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शोध में रूचि के आगे नौकरी नहीं बन पाई पाधा
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चंडीगढ़। अगर कुछ करने की चाह हो तो हर बाधा पार हो जाती है। पीयू में दीक्षांत समारोह के दौरान कई सदस्यों ने इस बात को सच साबित किया। अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत रहते हुए शोध में रुचि के चलते शोधार्थियों ने पीएचडी पूरी की और अपने सपने को सच कर दिखाया। दीक्षांत समारोह के दौरान वाइस चांसलर, पंजाब-हरियाणा-हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में एनसीसी के एडीजी, लाइब्रेरियन और शिक्षकों ने पीएचडी की डिग्री हासिल की। पीयू कुलपति प्रोफेसर राजकुमार की ओर से शोधार्थियों को डिग्रियां भेंट की गईं।
53 वर्ष की उम्र में एडीजी राजीव छिब्बर को मिली पीएचडी डिग्री
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के एसीसी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल राजीव छिब्बर ने 53 वर्ष की उम्र में शुक्रवार को पीएचडी डिग्री हासिल की। अमृतसर निवासी राजीव छिब्बर ने डिफेंस स्टडीज विभाग में 2015 में पीएचडी के लिए भर्ती हुए थे और वर्ष 2021 में उन्होंने थिसिस जमा की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना में सेवाओं के दौरान भी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 1999 में एमएससी पूरी करने के बाद वर्ष 2010 में एमफिल की। मेरी चाह थी कि मैं पीएचडी करूं और आज ये सपना भी पूरा हुआ।
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के वीसी ने 64 वर्ष में शोध में की पीएचडी
महाराजा भूपिंदर सिंह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पटियाला के वाइस चांसलर 64 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल जेएस चीमा ने शोध में रुचि के चलते पीएचडी पूरी की और शुक्रवार को डिग्री हासिल की। वीसी जेएस चीमा ने बताया कि वर्ष 2017 में आर्मी से सेवानिवृत्त हुए थे। आर्मी में काम करते हुए भी इच्छा थी कि अपने सैन्य ज्ञान को राजनीतिक, सामाजिक और दार्शनिक पहलुओं से जोड़कर शोध करूं। मेरे शोध का विषय ‘एनालिसिस फॉर डिसिजन मेकिंग इन वार’ था। वर्ष 2015 में पीयू के डिफेंस स्टडीज में पीएचडी के लिए भर्ती हुआ और वर्ष 2019 में थिसिस जमा की।
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अस्सिटेंट लाइब्रेरियन रहते हुए पूरी की पीएचडी
एसी जोशी लाइब्रेरी में अस्सिटेंट लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत डॉ. अनिल कुमार को भी शुक्रवार को पीएचडी डिग्री भेंट की गई। डॉ. अनिल ने बताया कि पिछले 9 वर्ष से पीयू में लाइब्रेरी अस्सिटेंट के पद पर कार्यरत हूं। पढ़ाई में रुचि थी और शोध करना चाहता था, इसलिए वर्ष 2015 में पीएचडी के लिए भर्ती हुआ। वर्ष 2022 में लाइब्रेरी इंर्फोमेशन साइंसेज के डॉ प्रीति महाजन के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। पीएचडी में पांच राज्यों के 9 यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी की सर्विस क्वालिटी पर शोध किया है।
पीयू में शिक्षक को मिली पीएचडी की डिग्री
पंजाब यूनिवर्सिटी के भी बहुत से शिक्षकों को शुक्रवार को पीएचडी की डिग्री मिली। इसमें डॉ. सुच्चा सिंह, डॉ. गौरव सापरा, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. राज कुमारी, डॉ. सरप्रीत कौर, डॉ. माखन सिंह, डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. जगेत सिंह, डॉ. पूनम सूद, डॉ. सीमा, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अजय डोगरा, डॉ. मंजू श्री, डॉ. रविंदर कौर, डॉ. मनिंदर कौर, डॉ. हरजीत कौर, डॉ. सिमरन कौर और डॉ. जसविंदर मेहता को पीएचडी डिग्री भेंट की गई।
एसडी कॉलेज के 25 शिक्षकों को मिली पीएचडी डिग्री
