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Haryana: भाजपा मंत्री के सामने जजपा MLA रामकरण काला बोले- किसानों पर लाठीचार्ज गलत, इस्तीफे का अल्टीमेटम

Wed, 07 Jun 2023 04:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 07 Jun 2023 04:24 PM IST
सार

सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने शुगर मिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद प्रेसवार्ता बुलाई थी। रामकरण काला शुगरफेड के चेयरमैन हैं तो उन्हें भी बुलाया गया था। मंत्री की प्रेसवार्ता के दौरान ही मीडिया ने रामकरण काला से किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर सवाल किया तो उन्होंने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।

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JJP MLA Ramkaran Kala said lathicharge on farmers is wrong
जजपा विधायक रामकरण काला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा-जजपा गठबंधन को लेकर बढ़ती दूरियों के बीच मंगलवार को शाहबाद से जजपा विधायक रामकरण काला ने भाजपा के मंत्री डॉ. बनवारी लाल के सामने शुगरफेड चेयरमैन पद से इस्तीफे की चेतावनी दे डाली। काला ने किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर इस दौरान किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही काला ने ये भी आरोप लगाया कि सीएम के सलाहकार ने जानबूझकर शाहाबाद हलके में लाठीचार्ज कराया है।

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चंडीगढ़ स्थित न्यू सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में काला ने कहा कि ये किसानों पर नहीं बल्कि शाहाबाद के विधायक के सिर पर लाठीचार्ज कराया गया है। यह एक साजिश है, जिसमें सीएम के एक सलाहकार शामिल हैं और वे शाहाबाद हलके में दखलअंदाजी चाहते हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में जजपा विधायक ने कहा कि डेढ़ साल तक किसान दिल्ली की सीमाओं पर जाम लगाए बैठे रहे, तब वहां लाठीचार्ज क्यों नहीं कराया गया और शाहाबाद में दो घंटे में ही किसानों के सिर फोड़ दिए गए। 
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काला ने कहा कि वह इस मामले को लेकर तीन बार मुख्यमंत्री से मिले लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी और 1000 रुपये भावांतर में देने की बात की। इसके बाद वह डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मिले तो उन्होंने भी सीएम से बात की थी।

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उन्होंने कहा कि वह खुले तौर पर किसानों के साथ हैं और मांग करते हैं कि सूरजमुखी की फसल एमएसपी पर खरीदी जाए। साथ ही हिरासत में लिए किसानों को रिहा किया जाए और घायल किसानों को मुआवजा दिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह शुगरफेड चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे।

लाठीचार्ज की काला ने की निंदा, मंत्री भी हुए असहज

सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने शुगर मिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद प्रेसवार्ता बुलाई थी। रामकरण काला शुगरफेड के चेयरमैन हैं तो उन्हें भी बुलाया गया था। मंत्री की प्रेसवार्ता के दौरान ही मीडिया ने रामकरण काला से किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर सवाल किया तो उन्होंने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। किसानों पर लाठीचार्ज का मुद्दा लंबा होने के चलते मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी काफी असहज महसूस करते रहे, आखिर में वह प्रेसवार्ता से उठकर चले गए।

एमएसपी पर मंत्री भी नहीं दे पाए सही जवाब

सूरजमुखी की खरीद एमएसपी पर करने को लेकर सहकारिता मंत्री भी सही जवाब नहीं दे पाए। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार सूरजमुखी की फसल एमएसपी पर खरीद रही है और हैफेड इसकी खरीद कर रही है। हालांकि मीडिया ने बार-बार टोका कि किसान एमएसपी पर खरीद की ही मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे भावांतर योजना में शामिल कर रही है। बाद में मंत्री ने कहा कि इस बार कुछ गुणवत्ता का मामला है, इसलिए एमएसपी पर खरीद बंद की है। सरकार इस पर विचार कर रही है।

किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये का घाटा

रामकरण काला ने कहा कि सूरजमुखी का एमएसपी 6400 रुपये है, जबकि हैफेड इसे 4800 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद रही है। अगर भावांतर योजना के तहत 1000 रुपये और जोड़ लिए जाएं तो भी किसान को 600 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान है। किसानों की मांग है कि अगर सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं कर सकती है तो एकमुश्त छह हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद करे। काला का कहना है कि पहले सरकार ने सूरजमुखी का फ्री बीज देकर बुआई कराई, अब खरीद नहीं की जा रही है।

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