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जूनियर कोच यौन शोषण मामला: हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ केस की सुनवाई सेशंस कोर्ट में करने की मांग
Wed, 11 Oct 2023 08:41 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 11 Oct 2023 08:41 AM IST
सार
संदीप सिंह के खिलाफ महिला कोच की ओर की शिकायत पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 342, 354ए, 354बी, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया था। जिस समय यह केस दर्ज हुआ था, उस वक्त आरोपी संदीप सिंह हरियाणा के खेल मंत्री थे।
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हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली कोच ने अदालत में पांच अलग-अलग मांगों को लेकर याचिका दाखिल की है। अपनी पहली याचिका में पीड़िता ने कहा है कि आरोपी मंत्री के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में केस दर्ज किया गया था, इसलिए केस की सुनवाई मजिस्ट्रेट कोर्ट के बजाय सेशंस कोर्ट में की जाए।
पीड़िता के वकील समीर सेठी और दीपांशु बंसल ने दायर अर्जी में कहा है कि महिला कोच के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया था, यह आरोप पीड़िता ने थाने से लेकर अदालत तक में अपने बयानों में लगाए, इसलिए भी केस की सुनवाई मजिस्ट्रेट नहीं बल्कि सेशंस कोर्ट में चलनी चाहिए।
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दूसरी याचिका में पीड़िता के वकील ने अदालत से मांग की है कि इस केस की सुनवाई प्रतिदिन होनी चाहिए। तीसरी याचिका में सीआरपीसी की धारा 173 के तहत अंतिम रिपोर्ट की प्रति पूरे दस्तावेजों के साथ उपलब्ध करवाए जाने की मांग की गई है।
वहीं, चौथी याचिका उन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 228-ए, 499, 500 के तहत कार्रवाई करने के लिए है, जिन्होंने प्रेसवार्ता कर पीड़ित जूनियर महिला कोच का नाम उजागर किया और उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम किया। पांचवीं याचिका इसलिए है कि मंत्री संदीप सिंह को प्रदान की गई जमानत पर शर्तें लगाईं जाए। बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।
यह था मामला...
संदीप सिंह के खिलाफ महिला कोच की ओर की शिकायत पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 342, 354ए, 354बी, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया था। जिस समय यह केस दर्ज हुआ था, उस वक्त आरोपी संदीप सिंह हरियाणा के खेल मंत्री थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जांच के एसआईटी गठित कर दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने उनको गिरफ्तार नहीं किया था। मामले में 8 महीने बाद केस की जांच कर रही एसआईटी की ओर से चीफ जूडीशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अमन इंदर सिंह की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
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पीड़िता के वकील समीर सेठी और दीपांशु बंसल ने दायर अर्जी में कहा है कि महिला कोच के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया था, यह आरोप पीड़िता ने थाने से लेकर अदालत तक में अपने बयानों में लगाए, इसलिए भी केस की सुनवाई मजिस्ट्रेट नहीं बल्कि सेशंस कोर्ट में चलनी चाहिए।
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दूसरी याचिका में पीड़िता के वकील ने अदालत से मांग की है कि इस केस की सुनवाई प्रतिदिन होनी चाहिए। तीसरी याचिका में सीआरपीसी की धारा 173 के तहत अंतिम रिपोर्ट की प्रति पूरे दस्तावेजों के साथ उपलब्ध करवाए जाने की मांग की गई है।
वहीं, चौथी याचिका उन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 228-ए, 499, 500 के तहत कार्रवाई करने के लिए है, जिन्होंने प्रेसवार्ता कर पीड़ित जूनियर महिला कोच का नाम उजागर किया और उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम किया। पांचवीं याचिका इसलिए है कि मंत्री संदीप सिंह को प्रदान की गई जमानत पर शर्तें लगाईं जाए। बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।
यह था मामला...
संदीप सिंह के खिलाफ महिला कोच की ओर की शिकायत पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 342, 354ए, 354बी, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया था। जिस समय यह केस दर्ज हुआ था, उस वक्त आरोपी संदीप सिंह हरियाणा के खेल मंत्री थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जांच के एसआईटी गठित कर दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने उनको गिरफ्तार नहीं किया था। मामले में 8 महीने बाद केस की जांच कर रही एसआईटी की ओर से चीफ जूडीशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अमन इंदर सिंह की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।