा ने उनसे करतारपुर का रास्ता खोलने की बात कही, तभी उनसे गले मिला। इसके बाद सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस मामले में पत्र लिखकर करतारपुर का रास्ता खोलने की मांग की थी।
करतारपुर साहिब को लेकर लिए गए सरकार के फैसले
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब श्रद्धालु पाकिस्तान जाकर दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए डेरा बाबा नानक से लेकर अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक गुरुद्वारा दरबार सिंह करतारपुर साहिब के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा, यह 3 किलोमीटर का होगा। इसका पूरा खर्चा केंद्र सरकार उठाएगी। पाकिस्तान में गुरुद्वारा तक जाने के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों को बिना वीजा के एंट्री दी जाएगी। सुल्तानपुर लोधी को हेरीटेज सिटी बनाया जाएगा, जिसका नाम 'पिंड बाबे नानक दा' रखा जाएगा।
गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी में 'सेंटर फॉर इंटरफेथ स्टडीज़' का निर्माण किया जाएगा। ब्रिटेन और कनाडा की दो यूनिवर्सिटियों में इस सेंटर के नाम के साथ नई पीठ स्थापित की जाएगी। गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर खास डाक टिकट और सिक्के जारी किए जाएंगे।