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लंका नहीं, हमें अयोध्या चाहिए, जानें ऐसा क्यों बोल गए राज्यपाल

Sat, 08 Apr 2017 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 08 Apr 2017 12:06 AM IST
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kaptan singh solanki on smart city
हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी - फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी बना रहे हो इसे लंका मत बना देना। हमें अयोध्या चाहिए। जो हमें दुख न दे। लंका को जलानी पड़ेगी। ये बातें शुक्रवार को हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने जेडबल्यू मेरियट में आयोजित सेमिनार के उद्घाटन के बाद कहीं। उनका आशय यह था कि शहर का विकास सेहत की कीमत पर न हो और सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूरती बनी रहे। 
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चंडीगढ़ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, हाउसिंग बोर्ड और नगर निगम की ओर से इन्वायरमेंट डेवलपमेंट इन सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर इंडियन बिल्डिंग्स कांग्रेस की दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि सतत विकास के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। कोई भी विकास यदि सेहत की कीमत पर होता है तो वह ठीक नहीं है। स्वास्थ्य की रक्षा करना जरूरी है। स्वास्थ्य नहीं तो कुछ भी नहीं।
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उन्होंने कहा कि खांसता डॉ्क्टर के पास कोई नहीं जाएगा। ईश्वर ने हमें सब कुछ दिया है। अपनी प्रगति से डिप्रेशन आता है तो वह प्रगति किस काम की। उन्होंने कहा कि किसके कारण से प्रदूषण आता है। इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विकास करो लेकिन सेहत की कीमत पर नहीं।
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जिससे खुशी मिलती है उसे भूल जाते हैं

kaptan singh solanki on smart city
हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी - फोटो : अमर उजाला
कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि जिससे खुशी मिलती है उसे भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग बनाई जाए लेकिन ध्यान यह रहे कि पर्यावरण का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि केवल घर ही नहीं अन्य चीजें भी हैं जो सुख देते हैं। चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार और इंडियन बिल्डिंग्स कांग्रेस के प्रेसिडेंट परिमल रॉय ने अपने भाषण के अंत में कहा था कि नेचर से पंगा मत लेना का समर्थन करते हुए सोलंकी ने कहा कि डिप्रेशन में हैं तो कलकल झरना के पास जाइए डिप्रेशन ठीक होता है।

सेमिनार को प्रशासन के चीफ इंजीनियर आईबीसी चंडीगढ़ चैप्टर के चेयरमैन मुकेश आनंद, नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा, हउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस, आईबीसी के फाउंडर प्रेसिडेंट ओपी गोयल, आईबीसी के सेक्रेटरी प्रदीप मित्तल सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे।

एडवाइजर परिमल राय ने कहा कि बिल्डंग के बाहर के साथ साथ अंदर का भी वातावरण बरकरार रखना जरूरी है। उन्होंने एनर्जी सेविंग पर चर्चा की। उन्होंने सोलर पावर को प्रमोट करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ रहेंगे तो ठीक रहेगा अन्यथा उत्तराखंड की त्राषदी, चेन्नई और जेएंडके का फ्लड देख चुके हैं। इसलिए नेचर से पंगा मत लेना। इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन के साथ साथ आइबीसी की 25 वर्षों की उपब्धियों के बारे में छापी गई किताब का भी विमोचन राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने किया।
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