जेएनयू: 'तुमसे अच्छी तवायफें, जो जिस्म बेचती हैं देश नहीं’
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जेएनयू दिल्ली में कुछ छात्र-छात्राओं की ओर से भारत विरोधी नारे लगाए जाने के मामले में शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी जवाहर यादव ने एक विवादास्पद ट्वीट कर भारत विरोधी नारेबाजी में शामिल छात्राओं की तुलना तवायफों से कर दी। यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘जेएनयू में जो लड़कियां देशद्रोही नारेबाजी कर रही थीं उनके लिए सिर्फ यही कहूंगा कि तुमसे अच्छी तवायफें होती हैं जो जिस्म बेचती हैं देश नहीं।’
यादव के इस ट्वीट को कांग्रेस ने अमर्यादित बताया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रण सिंह मान ने कहा कि जेएनयू में जो कुछ हुआ, वह पूरी तरह से गलत था। लेकिन भाजपा नेताओं को छात्राओं के प्रति मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए।
जवाहर यादव के इस ट्वीट को जहां कुछ लोगों ने पसंद किया, वहीं कुछ लोगों ने रिट्वीट करते हुए इसकी आलोचना भी की। यादव के इस ट्वीट पर जल्दी ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। करीब दो घंटे बार यादव अपने बयान से पलट गए और उन्होंने ट्वीट कर अपने बयान का गलत मतलब निकाले जाने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं।
जवाहर यादव ने विवादित ट्वीट डिलिट कर मांगी माफी
जवाहर यादव ने अपने विवादित ट्वीट को डिलिट करते हुए माफी मांगी। उनके ट्वीट को लेकर करीब दो घंटे तक सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और आलोचनाओं के बीच यादव ने लगातार दो नए ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मेरे किए गए ट्वीट के गलत भावार्थ निकाले गए इसलिए मैं अपने बयान को वापस लेता हूं। मेरा उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।’
यादव ने इस पूरे मामले में उक्त ट्वीट लिखे जाने से पहले एक अन्य ट्वीट के जरिए सफाई देने की भी कोशिश की। उन्होंने लिखा, ‘मेरे द्वारा किए गए पिछले ट्वीट में किसी भी छात्रा की तुलना तवायफ से नहीं की गई है। बल्कि जो बहन और बेटियां मजबूरीवश वेश्यावृत्ति अपनाने पर मजबूर हो जाती हैं उन्हें उन लड़कियों से बेहतर बताया गया है, जो जेएनयू के कैंपस में देशद्रोही नारे, पाकिस्तान जिंदाबाद, कश्मीर केरल को आजादी दो के नारे लगा रही थीं। वे वेश्याएं और तवायफें, बहन-बेटियां भी उनसे बेहतर हैं, जो मजबूरीवश अपना शरीर तो बेच देती हैं, लेकिन भारत मां को नहीं बेचती।’