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Hindi News ›   Chandigarh ›   Kapurthala Rail Coach Factory fails to deliver even one train set of Vande Bharat Train

Punjab: 32 ट्रेनों का था लक्ष्य, एक भी डिलीवर नहीं कर सकी कपूरथला रेल कोच फैक्टरी, कैसे दौड़ेंगी 75 वंदे भारत?

Tue, 30 May 2023 08:10 PM IST
ajay kumar पीटीआई, चंडीगढ़
पीटीआई, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 30 May 2023 08:10 PM IST
सार

मई से सितंबर 2022 तक पहियों के उत्पादन में कमी की वजह से 87 कोचों का निर्माण नहीं हो पाया। वहीं बीएचईएल द्वारा इलेक्ट्रिक्स की आपूर्ति में देरी के कारण मेमू रैक के उत्पादन में कमी आई है। 

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Kapurthala Rail Coach Factory fails to deliver even one train set of Vande Bharat Train
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी इस साल एक भी वंदे भारत ट्रेन को डिलीवर नहीं कर सकी है। जबकि रेलवे ने इस साल 32 ट्रेनों के उत्पादन का लक्ष्य रखा था। दस्तावेजों से पता चला है कि यूनिट ने अपने आपूर्तिकर्ताओं पर विद्युत उपकरणों को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। 

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केंद्र सरकार की अगस्त 2024 तक 75 वंदे भारत ट्रेन देशभर में चलाने की योजना है। मगर कपूरथला रेल कोच फैक्टरी की शिथिलता से बड़ा झटका लग सकता है। कोच फैक्ट्री न केवल वंदे भारत ट्रेनों के उत्पादन के अपने लक्ष्य से पीछे है बल्कि कुल मिलाकर सभी प्रकार के कोचों के उत्पादन में भी कमी आई।
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कारखाने में वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में उत्पादन में बड़ी कमी देखी गई। 1,885 के लक्ष्य के मुकाबले फैक्टरी ने 1,478 कोचों का निर्माण किया। वहीं मार्च 2023 तक 256 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 153 3HP मेमू ट्रेनों का निर्माण किया जा सका है। वहीं एलएचबी कोचों का उत्पादन भी लक्ष्य से कम रहा है। 1,520 के लक्ष्य के मुकाबले 1,325 कोचों का ही निर्माण हो सका है।

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अधिकारियों ने कहा कि कारखाने में वंदे भारत ट्रेनों का उत्पादन सितंबर 2024 तक शुरू होने की संभावना है। इस साल रेलवे बोर्ड ने आरसीएफ कपूरथला को 64 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का लक्ष्य दिया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरसीएफ ने वंदे भारत ट्रेनों के लिए फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय रोलिंग स्टॉक निर्माता एल्सटॉम द्वारा भेजे गए डिजाइन को मंजूरी देने की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की है। 92 डिजाइनों में से केवल चार को मंजूरी दी गई है।

उधर, रेल फैक्टरी ने उत्पादन में देरी की कई वजह बताई है। दस्तावेज के अनुसार कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके कारण सीट-बर्थ, 60 केवीए ट्रांसफॉर्मर, स्विच बोर्ड कैबिनेट की आपूर्ति में कमी आई है। पहियों के उत्पादन में कमी भी एक बड़ी वजह रही है।

मई से सितंबर 2022 तक पहियों के उत्पादन में कमी की वजह से 87 कोचों का निर्माण नहीं हो पाया। वहीं बीएचईएल द्वारा इलेक्ट्रिक्स की आपूर्ति में देरी के कारण मेमू रैक के उत्पादन में कमी आई है। 

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