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ऐतिहासिक फैसलाः 4 राज्यों में मृत्यु भोज, भ्रूण हत्या, बाल विवाह और डीजे बैन
ब्यूरो/अमर उजाला, सिवानी मंडी(हरियाणा)
Updated Wed, 22 Nov 2017 09:10 AM IST
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खाप पंचायत
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समाज की भलाई के लिए चार राज्यों की एक खाप पंचायत में मिलकर ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत कई प्रथाओं पर बैन लगा दिया गया है। जाट समाज की पिलानिया खाप ने हरियाणा समेत यूपी, राजस्थान और पंजाब में पिलानिया समाज के लोगों के लिए मृत्यु भोज पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी है।
इसके अलावा इस गोत्र के लोगों ने बेटी-बचाओ, बेटी-पढाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए कन्या भ्रूण हत्या, डीजे पर पाबंदी, बाल विवाह पर प्रतिबंध, शादियों में फिजूलखर्ची खत्म करने की शपथ सोमवार को उपमंडल के गांव घंघाला में अखिल भारतीय पिलानिया खाप की एक महापंचायत में ली। समाज के लोगों को शिक्षा का महत्व बताते हुए खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के युवा कम से कम 12वीं पास जरूर हों ताकि समाज की साक्षरता दर बढ़ाई जा सके।
इस दौरान जाट आरक्षण और 4 राज्यों में जाटों की राजनैतिक उपेक्षा का मामला भी उठा। महासम्मेलन में सभी से एकजुट होकर समाज को शिक्षित, संगठित और संघर्षशील रहने का आह्वान किया गया। इस दौरान कई कलाकारों ने लोगों का मनोरंजन भी किया। खाप के आयोजन से पूर्व सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहने वाले गांव के पूर्व सरपंच नरसिंह पिलानियां की मूर्ति स्थापना की गई और उनके समक्ष लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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इसके अलावा इस गोत्र के लोगों ने बेटी-बचाओ, बेटी-पढाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए कन्या भ्रूण हत्या, डीजे पर पाबंदी, बाल विवाह पर प्रतिबंध, शादियों में फिजूलखर्ची खत्म करने की शपथ सोमवार को उपमंडल के गांव घंघाला में अखिल भारतीय पिलानिया खाप की एक महापंचायत में ली। समाज के लोगों को शिक्षा का महत्व बताते हुए खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के युवा कम से कम 12वीं पास जरूर हों ताकि समाज की साक्षरता दर बढ़ाई जा सके।
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इस दौरान जाट आरक्षण और 4 राज्यों में जाटों की राजनैतिक उपेक्षा का मामला भी उठा। महासम्मेलन में सभी से एकजुट होकर समाज को शिक्षित, संगठित और संघर्षशील रहने का आह्वान किया गया। इस दौरान कई कलाकारों ने लोगों का मनोरंजन भी किया। खाप के आयोजन से पूर्व सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहने वाले गांव के पूर्व सरपंच नरसिंह पिलानियां की मूर्ति स्थापना की गई और उनके समक्ष लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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जाट आरक्षण मुद्दे पर की सरकार की खिंचाई
panchayat
श्रद्धांजलि समारोह के बाद महापंचायत में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे जयपुर जिले के आमेर से विधायक नवीन कुमार पिलानिया ने ऐको, चेतो और खुड़कों का नारा देते हुए कहा कि जाट समाज का इतिहास गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक रहा है। जाट आरक्षण पर सरकार की खिंचाई करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा में समाज के लोगों को आज तक कई कुर्बानियां देने के बावजूद आरक्षण नहीं मिला है।
राजस्थान में जाटों को लंबे संघर्ष के बाद आरक्षण मिला था इसलिए हरियाणा में समाज के लोगों को संगठित होकर आरक्षण की लड़ाई को जीत में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी कमजोरियों की वजह से जाट समाज की राजनैतिक विरासत घटती जा रही है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यूपी में जाट समाज का राजनैतिक अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में आज जाट समाज के लोगों को शादी के लिए बहू बिहार से लानी पड़ रही हैं। इसे समाज के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि इसके लिए हमें बेटे की चाह समाप्त करनी होगी और कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना होगा।
महापंचायत में लिए गए ये निर्णय
1. हरियाणा, यूपी, राजस्थान और पंजाब में मृत्यू भोज पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी
2. बाल विवाह पर रोक
3. बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या पर प्रतिबंध
4. पिलानिया बाहुल गांवों में डीजे पर पाबंदी
5. समाज का युवा कम से कम 12वीं तक पढ़े
राजस्थान में जाटों को लंबे संघर्ष के बाद आरक्षण मिला था इसलिए हरियाणा में समाज के लोगों को संगठित होकर आरक्षण की लड़ाई को जीत में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी कमजोरियों की वजह से जाट समाज की राजनैतिक विरासत घटती जा रही है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यूपी में जाट समाज का राजनैतिक अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में आज जाट समाज के लोगों को शादी के लिए बहू बिहार से लानी पड़ रही हैं। इसे समाज के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि इसके लिए हमें बेटे की चाह समाप्त करनी होगी और कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना होगा।
महापंचायत में लिए गए ये निर्णय
1. हरियाणा, यूपी, राजस्थान और पंजाब में मृत्यू भोज पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी
2. बाल विवाह पर रोक
3. बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या पर प्रतिबंध
4. पिलानिया बाहुल गांवों में डीजे पर पाबंदी
5. समाज का युवा कम से कम 12वीं तक पढ़े