एसडी कॉलेज-32 के भी 25 शिक्षकों को शुक्रवार को पीएचडी डिग्री मिली है। इसमें डॉ. सुमिता सिक्का, डॉ. जसविंदर कौर, डॉ. पूर्वा त्रिखा, डॉ. मेनका गोस्वामी, डॉ. अर्चना गोयल, डॉ. शमिंदर सिंह, डॉ. रूपिंदर औलख, डॉ. सोनू भाटिया, डॉ. आयुषी जैन, डॉ. पूजा अग्रवाल, डॉ. अंकुश, डॉ. अग्रिम वर्मा, डॉ. मालविका वालिया, डॉ. सुनीता पाणिग्रही, डॉ. पुनीत, डॉ. सुखवीर कौर, डॉ. गीतिका शर्मा, डॉ. हीना परवीन, डॉ. राजकुमार, डॉ. स्नेहलता, डॉ. करण गांधी, डॉ. कृतिका राणा, डॉ. रतिका शर्मा, डॉ. रवनीत गिल और डॉ. कविता चौधरी शामिल हैं।
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53 वर्ष की उम्र में एडीजी राजीव छिब्बर को मिली पीएचडी डिग्री
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के एसीसी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल राजीव छिब्बर ने 53 वर्ष की उम्र में शुक्रवार को पीएचडी डिग्री हासिल की। अमृतसर निवासी राजीव छिब्बर ने डिफेंस स्टडीज विभाग में 2015 में पीएचडी के लिए भर्ती हुए थे और वर्ष 2021 में उन्होंने थिसिस जमा की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना में सेवाओं के दौरान भी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 1999 में एमएससी पूरी करने के बाद वर्ष 2010 में एमफिल की। मेरी चाह थी कि मैं पीएचडी करूं और आज ये सपना भी पूरा हुआ।
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स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के वीसी ने 64 वर्ष में शोध में की पीएचडी
महाराजा भूपिंदर सिंह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पटियाला के वाइस चांसलर 64 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल जेएस चीमा ने शोध में रुचि के चलते पीएचडी पूरी की और शुक्रवार को डिग्री हासिल की। वीसी जेएस चीमा ने बताया कि वर्ष 2017 में आर्मी से सेवानिवृत्त हुए थे। आर्मी में काम करते हुए भी इच्छा थी कि अपने सैन्य ज्ञान को राजनीतिक, सामाजिक और दार्शनिक पहलुओं से जोड़कर शोध करूं। मेरे शोध का विषय ‘एनालिसिस फॉर डिसिजन मेकिंग इन वार’ था। वर्ष 2015 में पीयू के डिफेंस स्टडीज में पीएचडी के लिए भर्ती हुआ और वर्ष 2019 में थिसिस जमा की।
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अस्सिटेंट लाइब्रेरियन रहते हुए पूरी की पीएचडी
एसी जोशी लाइब्रेरी में अस्सिटेंट लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत डॉ. अनिल कुमार को भी शुक्रवार को पीएचडी डिग्री भेंट की गई। डॉ. अनिल ने बताया कि पिछले 9 वर्ष से पीयू में लाइब्रेरी अस्सिटेंट के पद पर कार्यरत हूं। पढ़ाई में रुचि थी और शोध करना चाहता था, इसलिए वर्ष 2015 में पीएचडी के लिए भर्ती हुआ। वर्ष 2022 में लाइब्रेरी इंर्फोमेशन साइंसेज के डॉ प्रीति महाजन के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। पीएचडी में पांच राज्यों के 9 यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी की सर्विस क्वालिटी पर शोध किया है।
पीयू में शिक्षक को मिली पीएचडी की डिग्री
पंजाब यूनिवर्सिटी के भी बहुत से शिक्षकों को शुक्रवार को पीएचडी की डिग्री मिली। इसमें डॉ. सुच्चा सिंह, डॉ. गौरव सापरा, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. राज कुमारी, डॉ. सरप्रीत कौर, डॉ. माखन सिंह, डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. जगेत सिंह, डॉ. पूनम सूद, डॉ. सीमा, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अजय डोगरा, डॉ. मंजू श्री, डॉ. रविंदर कौर, डॉ. मनिंदर कौर, डॉ. हरजीत कौर, डॉ. सिमरन कौर और डॉ. जसविंदर मेहता को पीएचडी डिग्री भेंट की गई।
एसडी कॉलेज के 25 शिक्षकों को मिली पीएचडी डिग्री
एसडी कॉलेज-32 के भी 25 शिक्षकों को शुक्रवार को पीएचडी डिग्री मिली है। इसमें डॉ. सुमिता सिक्का, डॉ. जसविंदर कौर, डॉ. पूर्वा त्रिखा, डॉ. मेनका गोस्वामी, डॉ. अर्चना गोयल, डॉ. शमिंदर सिंह, डॉ. रूपिंदर औलख, डॉ. सोनू भाटिया, डॉ. आयुषी जैन, डॉ. पूजा अग्रवाल, डॉ. अंकुश, डॉ. अग्रिम वर्मा, डॉ. मालविका वालिया, डॉ. सुनीता पाणिग्रही, डॉ. पुनीत, डॉ. सुखवीर कौर, डॉ. गीतिका शर्मा, डॉ. हीना परवीन, डॉ. राजकुमार, डॉ. स्नेहलता, डॉ. करण गांधी, डॉ. कृतिका राणा, डॉ. रतिका शर्मा, डॉ. रवनीत गिल और डॉ. कविता चौधरी शामिल हैं।